आईआरसीटीसी घोटाले में लालू परिवार पर आरोप तय करने की सुनवाई अब 6 मई को
सारांश
Key Takeaways
- आईआरसीटीसी घोटाला 2004 से 2014 के बीच हुआ था।
- लालू परिवार पर गंभीर आरोप लगे हैं।
- अगली सुनवाई 6 मई को होगी।
- सीबीआई ने 2017 में मामला दर्ज किया था।
- लालू परिवार ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है।
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आईआरसीटीसी घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बार फिर सुनवाई टल गई है। इस संबंध में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में लालू परिवार के खिलाफ आरोप तय किए जाने थे, लेकिन अब इसे अगले चरण के लिए बढ़ा दिया गया है। अदालत ने अगली तारीख 6 मई निर्धारित की है।
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव, पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती, हेमा यादव और तेज प्रताप यादव सहित कई व्यक्तियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला आईआरसीटीसी होटल टेंडर घोटाले से संबंधित है, जो वर्ष 2004 से 2014 के बीच घटित हुआ था। उस समय लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। आरोप है कि आईआरसीटीसी के दो होटलों के रखरखाव का टेंडर देने में नियमों का उल्लंघन किया गया और एक निजी कंपनी को अनधिकृत लाभ पहुँचाया गया।
जांच एजेंसियों का कहना है कि इस टेंडर के बदले कथित रूप से लालू परिवार से जुड़ी एक कंपनी को भूमि या अन्य वित्तीय लाभ दिए गए थे। सीबीआई का आरोप है कि इस पूरे मामले में पद के दुरुपयोग के साथ-साथ टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएँ की गईं।
इस संदर्भ में सीबीआई ने 7 जुलाई 2017 को लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद दिल्ली, पटना, रांची और गुरुग्राम में उनके कई ठिकानों पर छापे मारे गए, जिसमें कई दस्तावेज और सबूत जब्त किए गए थे।
हालाँकि, लालू यादव और उनके परिवार ने इन सभी आरोपों को निरंतर खारिज किया है। उनका कहना है कि यह सब एक राजनीतिक साजिश है और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है।
इस मामले में सभी की नजर 6 मई पर है, जब अदालत यह तय करेगी कि आरोप तय किए जाएंगे या नहीं।