31 जुलाई 2026
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आईआरसीटीसी घोटाला: लालू परिवार पर आरोप तय करने का फैसला 14 अगस्त तक टला, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई जारी

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आईआरसीटीसी घोटाला: लालू परिवार पर आरोप तय करने का फैसला 14 अगस्त तक टला, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई जारी

सारांश

आईआरसीटीसी घोटाले में लालू परिवार पर आरोप तय होने का इंतजार एक बार फिर लंबा हो गया। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 31 जुलाई की तारीख को 14 अगस्त तक खिसका दिया। यह मामला 2004-09 के रेल मंत्रालय कार्यकाल से जुड़ा है, जिसमें ईडी ने बेनामी जमीन हस्तांतरण का आरोप लगाया है।

मुख्य बातें

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 31 जुलाई को आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने का फैसला 14 अगस्त तक टाला।
आरोपियों में लालू प्रसाद यादव , राबड़ी देवी , तेजस्वी यादव , तेज प्रताप यादव , मीसा भारती और हेमा यादव शामिल हैं।
ईडी का आरोप है कि 2004-2009 के दौरान आईआरसीटीसी होटल ठेकों के बदले तीन एकड़ बेनामी जमीन हासिल की गई।
इससे पहले 16 जून को भी फैसला 31 जुलाई तक के लिए टाला गया था।
दिल्ली उच्च न्यायालय में भी लालू प्रसाद यादव , राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाएँ लंबित हैं।

नई दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय करने का फैसला 14 अगस्त तक के लिए टाल दिया है। 31 जुलाई को अदालत को इस मामले में निर्णय सुनाना था, लेकिन एक बार फिर सुनवाई आगे बढ़ा दी गई।

मुख्य घटनाक्रम

यह पहली बार नहीं है जब इस मामले में फैसला स्थगित हुआ है। इससे पहले 16 जून को अदालत ने आरोप तय करने की तारीख 31 जुलाई तक के लिए टाली थी। अब 14 अगस्त की नई तारीख तय की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब मामले की न्यायिक प्रक्रिया लंबे समय से विभिन्न अदालतों में चल रही है।

कौन-कौन हैं आरोपी

इस मामले में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव, बेटी मीसा भारती और हेमा यादव सहित कई अन्य व्यक्ति आरोपी हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार, 2004 से 2009 के बीच जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री के पद पर थे, उस दौरान आईआरसीटीसी के होटलों के संचालन हेतु दिए गए ठेकों में गंभीर अनियमितताएँ बरती गईं।

ईडी के आरोप

जाँच एजेंसी का दावा है कि होटलों के रखरखाव का ठेका निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए राजद प्रमुख के करीबी सहयोगियों से संबद्ध एक निजी कंपनी को सौंपा गया था। अभियोजन पक्ष का यह भी आरोप है कि इन ठेकों के एवज में एक बेनामी कंपनी के माध्यम से लालू परिवार और उनके सहयोगियों को करीब तीन एकड़ कीमती भूमि हस्तांतरित की गई।

लालू परिवार का पक्ष

लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने इन सभी आरोपों को लगातार नकारा है। परिवार का कहना है कि आईआरसीटीसी होटलों के लिए टेंडर पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत जारी किए गए थे और किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं बरती गई।

दिल्ली हाईकोर्ट में भी याचिकाएँ लंबित

गौरतलब है कि दिल्ली उच्च न्यायालय में भी लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की ओर से आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाएँ दायर हैं, जिनमें उसी कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में ट्रायल कोर्ट के आरोप-तय करने के आदेश को चुनौती दी गई है। अब सभी की निगाहें 14 अगस्त की सुनवाई पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ हाई-प्रोफाइल राजनीतिक मामले वर्षों तक प्री-ट्रायल चरण में ही अटके रहते हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में है जब बिहार में चुनावी राजनीति तेज है और तेजस्वी यादव विपक्ष के प्रमुख चेहरे हैं — ऐसे में हर तारीख का राजनीतिक निहितार्थ भी बनता है। दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित पुनरीक्षण याचिकाएँ और ट्रायल कोर्ट की सुनवाई एक साथ चलना प्रक्रियागत जटिलता को और बढ़ाता है। असली सवाल यह है कि क्या न्यायिक तंत्र इस मामले को समयबद्ध तरीके से निपटा पाएगा, या यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा बनकर अनिश्चितकाल तक खिंचता रहेगा।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआरसीटीसी घोटाला मामला क्या है?
यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। ईडी का आरोप है कि आईआरसीटीसी के होटलों के ठेके नियमों की अनदेखी कर करीबी सहयोगियों को दिए गए और बदले में तीन एकड़ बेनामी जमीन हासिल की गई।
14 अगस्त को क्या होगा?
राऊज एवेन्यू कोर्ट 14 अगस्त को आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू परिवार पर आरोप तय करने के संबंध में फैसला सुना सकती है। हालाँकि, इससे पहले भी दो बार तारीख आगे बढ़ाई जा चुकी है।
इस मामले में कौन-कौन आरोपी हैं?
आरोपियों में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव , उनकी पत्नी राबड़ी देवी , बेटे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव , बेटियाँ मीसा भारती और हेमा यादव सहित कई अन्य व्यक्ति शामिल हैं।
लालू परिवार का इन आरोपों पर क्या कहना है?
लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि आईआरसीटीसी होटलों के लिए टेंडर पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत जारी किए गए थे।
दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले से जुड़ी क्या स्थिति है?
दिल्ली उच्च न्यायालय में लालू प्रसाद यादव , राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाएँ लंबित हैं, जिनमें उसी कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में ट्रायल कोर्ट के आरोप-तय करने के आदेश को चुनौती दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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