आईआरसीटीसी घोटाला: लालू परिवार पर आरोप तय करने का फैसला टला, 22 मई को होगी अगली सुनवाई

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आईआरसीटीसी घोटाला: लालू परिवार पर आरोप तय करने का फैसला टला, 22 मई को होगी अगली सुनवाई

सारांश

आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू परिवार पर आरोप तय होने की प्रक्रिया एक बार फिर टल गई — यह मामला 2017 से अदालतों में है। 22 मई की सुनवाई तय करना कोई समाधान नहीं, बल्कि एक और स्थगन है। लालू परिवार के लिए यह राहत है, लेकिन कानूनी अनिश्चितता बनी हुई है।

मुख्य बातें

राउज एवेन्यू कोर्ट ने 6 मई 2025 को आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने का फैसला स्थगित किया।
अगली सुनवाई 22 मई 2025 को निर्धारित, तब अदालत आरोप तय करने पर निर्णय सुनाएगी।
ED ने लालू प्रसाद यादव , तेजस्वी यादव , राबड़ी देवी , मीसा भारती , हेमा यादव और तेज प्रताप यादव समेत कई अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
यह घोटाला 2004 से 2014 के बीच का कथित है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे।
CBI ने 7 जुलाई 2017 को FIR दर्ज की थी; नई दिल्ली , पटना , रांची और गुरुग्राम में छापेमारी की गई थी।

राउज एवेन्यू कोर्ट ने 6 मई 2025 को आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों पर आरोप तय करने का फैसला स्थगित कर दिया। नई दिल्ली की इस अदालत ने अब 22 मई को अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित की है, जब आरोप तय करने पर निर्णय सुनाया जाएगा। यह मामला 2004 से 2014 के बीच कथित रूप से हुए आईआरसीटीसी होटल टेंडर घोटाले से जुड़ा है।

मामले का पूरा घटनाक्रम

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव, उनके पुत्र तेजस्वी यादव, पत्नी राबड़ी देवी, पुत्री मीसा भारती, हेमा यादव, तेज प्रताप यादव समेत कई अन्य के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की है। गौरतलब है कि इससे पहले 16 अप्रैल को भी इस मामले की सुनवाई स्थगित हो गई थी और तब अगली तारीख 6 मई तय की गई थी।

आईआरसीटीसी घोटाला क्या है

जाँच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला 2004 से 2014 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि आईआरसीटीसी के दो होटलों के रखरखाव के लिए टेंडर देने में नियमों का पालन नहीं किया गया और एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुँचाया गया। केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) का कहना है कि इस टेंडर के बदले लालू परिवार से जुड़ी एक कंपनी को ज़मीन या अन्य आर्थिक फायदे दिए गए और पूरी प्रक्रिया में पद का दुरुपयोग हुआ।

सीबीआई की जाँच और छापेमारी

CBI ने 7 जुलाई 2017 को इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी, जिसमें लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी समेत कई लोगों के नाम शामिल थे। इसके बाद नई दिल्ली, पटना, रांची और गुरुग्राम में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहाँ से अहम दस्तावेज़ और साक्ष्य बरामद किए गए।

लालू परिवार का पक्ष

लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। परिवार का कहना है कि यह मामला पूरी तरह राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और उन्हें जानबूझकर फँसाया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब RJD बिहार में अपनी राजनीतिक स्थिति को मज़बूत करने में जुटी है।

आगे क्या होगा

अब सभी की निगाहें 22 मई की सुनवाई पर टिकी हैं, जब राउज एवेन्यू कोर्ट आरोप तय करने पर अपना निर्णय सुनाएगी। यदि अदालत आरोप तय करती है, तो यह लालू परिवार के लिए कानूनी और राजनीतिक दोनों दृष्टि से एक बड़ा झटका हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और आरोप तय होना या न होना दोनों के राजनीतिक निहितार्थ हैं। ED और CBI की दोहरी जाँच के बावजूद मामला निर्णायक मोड़ पर नहीं पहुँचा है, जो न्यायिक प्रक्रिया की गति पर सवाल उठाता है। बिना त्वरित सुनवाई के, इस तरह के हाई-प्रोफाइल मामले जवाबदेही के बजाय राजनीतिक हथियार बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामला क्या है?
यह मामला 2004 से 2014 के बीच कथित आईआरसीटीसी होटल टेंडर घोटाले से जुड़ा है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। जाँच एजेंसियों के अनुसार, दो होटलों के रखरखाव टेंडर में नियमों की अनदेखी कर एक निजी कंपनी को लाभ पहुँचाया गया और बदले में लालू परिवार से जुड़ी कंपनी को ज़मीन या आर्थिक फायदे दिए गए।
22 मई की सुनवाई में क्या होगा?
राउज एवेन्यू कोर्ट 22 मई 2025 को आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू परिवार पर आरोप तय करने पर अपना फैसला सुनाएगी। यदि अदालत आरोप तय करती है, तो मुकदमे की औपचारिक सुनवाई शुरू हो सकती है।
इस मामले में किन-किन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई है?
ED ने लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव और तेज प्रताप यादव समेत कई अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। CBI ने 7 जुलाई 2017 को FIR दर्ज की थी।
लालू परिवार का इन आरोपों पर क्या कहना है?
लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
इससे पहले इस मामले में सुनवाई कब-कब टली?
16 अप्रैल 2025 को भी इस मामले में सुनवाई स्थगित हुई थी और तब 6 मई की तारीख तय की गई थी। 6 मई को भी फैसला नहीं आया और अब 22 मई की तारीख दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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