एंटाली पुलिस स्टेशन विवाद: BJP ने सुदीप राम को किया निलंबित, 7 दिन में माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 29 अगस्त 2026 को अपने स्थानीय नेता सुदीप राम को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने स्वतंत्रता दिवस की रात कोलकाता के एंटाली पुलिस स्टेशन के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। यह निलंबन BJP की अनुशासनात्मक समिति द्वारा जारी किया गया और आदेश पर BJP के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के हस्ताक्षर हैं।
कारण बताओ नोटिस और निलंबन की प्रक्रिया
पार्टी सूत्रों के अनुसार, सुदीप राम को निलंबन से एक दिन पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनसे 7 दिनों के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि स्वतंत्रता दिवस की रात उन्होंने पुलिस थाने के गेट पर ताला क्यों लगाया। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि शीर्ष नेतृत्व के आगे के निर्देश आने तक निलंबन जारी रहेगा।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में सरकार परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बार-बार यह स्पष्ट किया था कि कानून-व्यवस्था पर कोई समझौता नहीं होगा और पुलिस बल पर किसी भी हमले के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुदीप राम का निलंबन इसी नीति के अनुरूप माना जा रहा है।
एंटाली में BJP का अंदरूनी गुटबाज़ी का इतिहास
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, एंटाली विधानसभा क्षेत्र में BJP के दो गुटों के बीच लंबे समय से खींचतान चली आ रही है। एक गुट का नेतृत्व प्रियंका टिबरेवाल करती हैं, जबकि दूसरा गुट दिलीप राम और सुदीप राम भाइयों का है।
विवाद की तात्कालिक वजह पद्मपुकुर के वार्ड नंबर 54 में दुर्गा पूजा आयोजन को लेकर उपजी थी। दिलीप-सुदीप गुट पूजा आयोजित करना चाहता था और खूटी पूजा भी संपन्न हो चुकी थी। हालाँकि, प्रियंका टिबरेवाल के गुट ने कथित तौर पर इसे रोकने की कोशिश की। प्रियंका गुट का दावा था कि स्थानीय निवासियों का दिलीप-सुदीप के गुट से टकराव हुआ था।
स्वतंत्रता दिवस की रात क्या हुआ
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान विवाद हिंसक रूप ले बैठा। आरोप है कि दिलीप-सुदीप गुट द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कुछ लोगों ने हंगामा किया और मारपीट भी हुई। इसके विरोध में पीड़ित पक्ष के सदस्यों ने एंटाली पुलिस स्टेशन को घेर लिया और कथित तौर पर उसका मुख्य द्वार बंद कर दिया।
उच्च पुलिस अधिकारी देर रात थाने पहुँचे और स्थिति को सामान्य करने के लिए मध्यस्थता की। दिलीप-सुदीप गुट ने दावा किया कि गेट उन्होंने नहीं, बल्कि खुद पुलिसकर्मियों ने बंद किया था। इसके बावजूद, पुलिस सूत्रों के अनुसार दिलीप राम और सुदीप राम दोनों के विरुद्ध एंटाली पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की जा चुकी है।
TMC विधायक की भूमिका पर सवाल
इस पूरे विवाद में एंटाली के बागी तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक संदीपान साहा का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि उनके करीबी सहयोगियों ने एक गुट को उकसाकर विवाद को और गहरा किया। हालाँकि, दोनों गुटों के किसी भी नेता ने इस पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
आगे क्या होगा
सुदीप राम के पास 7 दिनों का समय है अपना पक्ष रखने का। BJP की अनुशासनात्मक समिति उनका जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी। यह घटना पश्चिम बंगाल में BJP के आंतरिक संगठन की कमज़ोरियों को एक बार फिर उजागर करती है, ऐसे समय में जब पार्टी राज्य में अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश में है।