27 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़ में 95 की मौत, 44 सैनिक-391 विदेशी पर्यटक समेत सैकड़ों लापता

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नेपाल बाढ़ में 95 की मौत, 44 सैनिक-391 विदेशी पर्यटक समेत सैकड़ों लापता

सारांश

चीन के तिब्बती क्षेत्र से उत्पन्न भोटेकोशी नदी की फ्लैश फ्लड ने नेपाल में भारी कहर बरपाया — 95 मौतें, 85 से अधिक सुरक्षाकर्मी और 484 पर्यटक लापता। रसुवा जिला सबसे बुरी तरह प्रभावित, 19 पुल और 40 किमी सड़कें नष्ट।

मुख्य बातें

भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त 2026 को आई फ्लैश फ्लड में 95 लोगों की मौत की पुष्टि, पहचान प्रक्रिया जारी।
नेपाल सेना के 44 , पुलिस के 28 और सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवान अब भी लापता।
391 विदेशी पर्यटक और 93 नेपाली पर्यटक लापता; जलविद्युत परियोजनाओं के 60 कर्मचारी भी संपर्क से बाहर।
19 पुल और करीब 40 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त; रसुवा जिला सर्वाधिक प्रभावित।
बाढ़ का स्रोत चीन का तिब्बती क्षेत्र ; रसुवागढ़ी कस्टम व इमिग्रेशन कार्यालय के कर्मचारी भी लापता।

नेपाल की भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त 2026 को बुधवार सुबह आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है — शाम 7 बजे तक 95 लोगों के शव बरामद किए जा चुके थे और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है। नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने पुष्टि की कि यह आपदा देश के इतिहास की हालिया सबसे विनाशकारी फ्लैश फ्लड में से एक है, जिसने जनहानि के साथ-साथ बुनियादी ढाँचे को भी गंभीर नुकसान पहुँचाया है।

बाढ़ का स्रोत और प्रभाव

यह विनाशकारी बाढ़ चीन के तिब्बती क्षेत्र से उत्पन्न हुई और सीमा पार बहने वाली भोटेकोशी नदी के रास्ते नेपाल में दाखिल हुई। नेपाल-चीन सीमा से सटा रसुवा जिला इस आपदा का सबसे बड़ा शिकार बना, जहाँ कई सरकारी कार्यालय, सुरक्षा प्रतिष्ठान, जलविद्युत परियोजनाएँ और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। रसुवागढ़ी कस्टम कार्यालय और इमिग्रेशन कार्यालय के कुछ कर्मचारी भी लापता लोगों में शामिल बताए जा रहे हैं।

लापता सुरक्षाकर्मी और पर्यटक

सरकारी आँकड़ों के अनुसार, नेपाल सेना के 44 जवान, पुलिस के 28 कर्मी और सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवान अब भी लापता हैं और उनसे किसी प्रकार का संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके अतिरिक्त 391 विदेशी पर्यटक और 93 नेपाली पर्यटक भी अब तक लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में संचालित विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत 60 कर्मचारी भी संपर्क से बाहर हैं।

बुनियादी ढाँचे को नुकसान

परिवहन तंत्र को भारी क्षति पहुँची है। सरकार के अनुसार अब तक 19 मोटर योग्य पुल ध्वस्त या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और करीब 40 किलोमीटर पक्की सड़कें बाढ़ की भेंट चढ़ गई हैं। अधिकारी जनहानि और संपत्ति के नुकसान का पूरा आकलन अभी भी कर रहे हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि बाढ़ आने के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित विभागों को खोज, बचाव तथा राहत कार्यों के लिए सक्रिय कर दिया गया था। बुधवार सुबह करीब 9 बजे प्रशासन ने नदी किनारे के इलाकों में हाई अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और नदी के निकट न जाने की अपील की थी।

आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसून का मौसम अपने चरम पर है और पहाड़ी नदियाँ पहले से ही उफान पर हैं। गौरतलब है कि भोटेकोशी नदी में इससे पहले भी कई बार विनाशकारी बाढ़ आ चुकी है, खासकर तब जब चीन की तरफ से अचानक पानी छोड़ा जाता है। मृतकों की पहचान और लापता लोगों की तलाश का काम जारी है, और आने वाले दिनों में हताहतों की संख्या में और बढ़ोतरी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार सवाल उठता है कि चीन की तरफ से अचानक पानी छोड़े जाने की पूर्व-सूचना प्रणाली कितनी कारगर है। 44 सैनिकों सहित 85 से अधिक सुरक्षाकर्मियों का लापता होना दर्शाता है कि आपदा-पूर्व निकासी प्रोटोकॉल ज़मीन पर कितने कमज़ोर साबित हुए। नेपाल-चीन सीमा पर बनी जलविद्युत परियोजनाओं के 60 कर्मचारियों का लापता होना इन परियोजनाओं की सुरक्षा योजनाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। जब तक द्विपक्षीय आपदा-चेतावनी तंत्र को मज़बूत नहीं किया जाता, ऐसी त्रासदियाँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ में कितने लोगों की मौत हुई?
26 अगस्त 2026 को बुधवार शाम 7 बजे तक 95 लोगों के शव बरामद किए जा चुके थे। नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार मृतकों की पहचान की प्रक्रिया अभी भी जारी है और आँकड़ा बढ़ सकता है।
नेपाल बाढ़ में कितने पर्यटक और सुरक्षाकर्मी लापता हैं?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार 391 विदेशी पर्यटक और 93 नेपाली पर्यटक लापता हैं। इसके अलावा नेपाल सेना के 44, पुलिस के 28 और सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवान भी संपर्क से बाहर हैं।
भोटेकोशी नदी में यह बाढ़ कहाँ से आई?
यह बाढ़ चीन के तिब्बती क्षेत्र से उत्पन्न हुई और सीमा पार बहने वाली भोटेकोशी नदी के रास्ते नेपाल में दाखिल हुई। नेपाल-चीन सीमा से सटा रसुवा जिला इस आपदा से सर्वाधिक प्रभावित हुआ है।
नेपाल बाढ़ से बुनियादी ढाँचे को कितना नुकसान हुआ?
अब तक 19 मोटर योग्य पुल ध्वस्त या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और करीब 40 किलोमीटर पक्की सड़कें बाढ़ में बह गई हैं। रसुवागढ़ी कस्टम कार्यालय, इमिग्रेशन कार्यालय और कई जलविद्युत परियोजनाओं को भी गंभीर नुकसान पहुँचा है।
नेपाल सरकार ने बाढ़ के बाद क्या कदम उठाए?
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार बाढ़ आने के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित विभागों को खोज, बचाव और राहत कार्यों के लिए सक्रिय कर दिया गया। बुधवार सुबह करीब 9 बजे नदी किनारे के क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई।
राष्ट्र प्रेस
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