नेपाल बाढ़ में 95 की मौत, 44 सैनिक-391 विदेशी पर्यटक समेत सैकड़ों लापता
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल की भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त 2026 को बुधवार सुबह आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है — शाम 7 बजे तक 95 लोगों के शव बरामद किए जा चुके थे और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है। नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने पुष्टि की कि यह आपदा देश के इतिहास की हालिया सबसे विनाशकारी फ्लैश फ्लड में से एक है, जिसने जनहानि के साथ-साथ बुनियादी ढाँचे को भी गंभीर नुकसान पहुँचाया है।
बाढ़ का स्रोत और प्रभाव
यह विनाशकारी बाढ़ चीन के तिब्बती क्षेत्र से उत्पन्न हुई और सीमा पार बहने वाली भोटेकोशी नदी के रास्ते नेपाल में दाखिल हुई। नेपाल-चीन सीमा से सटा रसुवा जिला इस आपदा का सबसे बड़ा शिकार बना, जहाँ कई सरकारी कार्यालय, सुरक्षा प्रतिष्ठान, जलविद्युत परियोजनाएँ और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। रसुवागढ़ी कस्टम कार्यालय और इमिग्रेशन कार्यालय के कुछ कर्मचारी भी लापता लोगों में शामिल बताए जा रहे हैं।
लापता सुरक्षाकर्मी और पर्यटक
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, नेपाल सेना के 44 जवान, पुलिस के 28 कर्मी और सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवान अब भी लापता हैं और उनसे किसी प्रकार का संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके अतिरिक्त 391 विदेशी पर्यटक और 93 नेपाली पर्यटक भी अब तक लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में संचालित विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत 60 कर्मचारी भी संपर्क से बाहर हैं।
बुनियादी ढाँचे को नुकसान
परिवहन तंत्र को भारी क्षति पहुँची है। सरकार के अनुसार अब तक 19 मोटर योग्य पुल ध्वस्त या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और करीब 40 किलोमीटर पक्की सड़कें बाढ़ की भेंट चढ़ गई हैं। अधिकारी जनहानि और संपत्ति के नुकसान का पूरा आकलन अभी भी कर रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि बाढ़ आने के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित विभागों को खोज, बचाव तथा राहत कार्यों के लिए सक्रिय कर दिया गया था। बुधवार सुबह करीब 9 बजे प्रशासन ने नदी किनारे के इलाकों में हाई अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और नदी के निकट न जाने की अपील की थी।
आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसून का मौसम अपने चरम पर है और पहाड़ी नदियाँ पहले से ही उफान पर हैं। गौरतलब है कि भोटेकोशी नदी में इससे पहले भी कई बार विनाशकारी बाढ़ आ चुकी है, खासकर तब जब चीन की तरफ से अचानक पानी छोड़ा जाता है। मृतकों की पहचान और लापता लोगों की तलाश का काम जारी है, और आने वाले दिनों में हताहतों की संख्या में और बढ़ोतरी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।