आईआरसीटीसी घोटाले में लालू परिवार पर आरोप तय करने की सुनवाई ६ मई तक टली
सारांश
Key Takeaways
- सुनवाई टली: आईआरसीटीसी घोटाले में लालू परिवार की सुनवाई ६ मई को होगी।
- आरोप: लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर गंभीर आरोप हैं।
- जांच एजेंसियाँ: प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की है।
- राजनीतिक साजिश: लालू परिवार ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है।
- महत्वपूर्ण तिथियाँ: सभी की नजर ६ मई पर है।
नई दिल्ली, १६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आईआरसीटीसी घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बार फिर सुनवाई को टाल दिया गया है। इस मामले में, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में लालू परिवार के खिलाफ आरोप तय होने थे, लेकिन अब इसे ६ मई तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव, पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती, हेमा यादव और तेज प्रताप यादव सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला आईआरसीटीसी होटल टेंडर घोटाले से जुड़ा हुआ है, जो २००४ से २०१४ के बीच हुआ था। उस समय लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि आईआरसीटीसी के दो होटलों के रखरखाव का टेंडर देने में नियमों का पालन नहीं किया गया और एक निजी कंपनी को लाभ पहुँचाया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस टेंडर के बदले कथित तौर पर लालू परिवार से जुड़ी एक कंपनी को जमीन या अन्य आर्थिक लाभ दिए गए। सीबीआई का कहना है कि इस पूरे मामले में पद का दुरुपयोग किया गया और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियां की गईं।
सीबीआई ने ७ जुलाई २०१७ को लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव, पत्नी राबड़ी देवी और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद, दिल्ली, पटना, रांची और गुरुग्राम में उनके कई ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें कई दस्तावेज और सबूत जब्त किए गए।
हालांकि, लालू यादव और उनके परिवार ने इन सभी आरोपों को लगातार खारिज किया है। उनका कहना है कि यह सब एक राजनीतिक साजिश है और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है।
इस मामले में सभी की नजर ६ मई पर है, जब अदालत यह तय करेगी कि आरोप लगाए जाएंगे या नहीं।