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कर्नाटक नदी त्रासदी: भटकल में 10 की मौत, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ₹5 लाख मुआवजे का किया ऐलान

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कर्नाटक नदी त्रासदी: भटकल में 10 की मौत, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ₹5 लाख मुआवजे का किया ऐलान

सारांश

कर्नाटक के भटकल में सीपियाँ इकट्ठा करने गए एक ही परिवार के 10 सदस्यों की नदी में डूबने से मौत हो गई। 14 लोगों के समूह में से 3 को बचाया गया, एक अभी भी लापता है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रत्येक मृतक परिवार को ₹5 लाख मुआवजे की घोषणा की है।

मुख्य बातें

कर्नाटक के भटकल (कारवार जिला) में 24 मई को नदी में सीपियाँ इकट्ठा करते समय एक ही परिवार के 10 सदस्यों की डूबने से मौत।
14 लोगों का समूह नदी में उतरा था; 3 को स्थानीय लोगों ने बचाया, 1 अभी भी लापता , खोज जारी।
मृतकों में 8 की पहचान हुई, सभी पदुशिराली गाँव, शारदाहोल के निवासी; 2 की पहचान अभी बाकी।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹5 लाख मुआवजे की घोषणा की।
सभी पीड़ित भटकल तालुक के शिराली के पास एक ही परिवार से थे।

कर्नाटक के कारवार जिले के भटकल के निकट पदुशिराली गाँव में 24 मई को एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के 10 सदस्यों की नदी में डूबने से मौत हो गई, जब वे सीपियाँ इकट्ठा करने के लिए नदी में उतरे थे। अधिकारियों के अनुसार, 14 लोगों का समूह नदी में गया था, जिनमें से कई गहरे पानी में फँस गए।

मुख्य घटनाक्रम

स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव कार्य करते हुए तीन लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। हालाँकि, परिवार का एक अन्य सदस्य अभी भी लापता है और उसकी तलाश में गहन खोज अभियान जारी है। मृतकों में से दो व्यक्तियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।

जिन आठ मृतकों की पहचान हुई है, वे हैं — लक्ष्मी मादेव नाइक (38), लक्ष्मी शिवराम नाइक (39), मालती जट्टप्पा नाइक (38), मस्तम्मा मंजुनाथ नाइक (43), लक्ष्मी नाइक, लक्ष्मी अन्नाप्पा नाइक (44), ज्योति नाइक और उमेश मंजुनाथ नाइक। सभी पीड़ित भटकल तालुक के शिराली के पास पदुशिराली गाँव के शारदाहोल के निवासी थे।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹5 लाख के मुआवजे की घोषणा की। उन्होंने कहा, 'कारवार जिले के भटकल में हुई इस दुखद घटना के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख हुआ है, जहाँ एक ही परिवार के सदस्य सीपियाँ इकट्ठा करने गए थे और डूब गए। मैं दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूँ।'

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना है। मानवीय आधार पर, राज्य सरकार इस त्रासदी में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को ₹5 लाख का मुआवजा देगी।' उन्होंने लापता व्यक्ति के सकुशल लौटने की भी प्रार्थना की।

आम जनता पर असर

यह हादसा एक मछुआरा समुदाय के परिवार पर टूटा है, जो अपनी आजीविका के लिए नदी पर निर्भर है। एक ही परिवार के इतने सदस्यों की एक साथ मौत ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। गौरतलब है कि सीपियाँ इकट्ठा करना इस क्षेत्र के तटीय समुदायों की एक पारंपरिक आजीविका है, जो अक्सर नदी के गहरे और अप्रत्याशित हिस्सों में की जाती है।

क्या होगा आगे

लापता व्यक्ति की तलाश के लिए खोज अभियान जारी है। राज्य सरकार द्वारा घोषित ₹5 लाख प्रति परिवार का मुआवजा शीघ्र वितरित किए जाने की उम्मीद है। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, दो अज्ञात मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि तटीय कर्नाटक के उन हाशिये पर खड़े मछुआरा समुदायों की कहानी है जो बिना किसी सुरक्षा उपकरण के जीवनयापन के लिए नदियों पर निर्भर हैं। ₹5 लाख का मुआवजा तत्काल राहत तो देगा, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सरकार इन समुदायों के लिए नदी में काम करते समय सुरक्षा प्रोटोकॉल और जीवन रक्षक उपकरण सुनिश्चित करेगी। एक ही परिवार के 10 सदस्यों का एक साथ चले जाना यह भी दर्शाता है कि ग्रामीण तटीय समुदायों में आजीविका के वैकल्पिक साधनों का कितना अभाव है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक के भटकल में नदी हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
कारवार जिले के भटकल के निकट पदुशिराली गाँव में 24 मई को हुए इस हादसे में एक ही परिवार के 10 सदस्यों की नदी में डूबने से मौत हो गई। 14 लोगों के समूह में से 3 को बचाया गया और 1 अभी भी लापता है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कितने मुआवजे की घोषणा की?
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस त्रासदी में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को ₹5 लाख मुआवजा देने की घोषणा की है। उन्होंने इसे मानवीय आधार पर राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता बताया।
भटकल नदी हादसे में कौन-कौन से लोग शामिल थे?
सभी पीड़ित भटकल तालुक के शिराली के पास पदुशिराली गाँव के शारदाहोल के एक ही परिवार के सदस्य थे। वे सीपियाँ इकट्ठा करने के लिए नदी में उतरे थे, जो इस क्षेत्र के तटीय समुदायों की पारंपरिक आजीविका है।
क्या लापता व्यक्ति की तलाश जारी है?
हाँ, परिवार के एक लापता सदस्य की तलाश के लिए गहन खोज अभियान जारी है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी प्रार्थना की है कि लापता व्यक्ति सुरक्षित अपने परिवार के पास लौट आए।
मृतकों की पहचान कैसे हुई?
10 मृतकों में से 8 की पहचान हो चुकी है — लक्ष्मी मादेव नाइक (38), लक्ष्मी शिवराम नाइक (39), मालती जट्टप्पा नाइक (38), मस्तम्मा मंजुनाथ नाइक (43), लक्ष्मी नाइक, लक्ष्मी अन्नाप्पा नाइक (44), ज्योति नाइक और उमेश मंजुनाथ नाइक। शेष 2 की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
राष्ट्र प्रेस
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