त्रिशूली-3 'ए' सुरंग बचाव अभियान: नेपाली सेना के 82 जवान तैनात, भारतीय टीम भी पहुँची
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के रसुवा जिले में स्थित त्रिशूली-3 'ए' जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे लोगों को बचाने का अभियान 29 अगस्त, शनिवार को और तेज हो गया। पिछले दो दिनों से जारी इस बचाव कार्य में अब नेपाली सेना के 62 जवानों सहित नेपाल सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के कुल 82 कर्मियों की संयुक्त टीम लगातार मोर्चे पर डटी हुई है। शनिवार सुबह से सुरंग के प्रवेश द्वार को खोलने के लिए मलबा हटाने और खुदाई का काम युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।
बचाव अभियान की स्थिति
नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपडेट जारी करते हुए बताया कि सुरंग के भीतर लोगों के फंसे होने की सूचना मिलते ही बचाव कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। प्रवेश मार्ग को खोलने के लिए सुरक्षा बलों की टीम को तत्काल मौके पर तैनात किया गया। शुक्रवार रात से ही संयुक्त टीम बिना रुके अभियान में जुटी हुई है।
PMO ने बचाव दल की कोशिशों को दर्शाती तस्वीरें भी साझा कीं। अधिकारियों के अनुसार, सुरंग के मुहाने की खुदाई और तलाशी अभियान को और गति देने के प्रयास जारी हैं।
खराब मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती
PMO के बयान में स्पष्ट किया गया कि इलाके में प्रतिकूल मौसम लगातार बचाव कार्य में बाधा बन रहा है। अधिकारियों ने कहा, 'इलाके में खराब मौसम लगातार चुनौती बना हुआ है। प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण सुरंग तक पहुंचने और मलबा हटाने के अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।' पहाड़ी और दुर्गम भूगोल ने भारी उपकरण पहुँचाने में भी अतिरिक्त कठिनाई पैदा की है।
भारतीय बचाव दल की भूमिका
बचाव अभियान को अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी मिल रहा है। भारत से पहुँची विशेष बचाव टीम त्रिशूली पहुँच चुकी है। भारतीय दल ने हेलीकॉप्टर के जरिए चिलिमे और लांगटांग इलाकों का प्रारंभिक हवाई सर्वेक्षण किया है। रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय टीम स्थिति का पूरा आकलन करने के बाद आवश्यकतानुसार आगे के बचाव अभियान में सक्रिय रूप से शामिल होगी।
नेपाली अधिकारियों और भारतीय टीम के बीच समन्वय स्थापित कर सुरंग में फंसे लोगों तक पहुँचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं। गौरतलब है कि यह परियोजना रसुवा जिले के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जहाँ मानसून के दौरान भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना रहता है।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के अनुसार मलबा हटाने का काम तेज गति से जारी है और सुरंग का प्रवेश द्वार खुलते ही अंदर फंसे लोगों तक पहुँचने की कोशिश की जाएगी। नेपाल-भारत की संयुक्त बचाव टीम मौसम के हालात पर भी लगातार नज़र रखे हुए है। बचाव अभियान की सफलता काफी हद तक अगले कुछ घंटों में मौसम के सुधरने पर निर्भर करेगी।