6 जुलाई 2026
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आंध्र प्रदेश: अनाकापल्ली में नाव पलटने से एक मछुआरे की मौत, विशाखापत्तनम तट पर 6 लापता की तलाश जारी

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आंध्र प्रदेश: अनाकापल्ली में नाव पलटने से एक मछुआरे की मौत, विशाखापत्तनम तट पर 6 लापता की तलाश जारी

सारांश

आंध्र प्रदेश में दोहरी त्रासदी — अनाकापल्ली में नाव पलटने से एक मछुआरे की जान गई, वहीं विशाखापत्तनम तट पर 6 लापता मछुआरों की तलाश में नौसेना, कोस्ट गार्ड और हेलिकॉप्टर लगे हैं। परिवार सड़क पर उतरे, 72 घंटे का दौर निर्णायक।

मुख्य बातें

अनाकापल्ली जिले में रेवु पोलावरम तट के पास नाव पलटने से मछुआरे चोडिपल्ली सिम्हाद्री की डूबकर मौत, तीन अन्य सुरक्षित।
विशाखापत्तनम तट पर 6 मछुआरे लापता; 1 जुलाई को विशाखापत्तनम फिशिंग हार्बर से निकले थे, 4 जुलाई तक लौटने का था वादा।
भारतीय नौसेना , कोस्ट गार्ड और मरीन पुलिस का संयुक्त अभियान — जहाज, बचाव नाव और हेलिकॉप्टर तैनात।
अच्चन्नायडु ने अभियान तेज करने के निर्देश दिए; आईजी गोपीनाथ जट्टी अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
लापता मछुआरों के परिजनों ने मैकेनाइज़्ड बोट ऑपरेटर्स एसोसिएशन के दफ्तर के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
बंगाल की खाड़ी में कम दबाव क्षेत्र से बिगड़े मौसम को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली जिले में सोमवार, 6 जुलाई को रेवु पोलावरम तट के पास एक नाव पलटने से एक मछुआरे की डूबकर मौत हो गई, जबकि तीन अन्य मछुआरे सुरक्षित किनारे तक पहुँचने में सफल रहे। इसी बीच विशाखापत्तनम तट के पास छह अन्य लापता मछुआरों की तलाश दूसरे दिन भी जारी रही, जो खराब मौसम के बीच 1 जुलाई को मछली पकड़ने निकले थे और तब से लापता हैं।

हादसे का विवरण

अनाकापल्ली जिले में रेवु पोलावरम मछुआरा गाँव के पास समुद्र में नाव पलटने से चोडिपल्ली सिम्हाद्री की डूबने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, उनका शव बहकर किनारे आ गया, जिससे उनकी पहचान संभव हो सकी। उफनते समुद्र में नाव पलटने के बावजूद उनके साथ सवार तीन अन्य मछुआरे तट तक पहुँचने में सफल रहे।

लापता मछुआरों की पृष्ठभूमि

विजयनगरम और विशाखापत्तनम जिलों के सात मछुआरों का एक समूह 1 जुलाई को विशाखापत्तनम फिशिंग हार्बर से मछली पकड़ने निकला था। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से समुद्र की स्थिति बिगड़ी, तो परिवारों ने मोबाइल पर संपर्क कर उन्हें सतर्क किया। मछुआरों ने 4 जुलाई की दोपहर तक लौटने का आश्वासन दिया था, लेकिन जब वे नहीं लौटे और उनके फोन बंद मिले, तो परिवारों ने कोस्ट गार्ड और मरीन पुलिस को सूचित किया।

खोज और बचाव अभियान

भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) और मरीन पुलिस का संयुक्त खोज अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। अभियान में एक विशेष जहाज, बचाव नाव और हेलिकॉप्टर का उपयोग किया जा रहा है। सोमवार सुबह 6 बजे से तलाशी फिर शुरू की गई। एक अधिकारी के अनुसार, शुरुआती 72 घंटे खोज अभियान के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और अधिकारियों को अभी भी लापता मछुआरों के जीवित मिलने की उम्मीद है। खोज अभियान उस जानकारी के आधार पर चलाया जा रहा है जो एक कार्गो जहाज द्वारा बचाए गए मछुआरे कारी चिन्ना ने दी थी; चिन्ना फिलहाल कोस्ट गार्ड की सुरक्षित निगरानी में हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडु ने सोमवार को अधिकारियों को तलाशी अभियान तेज करने के निर्देश दिए और कहा कि लापता मछुआरों की सुरक्षित वापसी के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएँ। पुलिस महानिरीक्षक गोपीनाथ जट्टी खोज और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने भारतीय कोस्ट गार्ड के क्षेत्रीय ऑपरेशन सेंटर का दौरा किया।

परिवारों का विरोध और पीड़ा

लापता मछुआरों के परिजनों ने मैकेनाइज़्ड बोट ऑपरेटर्स एसोसिएशन के दफ्तर के सामने विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि उन्हें खोज अभियान की पर्याप्त जानकारी नहीं दी जा रही। लापता मछुआरों के माता-पिता, पत्नियाँ और बच्चे अधिकारियों से अपडेट की गुहार लगाते नज़र आए। यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल की खाड़ी में मौसम की स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, जिससे समुद्री खोज अभियान और जटिल हो गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो समुद्र में बेकार साबित हुए। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में हर मानसून में ऐसी घटनाएँ दोहराई जाती हैं, फिर भी मछुआरों के लिए अनिवार्य ट्रैकिंग उपकरण और खराब मौसम में समुद्र में जाने से रोकने की व्यवस्था अभी भी अधूरी है। लापता परिवारों का विरोध प्रदर्शन यह भी दर्शाता है कि संकट के समय सूचना प्रवाह की खाई कितनी गहरी है।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश में नाव पलटने की यह घटना कब और कहाँ हुई?
यह हादसा 6 जुलाई, सोमवार को आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली जिले में रेवु पोलावरम तट के पास हुआ। नाव पलटने से चार मछुआरों में से एक की डूबकर मौत हो गई और तीन सुरक्षित किनारे पहुँचे।
विशाखापत्तनम तट पर कितने मछुआरे लापता हैं और वे कब से गायब हैं?
विजयनगरम और विशाखापत्तनम जिलों के सात मछुआरों का समूह 1 जुलाई को विशाखापत्तनम फिशिंग हार्बर से निकला था। इनमें से एक को कार्गो जहाज ने बचाया, जबकि छह अभी भी लापता हैं। परिवारों ने 4 जुलाई को फोन बंद मिलने पर कोस्ट गार्ड को सूचित किया।
लापता मछुआरों की तलाश में कौन-कौन सी एजेंसियाँ लगी हैं?
भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) और मरीन पुलिस का संयुक्त खोज अभियान जारी है। इसमें एक विशेष जहाज, बचाव नाव और हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं। पुलिस महानिरीक्षक गोपीनाथ जट्टी अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
मछुआरों के लापता होने की वजह क्या बताई जा रही है?
बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से समुद्र की स्थिति अचानक खराब हो गई। मछुआरों ने परिवारों को 4 जुलाई की दोपहर तक लौटने का आश्वासन दिया था, लेकिन खराब मौसम में नाव पलटने की आशंका के बाद से उनका संपर्क टूट गया।
लापता मछुआरों के परिवारों ने क्या कदम उठाया है?
परिजनों ने मैकेनाइज़्ड बोट ऑपरेटर्स एसोसिएशन के दफ्तर के सामने विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि उन्हें खोज अभियान की पर्याप्त जानकारी नहीं दी जा रही। माता-पिता, पत्नियाँ और बच्चे अधिकारियों से अपडेट की माँग करते नज़र आए।
राष्ट्र प्रेस
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