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आईसीआईसीआई लोम्बार्ड का शेयर 15% टूटा, Q1FY27 में मुनाफा 46% गिरकर ₹403 करोड़ पर

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आईसीआईसीआई लोम्बार्ड का शेयर 15% टूटा, Q1FY27 में मुनाफा 46% गिरकर ₹403 करोड़ पर

सारांश

आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के लिए यह तिमाही तिहरी मार लेकर आई — मोटर थर्ड-पार्टी रिजर्व, आग के दावे और सर्वोच्च न्यायालय का फैसला। नतीजा: मुनाफा आधा, शेयर 15% धराशायी और 'बाय' रेटिंग 'न्यूट्रल' में तब्दील।

मुख्य बातें

आईसीआईसीआई लोम्बार्ड का शेयर 16 जुलाई 2026 को NSE पर 14.88% गिरकर ₹1,544 तक पहुंचा; दोपहर तक 11.39% नीचे ₹1,607 पर था।
Q1FY27 में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 46% गिरकर ₹403.17 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹747.08 करोड़ था।
मोटर थर्ड-पार्टी पोर्टफोलियो के लिए ₹165 करोड़ का रिजर्व प्रोविजन और आग से ₹63 करोड़ का नुकसान प्रमुख कारण।
कंबाइंड रेश्यो एक साल में 102.9% से बढ़कर 107.2% हुआ; सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का 2.8 प्रतिशत अंक का असर।
मोतीलाल ओसवाल ने रेटिंग 'बाय' से घटाकर 'न्यूट्रल' की; पिछले एक साल में शेयर करीब 20% टूट चुका है।

आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस का शेयर 16 जुलाई 2026 को गुरुवार के शुरुआती कारोबार में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 14.88 प्रतिशत लुढ़ककर ₹1,544 के स्तर तक आ गया — यह गिरावट वित्त वर्ष 2027 की अप्रैल-जून तिमाही में बाजार की उम्मीद से कहीं कमजोर नतीजों के बाद आई। दोपहर 12 बजे IST तक शेयर में आंशिक रिकवरी हुई और यह 11.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹1,607 प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था।

तिमाही नतीजों की मुख्य बातें

निजी क्षेत्र की इस प्रमुख जनरल इंश्योरेंस कंपनी का शुद्ध मुनाफा Q1FY27 में सालाना आधार पर 46 प्रतिशत गिरकर ₹403.17 करोड़ रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹747.08 करोड़ था। यह गिरावट बाजार के अनुमानों से काफी अधिक रही, जिसने निवेशकों में तीखी प्रतिक्रिया पैदा की।

गिरावट के पीछे की वजहें

कंपनी के प्रबंधन ने मुनाफे में इस तेज गिरावट के लिए कई कारण गिनाए। सबसे पहले, मोटर थर्ड-पार्टी पोर्टफोलियो के लिए ₹165 करोड़ का अतिरिक्त रिजर्व प्रोविजन करना पड़ा। इसके अलावा, तिमाही के दौरान आग से संबंधित दावों में ₹63 करोड़ का असाधारण नुकसान हुआ, जिसने कंबाइंड रेश्यो पर 1 प्रतिशत अंक का बोझ डाला।

गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय के एक हालिया फैसले का भी कंबाइंड रेश्यो पर 2.8 प्रतिशत अंक का नकारात्मक प्रभाव पड़ा। इन सभी कारकों के मिले-जुले असर से कंबाइंड रेश्यो — जो अंडरराइटिंग लाभप्रदता का एक अहम पैमाना है — जून 2025 तिमाही के 102.9 प्रतिशत से बढ़कर जून 2026 तिमाही में 107.2 प्रतिशत हो गया। 100 प्रतिशत से ऊपर का कंबाइंड रेश्यो दर्शाता है कि कंपनी अंडरराइटिंग में घाटे में है।

प्रबंधन का रुख

कंपनी के प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि आग से जुड़े पोर्टफोलियो में नुकसान का यह ऊंचा स्तर आगे बने रहने की उम्मीद नहीं है। प्रबंधन ने हेल्थ इंश्योरेंस व्यवसाय के दीर्घकालिक विकास परिदृश्य को मजबूत बताया, और रेखांकित किया कि रिटेल हेल्थ सेगमेंट, ग्रुप हेल्थ की तुलना में तेज गति से बढ़ रहा है।

विश्लेषकों की प्रतिक्रिया

कमजोर तिमाही नतीजों के बाद मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के विश्लेषकों ने इस स्टॉक की रेटिंग 'बाय' (खरीदने की सलाह) से घटाकर 'न्यूट्रल' कर दी है। यह डाउनग्रेड निवेशकों की धारणा पर और दबाव डालता है।

दीर्घकालिक प्रदर्शन के लिहाज से भी तस्वीर उत्साहजनक नहीं है — पिछले एक साल में शेयर में करीब 20 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि पिछले छह महीनों में यह 10 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है।

आगे क्या

बाजार की नजर अब कंपनी के अगले तिमाही नतीजों और मोटर थर्ड-पार्टी रिजर्व की स्थिति पर रहेगी। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय बीमा क्षेत्र में बढ़ते दावों और नियामकीय बदलावों का दबाव पूरे उद्योग पर महसूस किया जा रहा है। प्रबंधन के आश्वासनों के बावजूद, विश्लेषकों का सतर्क रुख बताता है कि निकट भविष्य में शेयर पर दबाव बना रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 107.2% का कंबाइंड रेश्यो बताता है कि अंडरराइटिंग अनुशासन में गंभीर चूक हुई है। प्रबंधन का 'एकमुश्त नुकसान' वाला तर्क तब तक अधूरा है जब तक मोटर थर्ड-पार्टी पोर्टफोलियो के पुनर्मूल्यांकन की ठोस समयसीमा सामने न आए। एक साल में 20% की गिरावट और अब रेटिंग डाउनग्रेड — बाजार स्पष्ट संदेश दे रहा है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईसीआईसीआई लोम्बार्ड का शेयर 16 जुलाई को क्यों गिरा?
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में शुद्ध मुनाफा बाजार की उम्मीद से कहीं कम, 46% गिरकर ₹403.17 करोड़ रहने के कारण शेयर NSE पर 14.88% तक टूट गया। मोटर थर्ड-पार्टी रिजर्व प्रोविजन, आग के दावे और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का संयुक्त असर इसकी मुख्य वजह रही।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड का Q1FY27 में कंबाइंड रेश्यो कितना रहा?
जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंबाइंड रेश्यो 107.2% रहा, जो एक साल पहले 102.9% था। 100% से ऊपर का कंबाइंड रेश्यो दर्शाता है कि कंपनी अंडरराइटिंग में घाटे में है।
मोतीलाल ओसवाल ने आईसीआईसीआई लोम्बार्ड की रेटिंग क्यों घटाई?
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के विश्लेषकों ने कमजोर Q1FY27 नतीजों के बाद स्टॉक की रेटिंग 'बाय' से घटाकर 'न्यूट्रल' कर दी। अपेक्षा से अधिक दावों, बड़े रिजर्व प्रोविजन और कंबाइंड रेश्यो में तेज उछाल को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के मुनाफे में गिरावट के मुख्य कारण क्या थे?
तीन प्रमुख कारण रहे: मोटर थर्ड-पार्टी पोर्टफोलियो के लिए ₹165 करोड़ का रिजर्व प्रोविजन, आग से जुड़े दावों में ₹63 करोड़ का असाधारण नुकसान, और सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले का कंबाइंड रेश्यो पर 2.8 प्रतिशत अंक का नकारात्मक असर।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के शेयर का दीर्घकालिक प्रदर्शन कैसा रहा है?
दीर्घकालिक प्रदर्शन भी कमजोर रहा है — पिछले एक साल में शेयर करीब 20% गिर चुका है और पिछले छह महीनों में 10% से अधिक की गिरावट आई है। 16 जुलाई की गिरावट इस नकारात्मक रुझान को और गहरा करती है।
राष्ट्र प्रेस
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