क्या फराह खान कॉलेज के दिनों में 'माइकल जैक्सन की फीमेल वर्जन' थीं और आज बॉलीवुड की सबसे बेबाक डायरेक्टर हैं?
सारांश
Key Takeaways
- फराह खान का सफर संघर्ष से सफलता तक का है।
- उन्होंने माइकल जैक्सन को अपना गुरु माना।
- कोरियोग्राफी में उन्होंने 80 से अधिक फिल्मों में काम किया।
- डायरेक्शन में उनकी पहली फिल्म 'मैं हूं ना' सुपरहिट रही।
- उन्हें कई पुरस्कार मिले हैं और उन्होंने बॉलीवुड में एक नई पहचान बनाई।
मुंबई, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड में कई कलाकार अपनी अनोखी पहचान बनाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो अपनी प्रतिभा, मेहनत और खास अंदाज से दर्शकों के दिलों में एक विशेष छाप छोड़ देते हैं। फराह खान उन्हीं में से एक हैं। वह केवल एक कोरियोग्राफर या फिल्म निर्देशक नहीं हैं, बल्कि एक ऐसी शख्सियत हैं जो जहाँ भी जाती हैं, वहां हंसी, मस्ती और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं।
उनके जीवन में अनेकों रोचक बातें हैं, लेकिन सबसे दिलचस्प यह है कि कॉलेज के दिनों में लोग उन्हें माइकल जैक्सनहुनर ने उन्हें बॉलीवुड तक पहुंचा दिया।
फराह खान का जन्म 9 जनवरी 1965 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन में आर्थिक तंगी का सामना किया और इस दौरान उन्हें अपना घर तक बेचना पड़ा। इन कठिनाइयों ने फराह को बचपन से ही मजबूत बना दिया। उन्होंने जल्दी समझ लिया कि अगर जीवन में आगे बढ़ना है, तो मेहनत ही एकमात्र रास्ता है। यही कारण है कि उन्होंने हर चुनौती का सामना हिम्मत से किया।
फराह की जिंदगी डांस से बहुत जल्दी जुड़ गई थी। लेकिन रोचक बात यह है कि उन्होंने कभी किसी डांस क्लास में दाखिला नहीं लिया। उनके असली गुरु माइकल जैक्सन थे, जिनके स्टेप्स को वीडियो में देखकर वह प्रैक्टिस करती थीं और कॉलेज के कार्यक्रमों में प्रदर्शन करती थीं। उनकी परफॉर्मेंस को देखकर लोग उन्हें 'माइकल जैक्सन की फीमेल डांसर' कहकर बुलाते थे।
उनके हर स्टेप्स, बॉडी लैंग्वेज, और अंदाज को देखकर कई कॉलेजों में वह 'माइकल जैक्सन फीमेल डांसर' के नाम से मशहूर हो गई थीं। यह उनके जीवन का पहला मोड़ था, जब लोगों ने उनके भीतर एक असली डांसर की पहचान की।
जब उन्हें पहली बार फिल्मों में कोरियोग्राफी का मौका मिला, तो उन्होंने एक-एक करके ऐसे गानों पर काम किया जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं। उन्होंने 80 से अधिक फिल्मों में 1,000 से ज्यादा गानों की कोरियोग्राफी की। उनके गानों में यह स्पष्ट होता है कि वह डांस को केवल स्टेप्स नहीं मानतीं, बल्कि उसे एक कहानी का हिस्सा मानती हैं। उनकी पूरी कोशिश रहती है कि पूरा गाना फुल फ्रेम में दिखाई दे, कट्स और एडिटिंग में न खो जाए, यह अंदाज उन्हें दूसरों से अलग बनाता है।
कोरियोग्राफी में सफलता के बाद उन्होंने डायरेक्शन की दुनिया में कदम रखा। जैसे ही उन्होंने निर्देशक की कुर्सी संभाली, बॉलीवुड को एक नया स्टाइल मिला। उन्होंने बतौर डायरेक्टर 'मैं हूं ना' फिल्म बनाई, जो सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद 'ओम शांति ओम', 'तीस मार खां' और 'हैप्पी न्यू ईयर' जैसी फिल्में आईं, जिन्होंने उन्हें दर्शकों के बीच और प्रसिद्ध बना दिया। उनकी पहचान एक ऐसी महिला निर्देशक के रूप में बनी जो कैमरे के पीछे भी उतनी ही ऊर्जा और मजाकिया अंदाज लेकर आती हैं, जितनी सामने दिखाई देती हैं।
फराह खान को उनके कार्य के लिए कई पुरस्कार भी मिले हैं। उन्होंने कई फिल्मफेयर अवॉर्ड्स जीते और बॉलीवुड की सबसे सफल महिला कोरियोग्राफर्स और डायरेक्टर्स में शामिल हुईं।