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त्रिपुरा के ऑर्गेनिक उत्पादों को दुबई में मिली धमाकेदार सफलता, 'क्वीन' अनानास और कालीखासा चावल की भारी माँग

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त्रिपुरा के ऑर्गेनिक उत्पादों को दुबई में मिली धमाकेदार सफलता, 'क्वीन' अनानास और कालीखासा चावल की भारी माँग

सारांश

त्रिपुरा के ऑर्गेनिक 'क्वीन' अनानास, कालीखासा चावल और खुशबूदार नींबू ने दुबई के बाज़ार में अपनी धाक जमा ली है। 10 जुलाई को रवाना हुई इस खेप के बाद जर्मनी को 'बर्ड्स आई मिर्च' निर्यात मिलाकर, छोटा पहाड़ी राज्य त्रिपुरा वैश्विक ऑर्गेनिक बाज़ार में तेज़ी से अपनी पहचान बना रहा है।

मुख्य बातें

कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने 14 जुलाई को घोषणा की कि त्रिपुरा के ऑर्गेनिक उत्पादों को दुबई में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है।
निर्यात खेप में 1,300 से अधिक ऑर्गेनिक नींबू , 182 किलो कालीखासा चावल और 350 'क्वीन' अनानास शामिल थे।
उत्पाद 10 जुलाई को दुबई स्थित एक संस्था के माध्यम से GCC देशों को निर्यात किए गए।
वितरक संस्था का नेटवर्क 6 GCC देशों और 85 से अधिक देशों में फैला है।
इससे पहले त्रिपुरा ने जर्मनी को 10,000 किलो ऑर्गेनिक 'बर्ड्स आई मिर्च' निर्यात की थी।
राज्य सरकार वैल्यू एडिशन, सर्टिफिकेशन और ब्रांडिंग के ज़रिए ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दे रही है।

त्रिपुरा के कृषि और किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने मंगलवार, 14 जुलाई को घोषणा की कि राज्य के ऑर्गेनिक कृषि उत्पादों — जिनमें प्रसिद्ध 'क्वीन' अनानास, कालीखासा खुशबूदार चावल और ऑर्गेनिक नींबू शामिल हैं — को दुबई के बाज़ार में ग्राहकों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। अगरतला से उठाई गई यह खेप 10 जुलाई को एक दुबई स्थित वितरण संस्था के माध्यम से खाड़ी देशों को रवाना की गई थी।

निर्यात खेप में क्या था शामिल

इस पहली खेप में 1,300 से अधिक ऑर्गेनिक खुशबूदार नींबू, 182 किलो देसी 'कालीखासा' खुशबूदार चावल और 350 ऑर्गेनिक 'क्वीन' अनानास शामिल थे। ये सभी उत्पाद त्रिपुरा की विभिन्न किसान उत्पादक कंपनियों (FPC) द्वारा आपूर्ति किए गए थे।

मंत्री नाथ ने कहा, 'दुबई के लिए ऑर्गेनिक खुशबूदार नींबू, कालीखासा खुशबूदार चावल और ऑर्गेनिक क्वीन अनानास की इस निर्यात खेप की सफल शुरुआत की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।'

किस संस्था के माध्यम से हुआ निर्यात

मंत्री के अनुसार, दुबई स्थित यह संस्था खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) की सबसे बड़ी पूर्णतः संचालित रिटेल मार्केटिंग संस्थाओं में से एक है, जिसका कारोबार छह GCC देशों में फैला है और खरीद नेटवर्क 85 से अधिक देशों में विस्तृत है। नाथ ने कहा कि इतने बड़े वैश्विक नेटवर्क में त्रिपुरा के उत्पादों का शामिल होना राज्य के लिए गर्व की बात है।

किसानों और राज्य को क्या होगा फायदा

मंत्री ने कहा कि यह सफलता राज्य के किसानों की लगन और कृषि विभाग की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि यूएई में सकारात्मक प्रतिक्रिया से और अधिक किसानों को ऑर्गेनिक खेती अपनाने की प्रेरणा मिलेगी और विदेशी बाज़ारों में राज्य के उच्च-मूल्य बागवानी उत्पादों के लिए नए रास्ते खुलेंगे।

राज्य सरकार वैल्यू एडिशन, सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और मार्केट लिंकेज को मज़बूत करके ऑर्गेनिक खेती को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

त्रिपुरा के बढ़ते निर्यात का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि दुबई निर्यात से पहले त्रिपुरा ने जर्मनी को 10,000 किलो ऑर्गेनिक सूखी 'बर्ड्स आई मिर्च' का निर्यात किया था। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर-पूर्व भारत के राज्य वैश्विक कृषि बाज़ारों में अपनी पहचान बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से कदम उठा रहे हैं।

आने वाले समय में त्रिपुरा के ऑर्गेनिक उत्पादों की वैश्विक पहुँच और विस्तृत होने की उम्मीद है, क्योंकि GCC नेटवर्क के माध्यम से अन्य खाड़ी देशों तक भी इन उत्पादों की आपूर्ति संभव होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह एकमुश्त सफलता एक टिकाऊ निर्यात मॉडल में बदल पाएगी। 1,300 नींबू और 350 अनानास की खेप प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, परंतु मात्रा के लिहाज़ से यह अभी भी बहुत छोटी है। असली परीक्षा FPC की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, ऑर्गेनिक प्रमाणन की निरंतरता बनाए रखने और GCC के प्रतिस्पर्धी बाज़ार में मूल्य-निर्धारण को टिकाऊ रखने में होगी — जहाँ श्रीलंका और केन्या जैसे देश पहले से स्थापित हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा ने दुबई को कौन-से ऑर्गेनिक उत्पाद निर्यात किए?
त्रिपुरा ने दुबई को 1,300 से अधिक ऑर्गेनिक खुशबूदार नींबू, 182 किलो देसी 'कालीखासा' खुशबूदार चावल और 350 ऑर्गेनिक 'क्वीन' अनानास निर्यात किए। ये उत्पाद राज्य की विभिन्न किसान उत्पादक कंपनियों (FPC) द्वारा आपूर्ति किए गए थे।
त्रिपुरा के ऑर्गेनिक निर्यात की खेप कब रवाना हुई?
यह खेप 10 जुलाई को दुबई स्थित एक रिटेल वितरण संस्था के माध्यम से खाड़ी देशों के लिए रवाना की गई थी। कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने स्वयं इसे हरी झंडी दिखाई थी।
त्रिपुरा के किसानों को इस निर्यात से क्या फायदा होगा?
दुबई में सकारात्मक प्रतिक्रिया से अधिक किसानों को ऑर्गेनिक खेती अपनाने की प्रेरणा मिलेगी और उनकी आमदनी बढ़ने की उम्मीद है। GCC के 6 देशों और 85 से अधिक देशों में फैले वितरक नेटवर्क से राज्य के उत्पादों की पहुँच और विस्तृत होगी।
क्या त्रिपुरा ने पहले भी विदेशों को ऑर्गेनिक उत्पाद निर्यात किए हैं?
हाँ, दुबई खेप से पहले त्रिपुरा ने जर्मनी को 10,000 किलो ऑर्गेनिक सूखी 'बर्ड्स आई मिर्च' का सफलतापूर्वक निर्यात किया था। दुबई की यह खेप राज्य के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय निर्यात अभियान की अगली कड़ी है।
त्रिपुरा सरकार ऑर्गेनिक खेती को कैसे बढ़ावा दे रही है?
राज्य सरकार वैल्यू एडिशन, ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और मार्केट लिंकेज को मज़बूत करके किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में काम कर रही है। किसान उत्पादक कंपनियों (FPC) को निर्यात श्रृंखला से जोड़ना इसी रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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