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क्या कमजोर तिमाही नतीजों के चलते शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ?

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क्या कमजोर तिमाही नतीजों के चलते शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ?

सारांश

भारतीय शेयर बाजार में ताजा गिरावट का कारण वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के कमजोर नतीजे माने जा रहे हैं। क्या यह स्थिति निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है? जानिए पूरी रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

सेंसेक्स में 501.51 अंक की गिरावट हुई।
निफ्टी में 143.05 अंक की कमी आई।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट दर्ज की गई।
आईटी और मीडिया इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।
विनोद नायर ने दीर्घकालिक दृष्टिकोण को आशावादी बताया।

मुंबई, 18 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। इस गिरावट का कारण वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के अपेक्षाकृत कमजोर नतीजे माने जा रहे हैं।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 501.51 अंक या 0.61 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,757.73 पर और निफ्टी 143.05 अंक या 0.57 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,968.40 पर बंद हुआ।

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बड़ी गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 414.60 अंक या 0.70 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 59,104.50 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 157.65 अंक या 0.82 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,959.65 पर था।

अधिकतर सेक्टरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए हैं। ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, एनर्जी, एफएमसीजी, प्राइवेट बैंक और कमोडिटी सबसे ज्यादा गिरने वाले इंडेक्स थे। जबकि आईटी, मेटल और मीडिया इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।

सेंसेक्स पैक में बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, एमएंडएम और बजाज फिनसर्व टॉप गेनर्स रहे। जबकि एक्सिस बैंक, बीईएल, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, इटरनल (जोमैटो), पावर ग्रिड, ट्रेंट और टेक महिंद्रा टॉप लूजर्स रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बाजार में व्यापक गिरावट का कारण फाइनेंशियल और आईटी सेक्टर की कंपनियों की ओर से अपेक्षाकृत कमजोर नतीजे पेश करना है। लार्जकैप शेयरों में ऊंचे मूल्यांकन और एफआईआई द्वारा की गई शुद्ध शॉर्ट पोजीशन के कारण निवेशकों में सतर्कता की भावना उत्पन्न हुई है।

उन्होंने कहा कि टैरिफ की धमकियां रूस के साथ भारत के व्यापारिक संबंधों पर भी असर डाल रही हैं। इन दबावों के बावजूद, भारत के लिए मध्यम से दीर्घकालिक दृष्टिकोण आशावादी बना हुआ है।

भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भी लाल निशान में हुई थी। सुबह 9:44 पर सेंसेक्स 242 अंक या 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,014 और निफ्टी 64 अंक या 0.26 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,044 पर था।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह मानता हूँ कि वर्तमान स्थिति केवल एक अस्थायी चरण है। बाजार में गिरावट के बावजूद, दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक है। हमें यह समझना होगा कि बाजार में उतार-चढ़ाव होते रहते हैं और निवेशकों को धैर्यपूर्वक निर्णय लेने की आवश्यकता है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय शेयर बाजार क्यों गिरा?
भारतीय शेयर बाजार की गिरावट का मुख्य कारण वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के कमजोर नतीजे हैं।
कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए?
ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, एनर्जी, एफएमसीजी, प्राइवेट बैंक और कमोडिटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
क्या निवेशकों को चिंता करनी चाहिए?
हालांकि गिरावट हुई है, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक है। निवेशकों को धैर्य रखना चाहिए।
सेंसेक्स और निफ्टी की स्थिति क्या है?
सेंसेक्स 81,757.73 पर और निफ्टी 24,968.40 पर बंद हुए।
क्या रूस के साथ व्यापारिक संबंधों का असर है?
जी हां, टैरिफ की धमकियां भारत के रूस के साथ व्यापारिक संबंधों पर असर डाल रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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