त्रिपुरा बना नॉर्थ-ईस्ट विकास का केंद्र, सोनोवाल बोले — मोदी सरकार के 12 साल में बदली तस्वीर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने रविवार, 14 जून को अगरतला में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में त्रिपुरा पूर्वोत्तर भारत के विकास में एक निर्णायक भागीदार के रूप में उभरा है। उन्होंने राज्य की प्रगति का श्रेय पिछले एक दशक में कनेक्टिविटी, बुनियादी ढाँचे, शासन-व्यवस्था और आर्थिक अवसरों में हुए व्यापक सुधारों को दिया।
यात्रा का उद्देश्य और कार्यक्रम
सोनोवाल केंद्र में मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत त्रिपुरा पहुँचे थे। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने नागरिकों के साथ संवाद कार्यक्रम में भाग लिया, केंद्र सरकार की योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और 'प्रगति पथ यात्रा' में शामिल हुए। इसके अलावा उन्होंने गुरखाबस्ती में निर्माणाधीन उच्च-स्तरीय सरकारी कार्यालय परिसर का निरीक्षण किया और 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधारोपण भी किया।
विकास और सुशासन पर सोनोवाल के विचार
'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' और著名 नागरिकों के साथ संवाद में सोनोवाल ने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की पहचान 'विश्वास, विकास और जन कल्याण' रही है, जिसमें शासन अधिक पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-आधारित और नागरिक-केंद्रित हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व ने भारत को एक संकोची राष्ट्र से आत्मविश्वास से भरे राष्ट्र में रूपांतरित किया है।
सोनोवाल के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में देश के हर कोने — जिसमें पूर्वोत्तर भी शामिल है — में विकास, कल्याण और अवसर पहुँचे हैं। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में निवेश और कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देने का दावा कर रही है।
त्रिपुरा की कनेक्टिविटी और बुनियादी ढाँचे में प्रगति
त्रिपुरा के विकास क्रम का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सड़क, रेलवे, डिजिटल कनेक्टिविटी और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे में सुधार से राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से बेहतर तरीके से जुड़ सका है। उनके अनुसार, जो लक्ष्य कभी कठिन लगते थे, वे अब वास्तविकता बन रहे हैं क्योंकि राज्य विकास और समृद्धि के पथ पर अग्रसर है।
किसानों और कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान
सोनोवाल ने त्रिपुरा के कृषि उत्पादों — विशेष रूप से राज्य के प्रसिद्ध 'क्वीन पाइनएप्पल' — को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही पहचान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी और बाज़ार पहुँच से पूर्वोत्तर क्षेत्र के स्थानीय किसानों को नए बाज़ारों तक पहुँचने का अवसर मिला है, जिससे किसानों और ग्रामीण समुदायों को सीधा लाभ हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि बुनियादी ढाँचे, कनेक्टिविटी और आर्थिक सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करने से पूर्वोत्तर के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में नए द्वार खुले हैं।
आगे की राह
सोनोवाल की यह यात्रा केंद्र सरकार के उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है जिसके तहत पूर्वोत्तर राज्यों में विकास कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने की कोशिश की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि त्रिपुरा की भौगोलिक स्थिति — बांग्लादेश से सटी सीमा और दक्षिण-पूर्व एशिया के करीब — इसे व्यापार और कनेक्टिविटी के लिहाज़ से रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण बनाती है। आने वाले समय में इस क्षेत्र में और अधिक निवेश और परियोजनाओं की उम्मीद जताई जा रही है।