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आंध्र प्रदेश के 7 लापता मछुआरे मिले सुरक्षित, पश्चिम बंगाल तट पर मिला सुराग

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आंध्र प्रदेश के 7 लापता मछुआरे मिले सुरक्षित, पश्चिम बंगाल तट पर मिला सुराग

सारांश

3 अगस्त से बंगाल की खाड़ी में लापता आंध्र प्रदेश के 7 मछुआरे पश्चिम बंगाल के तट पर सुरक्षित मिले। नाव में तकनीकी खराबी से वे रास्ता भटक गए थे। 15 तटरक्षक जहाज़ और 4 हेलीकॉप्टर तैनात कर चलाए गए व्यापक अभियान के बाद परिवारों को राहत मिली।

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश के बीआर अंबेडकर कोनसीमा जिले के 7 मछुआरे 3 अगस्त को ओदलारेवु से निकले थे और 12 अगस्त के बाद से लापता थे।
नाव में तकनीकी खराबी के कारण मछुआरे पश्चिम बंगाल के तट तक पहुँच गए; सभी सुरक्षित हैं।
कृषि एवं मत्स्य पालन मंत्री किंजरापु अत्चन्नायडू ने 26 अगस्त को पुष्टि की।
खोज अभियान में भारतीय तटरक्षक बल के 15 जहाज़ और 4 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए थे।
म्यांमार और बांग्लादेश के समुद्री अधिकारियों को भी अलर्ट किया गया था।
अधिकारियों की टीम मछुआरों को पश्चिम बंगाल से वापस लाने के लिए रवाना होगी।

आंध्र प्रदेश के बीआर अंबेडकर कोनसीमा जिले के सात मछुआरे, जो 3 अगस्त से बंगाल की खाड़ी में लापता थे, अंततः सुरक्षित पाए गए हैं। कृषि एवं मत्स्य पालन मंत्री किंजरापु अत्चन्नायडू ने बुधवार, 26 अगस्त को यह जानकारी देते हुए बताया कि नाव में तकनीकी खराबी के कारण ये मछुआरे पश्चिम बंगाल के तट तक पहुँच गए थे।

कैसे मिला मछुआरों का पता

मंत्री अत्चन्नायडू के अनुसार, अधिकारियों ने नाव मालिक के भाई भवानी प्रसाद से संपर्क कर इस जानकारी की पुष्टि की। मछुआरे ओदलारेवु से समुद्र में निकले थे और 12 अगस्त तक वापस लौटने वाले थे, लेकिन उसके बाद उनके परिवारों का उनसे संपर्क पूरी तरह टूट गया था। नाव में आई तकनीकी खराबी ने उन्हें निर्धारित मार्ग से भटका दिया, जिससे वे पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र में पहुँच गए।

बचाव अभियान का विस्तार

मंगलवार को खोज अभियान को व्यापक रूप दिया गया था। इसके तहत भारतीय तटरक्षक बल के 15 जहाज़ों और 4 हेलीकॉप्टरों को तलाशी अभियान में लगाया गया था। मरीन रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर की निगरानी में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस भी संचालित किया जा रहा था। इसके अलावा, म्यांमार और बांग्लादेश के समुद्री अधिकारियों को भी अलर्ट किया गया था।

गौरतलब है कि भारतीय तटरक्षक बल मुख्यालय के उप महानिदेशक (ऑपरेशंस) के निर्देश पर कोलकाता स्थित पूर्वी और उत्तर-पूर्वी कमान को भी सक्रिय किया गया था। केंद्र सरकार का सहयोग भी इस अभियान में प्राप्त था।

सरकारी तंत्र की भूमिका

मंत्री अत्चन्नायडू ने जिला कलेक्टर, मत्स्य आयुक्त, संयुक्त निदेशक और अन्य अधिकारियों के समन्वित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को पश्चिम बंगाल जाकर मछुआरों को सुरक्षित घर वापस लाने के निर्देश दिए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल की खाड़ी में मानसून के दौरान समुद्री हादसों की आशंका बढ़ जाती है।

परिवारों को मिली राहत

मछुआरों के सुरक्षित होने की खबर मिलने के बाद उनके परिजनों ने राहत की साँस ली है। तीन सप्ताह से अधिक समय तक परिवार अनिश्चितता में रहे। मंत्री ने कहा कि सरकार सभी मछुआरों को उनके घर तक पहुँचाने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

आगे क्या होगा

अधिकारियों की एक टीम पश्चिम बंगाल रवाना होगी और मछुआरों को वापस बीआर अंबेडकर कोनसीमा जिले लाया जाएगा। यह घटना तटीय राज्यों में मछुआरों की सुरक्षा और नावों में तकनीकी निगरानी प्रणाली की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मछुआरों की नावों में बुनियादी तकनीकी निगरानी और ट्रैकिंग प्रणाली की अनुपस्थिति, और दूसरा, बंगाल की खाड़ी जैसे संवेदनशील समुद्री क्षेत्र में अंतर-राज्यीय समन्वय की सीमाएँ। यह कोई पहली घटना नहीं है — आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के मछुआरे बार-बार समुद्र में रास्ता भटकते हैं या तकनीकी खराबी का शिकार होते हैं। केंद्र और राज्य सरकारों को मछुआरों की नावों में अनिवार्य GPS ट्रैकर और आपातकालीन संचार उपकरण सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस नीतिगत कदम उठाने की ज़रूरत है, ताकि भविष्य में ऐसे अभियानों की नौबत ही न आए।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश के 7 लापता मछुआरे कहाँ मिले?
ये सातों मछुआरे पश्चिम बंगाल के तट पर सुरक्षित मिले। नाव में तकनीकी खराबी के कारण वे निर्धारित मार्ग से भटककर पश्चिम बंगाल पहुँच गए थे।
मछुआरे कब और कहाँ से निकले थे?
ये मछुआरे बीआर अंबेडकर कोनसीमा जिले के ओदलारेवु से 3 अगस्त को समुद्र में मछली पकड़ने निकले थे। 12 अगस्त तक वापस लौटने वाले थे, लेकिन उसके बाद परिवारों का संपर्क टूट गया।
खोज अभियान में कौन-कौन शामिल था?
भारतीय तटरक्षक बल के 15 जहाज़ और 4 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए थे। मरीन रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर की निगरानी में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस भी हुआ और म्यांमार व बांग्लादेश के समुद्री अधिकारियों को भी अलर्ट किया गया था।
मछुआरों को वापस घर कब लाया जाएगा?
मंत्री किंजरापु अत्चन्नायडू ने अधिकारियों को पश्चिम बंगाल जाकर मछुआरों को वापस लाने के निर्देश दे दिए हैं। जल्द ही टीम रवाना होगी और मछुआरे कोनसीमा जिले लौटेंगे।
इस घटना की पुष्टि किसने की?
आंध्र प्रदेश के कृषि एवं मत्स्य पालन मंत्री किंजरापु अत्चन्नायडू ने 26 अगस्त को इसकी आधिकारिक पुष्टि की। नाव मालिक के भाई भवानी प्रसाद से बातचीत के बाद अधिकारियों ने जानकारी की पुष्टि की।
राष्ट्र प्रेस
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