14 अगस्त 2026
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आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग: लालू परिवार पर आरोप तय करने का फैसला फिर टला, 27 अगस्त को सुनवाई

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आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग: लालू परिवार पर आरोप तय करने का फैसला फिर टला, 27 अगस्त को सुनवाई

सारांश

आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू परिवार पर आरोप तय करने का फैसला एक बार फिर टल गया — यह तीसरी बड़ी स्थगन है। राऊज एवेन्यू कोर्ट अब 27 अगस्त को सुनवाई करेगी। ईडी ने लालू, तेजस्वी, राबड़ी समेत परिवार के कई सदस्यों पर चार्जशीट दाखिल की है।

मुख्य बातें

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 14 अगस्त 2026 को आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू परिवार पर आरोप तय करने का फैसला फिर स्थगित किया।
अगली सुनवाई की तारीख 27 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
ईडी ने लालू प्रसाद यादव , तेजस्वी यादव , राबड़ी देवी , मीसा भारती , हेमा यादव , तेज प्रताप यादव और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
आरोप है कि 2004–2009 में लालू के रेल मंत्री कार्यकाल में आईआरसीटीसी होटल ठेकों में अनियमितताएँ हुईं और बदले में करीब तीन एकड़ जमीन बेनामी कंपनी के ज़रिये हासिल की गई।
लालू परिवार ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है।
यह 16 जून के बाद तीसरी बड़ी स्थगन है — पहले 31 जुलाई , फिर 14 अगस्त , अब 27 अगस्त ।

नई दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू परिवार के खिलाफ आरोप तय करने का फैसला 14 अगस्त 2026 को एक बार फिर स्थगित कर दिया। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 27 अगस्त 2026 निर्धारित की है। यह मामला 2004 से 2009 के बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री कार्यकाल से जुड़ा है।

मुख्य घटनाक्रम

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में लालू प्रसाद यादव, उनके पुत्र तेजस्वी यादव, पत्नी राबड़ी देवी, पुत्री मीसा भारती, हेमा यादव, तेज प्रताप यादव और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह पहली बार नहीं है जब इस मामले में फैसला टला हो — इससे पहले 16 जून को सुनवाई की तारीख 31 जुलाई तक बढ़ाई गई थी, और 31 जुलाई को भी फैसला 14 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।

ईडी का आरोप: क्या है मामला

जाँच एजेंसी के अनुसार, 2004 से 2009 के बीच जब लालू प्रसाद यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे, तब आईआरसीटीसी के होटलों के संचालन और रखरखाव के ठेके तय नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किए बिना राजद प्रमुख के कथित करीबी सहयोगियों से जुड़ी एक निजी कंपनी को दिए गए। अभियोजन पक्ष का यह भी आरोप है कि इन ठेकों के एवज में एक बेनामी कंपनी के माध्यम से लालू परिवार और उनके सहयोगियों ने करीब तीन एकड़ कीमती जमीन हासिल की।

लालू परिवार का पक्ष

लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने इन सभी आरोपों को लगातार नकारा है। उनका कहना है कि आईआरसीटीसी होटलों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई थी। परिवार का तर्क है कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है।

क्या होगा आगे

अब सभी की निगाहें 27 अगस्त 2026 पर टिकी हैं, जब राऊज एवेन्यू कोर्ट इस मामले में आरोप तय करने पर अपना फैसला सुनाएगी। गौरतलब है कि यह मामला एक दशक से अधिक समय से विभिन्न अदालती चरणों में है और इसमें बिहार के प्रमुख राजनीतिक परिवार के कई सदस्य आरोपी हैं। फैसले का असर न केवल कानूनी, बल्कि बिहार की राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर 14 अगस्त और अब 27 अगस्त — यह चौथी तारीख है, और इससे जवाबदेही की गति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। जबकि ईडी की चार्जशीट में गंभीर आरोप हैं, अदालती प्रक्रिया की धीमी रफ्तार दोनों पक्षों — अभियोजन और बचाव — के लिए अनिश्चितता बनाए रखती है। बिहार की राजनीति में लालू परिवार की केंद्रीय भूमिका को देखते हुए, 27 अगस्त का फैसला महज कानूनी नहीं, राजनीतिक रूप से भी निर्णायक होगा।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामला क्या है?
यह मामला 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री कार्यकाल में आईआरसीटीसी के होटल ठेकों में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। ईडी का आरोप है कि ठेके नियम-विरुद्ध तरीके से करीबी सहयोगियों की कंपनी को दिए गए और बदले में बेनामी कंपनी के ज़रिये करीब तीन एकड़ जमीन हासिल की गई।
27 अगस्त को कोर्ट में क्या होगा?
राऊज एवेन्यू कोर्ट 27 अगस्त 2026 को लालू परिवार और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर अपना फैसला सुनाएगी। यदि आरोप तय हो जाते हैं, तो मामला विचारण (ट्रायल) के अगले चरण में प्रवेश करेगा।
इस मामले में किन-किन लोगों पर चार्जशीट दाखिल की गई है?
ईडी ने लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव, तेज प्रताप यादव और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। ये सभी राजद सुप्रीमो के परिवार के सदस्य या करीबी सहयोगी हैं।
लालू परिवार का इन आरोपों पर क्या कहना है?
लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने सभी आरोपों को सिरे से नकारा है। उनका कहना है कि आईआरसीटीसी होटलों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हुई थी।
इस मामले में इससे पहले कितनी बार तारीख टली है?
16 जून 2026 को सुनवाई 31 जुलाई तक बढ़ाई गई, 31 जुलाई को 14 अगस्त तक, और अब 14 अगस्त को फैसला 27 अगस्त तक के लिए स्थगित हो गया। यह इस चरण की कम से कम तीसरी बड़ी स्थगन है।
राष्ट्र प्रेस
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