आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग केस: लालू परिवार पर आरोप तय करने का फैसला 31 जुलाई तक टला
सारांश
मुख्य बातें
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 16 जुलाई 2026 को आईआरसीटीसी होटल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के विरुद्ध आरोप तय करने का फैसला 31 जुलाई तक के लिए टाल दिया। विशेष अदालत के न्यायाधीश ने सभी पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद यह आदेश सुरक्षित रखा था, जो अब अगली तारीख पर सुनाया जाएगा।
मामले का पृष्ठभूमि
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, 2004 से 2009 के बीच जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे, तब आईआरसीटीसी के होटलों के रखरखाव के ठेके तय नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किए बिना राजद प्रमुख के करीबी सहयोगियों से जुड़ी एक निजी कंपनी को दिए गए। जाँच एजेंसी का आरोप है कि इन ठेकों के एवज में एक बेनामी कंपनी के माध्यम से लालू परिवार और उनके सहयोगियों ने करीब तीन एकड़ कीमती ज़मीन हासिल की।
किन पर दाखिल है चार्जशीट
ED ने इस केस में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, पुत्र तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव, पुत्रियाँ मीसा भारती और हेमा यादव सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर रखी है। यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज है।
पहले भी टल चुका है फैसला
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब आरोप तय करने का फैसला स्थगित हुआ हो। इससे पहले 9 जून को भी अदालत ने इसी मामले में आरोप तय करने के फैसले को 16 जुलाई तक के लिए सुरक्षित रखा था। अब यह मामला एक बार फिर आगे बढ़ा दिया गया है।
आगे क्या होगा
सभी पक्षों की निगाहें अब 31 जुलाई पर टिकी हैं, जब राऊज एवेन्यू कोर्ट यह तय करेगा कि इस मामले में आरोप तय किए जाएंगे या नहीं। यदि अदालत आरोप तय करती है, तो लालू परिवार के लिए यह मामला औपचारिक मुकदमे के चरण में प्रवेश कर जाएगा।