आयशा जुल्का: 'पहला नशा' से बनी 90s की स्टार, 'दलाल' विवाद ने बदल दी बॉलीवुड की राह
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री आयशा जुल्का ने 1992 में आमिर खान के साथ फिल्म 'जो जीता वही सिकंदर' में अंजली के किरदार और उसके कालजयी गीत 'पहला नशा' से बॉलीवुड में जो पहचान बनाई, वह आज भी अमिट है। अक्षय कुमार के साथ 'खिलाड़ी' की नेहा से लेकर मिथुन चक्रवर्ती के साथ 'दलाल' तक — उनका करियर उतार-चढ़ाव का एक दिलचस्प सफर रहा। 'दलाल' से जुड़े एक विवाद ने फिल्म उद्योग में कलाकारों की सहमति और अधिकारों को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी थी।
श्रीनगर से मुंबई तक का सफर
आयशा जुल्का का जन्म 28 जुलाई 1972 को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में हुआ। उनके पिता विंग कमांडर इंदर कुमार जुल्का भारतीय वायुसेना में कार्यरत थे। बचपन से ही फिल्मों के प्रति गहरी रुचि रखने वाली आयशा जब करीब 11 वर्ष की थीं, तब उनका परिवार मुंबई आ गया और यहीं से उनके फिल्मी सफर की नींव पड़ी।
आयशा ने रुपहले पर्दे पर पहली बार 1983 में फिल्म 'कैसे कैसे लोग' में बाल कलाकार के रूप में कदम रखा। 1990 में उन्होंने तेलुगू फिल्म 'नेती सिद्धार्थ' से अभिनेत्री के रूप में शुरुआत की। हिंदी सिनेमा में उनका पहला बड़ा मौका 1991 में सलमान खान के साथ फिल्म 'कुर्बान' से मिला।
'पहला नशा' और स्टारडम का दौर
1992 में प्रदर्शित 'जो जीता वही सिकंदर' ने आयशा जुल्का की किस्मत का रुख पूरी तरह बदल दिया। आमिर खान के साथ उनकी जोड़ी दर्शकों को खूब भाई और फिल्म का गीत 'पहला नशा' आज भी श्रोताओं की जुबान पर है। इस फिल्म के बाद वह 90 के दशक की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में शुमार हो गईं।
इस सफलता के बाद आयशा ने 'खिलाड़ी', 'बलमा', 'वक्त हमारा है', 'रंग', 'संग्राम', 'दलाल', 'चाची 420', 'मसूम' और 'होते होते प्यार हो गया' जैसी एक के बाद एक सफल फिल्मों में काम किया। 'खिलाड़ी' और 'जो जीता वही सिकंदर' — दोनों के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल डेब्यू अवॉर्ड के लिए नामांकन मिला।
'दलाल' विवाद: सहमति का सवाल
1993 में प्रदर्शित फिल्म 'दलाल' आयशा के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक रही, लेकिन इसकी वजह सिर्फ उनका अभिनय नहीं था। रिलीज के बाद आयशा जुल्का ने आरोप लगाया कि फिल्म में एक अंतरंग दृश्य के लिए उनकी सहमति के बिना बॉडी डबल का इस्तेमाल किया गया, जबकि उन्होंने पहले ही ऐसे किसी दृश्य में भाग लेने से स्पष्ट इनकार कर दिया था।
यह विवाद फिल्म उद्योग में काफी चर्चा का विषय बना और इसने कलाकारों की सहमति तथा उनके अधिकारों को लेकर एक महत्त्वपूर्ण बहस को जन्म दिया — एक ऐसा सवाल जो आज भी प्रासंगिक है।
फिल्मों से दूरी और नई ज़िंदगी
90 के दशक के अंत तक आयशा ने धीरे-धीरे फिल्मों की संख्या कम कर दी। उनका कहना था कि उन्हें बार-बार एक जैसे किरदार मिल रहे थे और वह ऐसी भूमिकाएँ चाहती थीं जिनमें उनकी अभिनय प्रतिभा को वास्तविक अवसर मिले। परिवार और निजी जीवन को समय देना भी उनकी प्राथमिकता बन गया।
2003 में आयशा ने व्यवसायी समीर वाशी से विवाह किया। शादी के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाते हुए व्यवसाय और सामाजिक कार्यों की ओर रुख किया। उन्होंने पशु कल्याण के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाई। आयशा और समीर ने गुजरात के दो गाँवों के लगभग 160 बच्चों की शिक्षा और पोषण की जिम्मेदारी उठाई — एक ऐसा कदम जो उनके सामाजिक सरोकार को दर्शाता है।
ओटीटी पर वापसी
कई वर्षों के अंतराल के बाद आयशा जुल्का ने अभिनय जगत में वापसी की। 2022 में उन्होंने वेब सीरीज 'हश हश' से अपना ओटीटी डेब्यू किया। इसके बाद वह 'हैप्पी फैमिली: कंडीशंस अप्लाई' में भी नज़र आईं। उनकी यह वापसी इस बात का प्रमाण है कि डिजिटल मंच ने उन अभिनेत्रियों को नया जीवन दिया है, जिन्होंने मुख्यधारा के सिनेमा से दूरी बना ली थी।