29 अगस्त 2026
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आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग केस: लालू परिवार पर आरोप तय करने का फैसला 30 सितंबर तक टला

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आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग केस: लालू परिवार पर आरोप तय करने का फैसला 30 सितंबर तक टला

सारांश

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू परिवार पर आरोप तय करने का फैसला एक बार फिर टाल दिया है। अब 30 सितंबर को अदालत अपना आदेश सुनाएगी। ईडी ने 16 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव शामिल हैं।

मुख्य बातें

राउज एवेन्यू कोर्ट ने 29 अगस्त को आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू परिवार पर आरोप तय करने का फैसला 30 सितंबर तक टाला।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कुल 16 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है।
आरोपियों में लालू प्रसाद यादव , राबड़ी देवी , तेजस्वी यादव , तेज प्रताप यादव , मीसा भारती और हेमा यादव शामिल हैं।
ईडी के अनुसार, ठेके के बदले कथित तौर पर तीन एकड़ बहुमूल्य ज़मीन बेनामी कंपनी के ज़रिए हासिल की गई।
पिछले वर्ष अक्टूबर में ट्रायल कोर्ट पहले ही भ्रष्टाचार मामले में आरोप तय कर चुकी है; उस आदेश को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 29 अगस्त 2026 को कथित आईआरसीटीसी होटल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार और अन्य आरोपियों के विरुद्ध आरोप तय करने पर अपना निर्णय एक बार फिर स्थगित कर दिया। अदालत ने अगली सुनवाई और फैसले के लिए 30 सितंबर की तारीख निर्धारित की है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला उस कथित अनियमितता से जुड़ा है जो लालू प्रसाद यादव के 2004 से 2009 के बीच केंद्रीय रेल मंत्री रहने के दौरान हुई बताई जाती है। आरोप है कि इस दौरान भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के होटलों के संचालन और रखरखाव के ठेके देने में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, एक निजी कंपनी को बिना पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया के होटल रखरखाव के ठेके दिए गए। एजेंसी का कहना है कि इसके एवज में कथित तौर पर करीब तीन एकड़ की बहुमूल्य ज़मीन एक बेनामी कंपनी के माध्यम से हासिल की गई, जिसका संबंध लालू परिवार और उनके करीबी सहयोगियों से बताया जाता है।

आरोपियों की सूची

ईडी ने इस मामले में कुल 16 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) दाखिल की है। इनमें लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती और हेमा यादव सहित अन्य लोग शामिल हैं।

पूर्व में तय हो चुके हैं भ्रष्टाचार के आरोप

गौरतलब है कि पिछले वर्ष अक्टूबर में राउज एवेन्यू कोर्ट ने इसी कथित घोटाले से संबंधित भ्रष्टाचार मामले में आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उस सुनवाई में सभी आरोपियों ने अदालत में स्वयं को निर्दोष बताया था।

यह ऐसे समय में आया है जब लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी हुई है। उनकी याचिकाएँ अभी उच्च न्यायालय में लंबित हैं।

आरोपी पक्ष का रुख

लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की ओर से लगातार इन आरोपों को खारिज किया जाता रहा है। उनका पक्ष है कि आईआरसीटीसी होटल परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी थी, और उन पर लगाए गए आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। यह मामला पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के बाद ईडी के दायरे में आया था।

आगे क्या होगा

अब सभी पक्षों की निगाहें 30 सितंबर पर टिकी हैं, जब अदालत मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने पर अपना निर्णय सुनाएगी। यह फैसला लालू परिवार के राजनीतिक भविष्य और बिहार की राजनीति पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आरोप-तय होने में ही वर्षों लग रहे हैं — यह न्यायिक गति पर गंभीर सवाल उठाता है। दूसरी ओर, लालू परिवार का 'राजनीतिक साजिश' का तर्क बिहार की जनता में अभी भी प्रभावी है, जो इस मामले को कानूनी के साथ-साथ राजनीतिक अखाड़ा भी बनाए रखता है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग केस क्या है?
यह मामला 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान आईआरसीटीसी के होटलों के रखरखाव ठेके देने में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। ईडी का आरोप है कि ठेके के बदले बेनामी कंपनी के ज़रिए करीब तीन एकड़ बहुमूल्य ज़मीन हासिल की गई।
30 सितंबर को अदालत क्या फैसला सुनाएगी?
राउज एवेन्यू कोर्ट 30 सितंबर को यह तय करेगी कि लालू प्रसाद यादव और अन्य 15 आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप औपचारिक रूप से तय किए जाएँ या नहीं। यह मामले की आगे की ट्रायल प्रक्रिया के लिए निर्णायक कदम होगा।
इस मामले में कितने और कौन-कौन से आरोपी हैं?
ईडी ने कुल 16 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है। इनमें लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती और हेमा यादव प्रमुख हैं।
क्या इस मामले में पहले भी आरोप तय हो चुके हैं?
हाँ, पिछले वर्ष अक्टूबर में राउज एवेन्यू कोर्ट ने इसी घोटाले से जुड़े CBI के भ्रष्टाचार मामले में आरोपियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उस आदेश को लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
लालू परिवार का इन आरोपों पर क्या कहना है?
लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने लगातार सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि आईआरसीटीसी होटल परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी थी, और उनके खिलाफ मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
राष्ट्र प्रेस
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