पीएम स्वनिधि योजना रेहड़ी-पटरी वालों को दे रही आर्थिक स्वावलंबन: मनोहर लाल का अगरतला में संबोधन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने रविवार, 31 मई को अगरतला में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के छठे राष्ट्रीय कार्यक्रम को संबोधित किया और लाभार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा भी उपस्थित रहे। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह योजना अब केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं, बल्कि लाखों छोटे विक्रेताओं के जीवन में गहरा सामाजिक-आर्थिक बदलाव ला रही है।
योजना की व्यापक भूमिका
मनोहर लाल ने पीएम स्वनिधि को आर्थिक समावेशन का शक्तिशाली माध्यम बताते हुए कहा कि यह योजना औपचारिक ऋण तक पहुँच बढ़ाने, डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करने और सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के तीन स्तंभों पर टिकी है। उन्होंने कहा, 'यह योजना विक्रेताओं को स्वरोजगार, स्वावलंबन और स्वाभिमान के साथ सशक्त बनाती है। योजना का मुख्य उद्देश्य स्ट्रीट वेंडर्स को आसान और किफायती ऋण उपलब्ध कराना, वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।' गौरतलब है कि योजना शुरू होने के बाद से देशभर में लाखों स्ट्रीट वेंडर्स लाभान्वित हो चुके हैं, जिनमें त्रिपुरा के सैकड़ों लाभार्थी भी शामिल हैं।
तीन राज्यों का पूर्वोत्तर दौरा
मनोहर लाल इन दिनों तीन दिवसीय पूर्वोत्तर दौरे पर हैं, जिसमें मिजोरम, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरे में देश और पूर्वोत्तर क्षेत्र के पिछले 6 वर्षों के विकास की समीक्षा की जा रही है। उनके प्रभार के दो विभागों — विद्युत मंत्रालय और शहरी कार्य मंत्रालय — से जुड़े मुद्दों पर राज्य-वार समीक्षा बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं।
त्रिपुरा के विकास प्रयासों की सराहना
केंद्रीय मंत्री ने त्रिपुरा सरकार द्वारा शहरी विकास, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और बिजली आपूर्ति सुधार में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहयोग देती रहेगी। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने केंद्रीय मंत्री के दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र की विभिन्न योजनाओं से त्रिपुरा के विकास को नई गति मिल रही है और पीएम स्वनिधि के तहत राज्य में हजारों स्ट्रीट वेंडर्स लाभान्वित हो चुके हैं।
लाभार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम में उन स्ट्रीट वेंडर्स को विशेष रूप से सम्मानित किया गया जिन्होंने पीएम स्वनिधि का लाभ उठाकर अपनी आजीविका को मजबूत किया है। यह आयोजन आत्मनिर्भर भारत अभियान को ज़मीनी स्तर पर मजबूत करने और छोटे व्यापारियों को आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आगे की राह
यह कार्यक्रम ऐसे समय में आया है जब सरकार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर विशेष ज़ोर दे रही है। पीएम स्वनिधि की सफलता इस बात का संकेत है कि लक्षित वित्तीय समावेशन योजनाएँ रेहड़ी-पटरी वालों जैसे हाशिये पर रहे तबकों के जीवन स्तर में ठोस सुधार ला सकती हैं।