रसुवा बाढ़: भोटेकोशी तबाही में 162 की मौत, सेना-पुलिस हेलीकॉप्टरों से लापता लोगों की खोज जारी
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। नेपाल प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने 27 अगस्त को पुष्टि की कि सरकार ने प्रभावित तटीय क्षेत्रों में खोज, बचाव और राहत अभियान तेज कर दिए हैं। अब तक 162 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सैकड़ों पर्यटक, मजदूर और स्थानीय निवासी अभी भी लापता हैं।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार को बाढ़ आते ही नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स की टीमों को तुरंत तैनात किया गया। सेना और निजी क्षेत्र के हेलीकॉप्टरों को बचाव अभियान में लगाया गया और सेना की टीमों ने पूरी रात लगातार राहत कार्य चलाया। नेपाल पीएमओ ने बताया कि बुधवार रात ही प्रभावित इलाकों में खाने-पीने की आवश्यक सामग्री, टेंट और दवाइयाँ पहुँचा दी गई थीं।
बचाव अभियान की स्थिति
गुरुवार सुबह से तिमुरे, स्याफ्रुबेसी और नदी किनारे के इलाकों में हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ पैदल दलों को और अधिक सक्रिय किया गया। पीएमओ के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र भी बचाव और खोज अभियानों में सहयोग दे रहा है। सरकार ने नदी किनारे रहने वाले सभी लोगों को पूरी तरह सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।
जिलेवार मृतकों का आँकड़ा
नेपाल पुलिस के अनुसार, मृतकों में रसुवा से 2, नुवाकोट से 12, धादिंग से 27, चितवन से 64, गोरखा से 20, तनहुं से 9, एनपी पूर्व से 26 और एनपी पश्चिम से 2 लोग शामिल हैं। सबसे अधिक तबाही रसुवा जिले के तिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाकों में हुई है।
बाढ़ का स्रोत और प्रभाव
बताया जा रहा है कि यह पानी तिब्बत की ओर से आया था, जिसने नदी किनारे की कई बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ इलाकों में आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। सैकड़ों पर्यटक और मजदूर अभी भी लापता हैं, जिनकी खोज जारी है।
आगे क्या
सरकार ने अपना पूरा ध्यान राहत और बचाव कार्यों पर केंद्रित किया है। लापता लोगों की संख्या को देखते हुए मृतकों का आँकड़ा और बढ़ने की आशंका है। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है और बचाव अभियान पूरी गति से जारी है।