पुलवामा पुलिस ने नष्ट किए 150 किलो से अधिक मादक पदार्थ, 'नशामुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' को मिली बड़ी कामयाबी
सारांश
मुख्य बातें
पुलवामा पुलिस ने 9 जुलाई 2026 को 'नशामुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के अंतर्गत एक निर्णायक कार्रवाई करते हुए जिले के विभिन्न एनडीपीएस मामलों में जब्त 150 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थों को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत नष्ट किया। यह कदम जम्मू-कश्मीर को नशे के जाल से मुक्त करने और मादक पदार्थों की तस्करी पर पूर्ण रोक लगाने की दिशा में उठाया गया है।
क्या-क्या नष्ट किया गया
पुलिस के अनुसार, नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 106.375 किलोग्राम गांजा, 44.87 किलोग्राम पोस्ता (पॉपी स्ट्रॉ), 163 ग्राम चरस, 772 ग्राम हेरोइन, कोडीन की 97 बोतलें और 271 साइकोट्रॉपिक गोलियाँ शामिल थीं। ये सभी पदार्थ पुलवामा जिले में दर्ज अलग-अलग एनडीपीएस मामलों के दौरान जब्त किए गए थे।
निपटान की प्रक्रिया
जब्त नशीले पदार्थों और साइकोट्रॉपिक दवाओं को आईजीसी लस्सीपोरा, पुलवामा स्थित एम/एस कश्मीर हेल्थ केयर सिस्टम की अधिकृत कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी में नष्ट किया गया। यह पूरी प्रक्रिया एनडीपीएस अधिनियम की धारा 52ए के तहत गठित जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में संपन्न हुई।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि सभी कानूनी औपचारिकताएँ पूरी करने और सक्षम न्यायालय के आदेशों का पालन करने के बाद ही यह कार्रवाई की गई। पूरी प्रक्रिया सुरक्षित, पारदर्शी और कानून के निर्धारित नियमों के अनुरूप रही।
अभियान का उद्देश्य और महत्त्व
पुलवामा पुलिस ने कहा कि जब्त मादक पदार्थों का समय पर और विधिसम्मत निपटान इसलिए अनिवार्य है ताकि उनका दोबारा दुरुपयोग न हो सके। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में नशे की तस्करी के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाइयाँ लगातार तेज़ हो रही हैं। गौरतलब है कि इस कदम से न केवल नशे के नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगती है, बल्कि आम जनता का कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास भी सुदृढ़ होता है।
जीरो टॉलरेंस नीति और जनता से अपील
पुलिस ने दोहराया कि मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के कारोबार के खिलाफ उसकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति आगे भी अटल रहेगी। जनता से अपील की गई है कि नशे की तस्करी या अवैध कारोबार की कोई भी विश्वसनीय जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस का कहना है कि जनसहयोग के बिना नशामुक्त समाज का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं।
आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत और कार्रवाइयाँ अपेक्षित हैं, जो जम्मू-कश्मीर में मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकती हैं।