नेत्रावती नदी में डूबे एक परिवार के 8 सदस्य, कर्नाटक के CM सिद्धारमैया ने दिया ₹5 लाख मुआवज़ा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल तालुक स्थित तत्तेहकलु इलाके में 24 मई को एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के 8 सदस्य नेत्रावती नदी में डूब गए, जब वे समुद्र तट पर शंख-सीप इकट्ठा करने गए थे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पुष्टि की कि अब तक 4 शव बरामद हो चुके हैं, 1 व्यक्ति घायल है, और 2 लोगों की तलाश में राहत-बचाव दल अभी भी जुटे हुए हैं।
हादसे का घटनाक्रम
परिवार के सदस्य नेत्रावती नदी के किनारे काले सीप और शंख इकट्ठा करने गए थे, जब वे अचानक गहरे पानी में डूब गए। स्थानीय प्रशासन को सूचना मिलते ही राहत-बचाव दल मौके पर पहुँचा। अब तक 4 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि शेष 2 लापता लोगों की तलाश जारी है। 1 घायल व्यक्ति का उपचार सरकारी खर्च पर किया जा रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा — 'समुद्र तट पर काले सीप इकट्ठा करने गए एक ही परिवार के आठ सदस्यों के पानी में डूबकर जान गंवाने की खबर सुनकर मैं व्याकुल हूँ। यह एक अत्यंत दुखद और पीड़ादायक घटना है।' उन्होंने मत्स्य पालन, बंदरगाह एवं अंतर्देशीय जल परिवहन मंत्री मंकाल वैद्य को तुरंत घटनास्थल पर भेजने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक परिवार को ₹5 लाख का मुआवज़ा मानवीय आधार पर दिया जाएगा और घायल व्यक्ति के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
उपमुख्यमंत्री का शोक संदेश
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी एक्स पर पोस्ट कर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि नेत्रावती नदी में शंख-सीप इकट्ठा करने गए आठ लोगों की डूबने से मौत की खबर बेहद दुखद है। शिवकुमार ने बताया कि जिला प्रभारी मंत्री मंकाल वैद्य से उन्हें घटना की जानकारी मिली और उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुँचने के निर्देश दिए।
आम जनता और परिवार पर असर
यह परिवार संभवतः आजीविका के लिए नदी-तट से शंख-सीप इकट्ठा करने का काम करता था — एक ऐसी गतिविधि जो तटीय कर्नाटक में मछुआरा समुदायों में सामान्य है। गौरतलब है कि यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब मानसून-पूर्व मौसम में नदियों और समुद्र तटों पर जलस्तर और धाराएँ अनिश्चित रहती हैं।
आगे की कार्रवाई
राहत-बचाव दल के साथ स्थानीय गोताखोर दल भी लापता 2 लोगों की तलाश में जुटे हैं। मंत्री मंकाल वैद्य के मौके पर पहुँचने के बाद मुआवज़े की प्रक्रिया तेज़ होने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि पीड़ित परिजनों को तुरंत आर्थिक सहायता सुनिश्चित की जाएगी।