भोटेकोशी बाढ़: नेपाल में 9 बैंक शाखाएं बहीं, 26 कर्मचारियों से संपर्क नहीं; 25 शव बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल की भोटेकोशी नदी में बुधवार, 26 अगस्त को तड़के अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने रसुवा जिले में वाणिज्यिक बैंकों की 9 शाखाओं को अपनी चपेट में ले लिया, और इन शाखाओं में कार्यरत 26 कर्मचारियों से अब तक संपर्क नहीं हो सका है। नेपाल बैंकर्स एसोसिएशन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि टेलीफोन लाइनें बाधित होने और बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण संचार में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं।
कौन-कौन सी बैंक शाखाएं प्रभावित हुईं
एसोसिएशन के अनुसार, रसुवा में जो शाखाएं बाढ़ की भेंट चढ़ीं, उनमें माछापुछ्रे बैंक, नबिल बैंक, सनिमा बैंक, लक्ष्मी सनराइज बैंक, हिमालयन बैंक, प्रभु बैंक, ग्लोबल आईएमई बैंक, इन्वेस्टमेंट मेगा बैंक और एनएमएबी बैंक शामिल हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कोइराला ने पुष्टि की कि इन नौ शाखाओं में तैनात 26 कर्मचारियों से अभी तक किसी प्रकार का संपर्क स्थापित नहीं हो सका है।
बाढ़ का कहर: 25 शव बरामद, कई जिले प्रभावित
बुधवार तड़के भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा और देखते ही देखते कई पुल, परियोजनाएं और इमारतें ध्वस्त हो गईं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस त्रासदी में अब तक कुल 25 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें से 1 शव रसुवा में, 7 शव नुवाकोट में (3 महिलाएं और 4 पुरुष), 6 शव धाडिंग में (3 महिलाएं, 2 पुरुष और 1 अज्ञात), तथा 4 शव गोरखा में (2 पुरुष और 2 अज्ञात) मिले हैं। इसके अलावा गोरखा की ओर त्रिशूली नदी के किनारे 6 और शव बरामद हुए हैं। पुलिस ने बताया कि गंडकी ग्रामीण नगर पालिका-8 के धावादिघाट में त्रिशूली नदी के तट पर एक और शव मिला है।
बचाव अभियान: 49 हेलीकॉप्टर उड़ानें
रसुवा सहित अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए काठमांडू हवाई अड्डे से 49 बचाव उड़ानें संचालित की गईं। काठमांडू हवाई अड्डे के आरसीसी कार्यालय के अनुसार, बुधवार शाम 5:20 बजे तक निजी और सरकारी हेलीकॉप्टरों ने धुंचे, तिमुरे, स्याफ्रुबेसी, मैलुंग, त्रिशूली और धाडिंग क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाई। पुलिस अलग-अलग जिलों में बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और मार्ग अवरोध हटाने में जुटी है।
भारत की एकजुटता: PM मोदी ने नेपाली समकक्ष से की बात
इस आपदा में भारत ने पड़ोसी देश के साथ पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात करते हुए कहा, "इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं।" यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसून के दौरान नदियों में बाढ़ की घटनाएं हर वर्ष बड़ी तबाही मचाती हैं, लेकिन इस बार का पैमाना असाधारण रूप से बड़ा है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि रसुवा जिला चीन सीमा से सटा होने के कारण राहत पहुंचाना और भी चुनौतीपूर्ण है। अधिकारियों के अनुसार, लापता कर्मचारियों की खोज जारी है और संचार बहाली को प्राथमिकता दी जा रही है। नेपाल सरकार की ओर से प्रभावित जिलों में राहत सामग्री वितरण और क्षति आकलन का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।