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पंजाब पुलिस ने 15 महीनों में 750 तस्करों की ₹300 करोड़ की संपत्ति जब्त की: डीजीपी गौरव यादव

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पंजाब पुलिस ने 15 महीनों में 750 तस्करों की ₹300 करोड़ की संपत्ति जब्त की: डीजीपी गौरव यादव

सारांश

पंजाब पुलिस ने 15 महीनों में 750 तस्करों की ₹300 करोड़ की संपत्ति जब्त कर नशा-तस्करी के वित्तीय तंत्र पर सबसे बड़ा प्रहार किया है। 46,937 FIR, 65,884 गिरफ्तारियाँ और 65 हवाला ऑपरेटरों की धरपकड़ — यह अभियान अब सड़क से हटकर सीमा पार के आर्थिक नेटवर्क को निशाना बना रहा है।

मुख्य बातें

पंजाब पुलिस ने 15 महीनों में 750 तस्करों की ₹300 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त की।
46,937 FIR दर्ज और 65,884 आरोपी गिरफ्तार; सभी 28 जिलों में एक साथ अभियान।
बरामदगी में 2,950 किलोग्राम हेरोइन , 55 लाख नशीली गोलियाँ और ₹20 करोड़ की ड्रग मनी शामिल।
65 हवाला ऑपरेटर गिरफ्तार; ₹8.85 करोड़ की हवाला मनी बरामद।
फागवाड़ा के शर्मा फॉरेक्स मनी एक्सचेंज से ₹5.09 करोड़ फ्रीज; अमृतसर में ₹1.24 करोड़ की मुद्रा बरामद।
हर जिले में वित्तीय जाँच इकाइयाँ (FIU) स्थापित की गई हैं।

पंजाब पुलिस ने पिछले 15 महीनों में राज्य भर में चलाए गए व्यापक नशा-विरोधी अभियान के तहत 750 मादक पदार्थ तस्करों की ₹300 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त कर ली है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने रविवार, 31 मई को चंडीगढ़ में एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी। उनके अनुसार, यह कार्रवाई केवल नशे की बरामदगी तक सीमित नहीं, बल्कि सीमा पार तस्करी को वित्तपोषित करने वाले पूरे आर्थिक तंत्र को ध्वस्त करने पर केंद्रित है।

अभियान का दायरा और मुख्य आँकड़े

डीजीपी यादव ने बताया कि अभियान की शुरुआत से अब तक पंजाब पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस (NDPS) अधिनियम के तहत 46,937 प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की हैं और 65,884 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह अभियान राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में प्रतिदिन एक साथ संचालित किया जा रहा है।

बरामद प्रतिबंधित पदार्थों में 2,950 किलोग्राम हेरोइन, 792 किलोग्राम अफीम, 666 क्विंटल पोस्त की भूसी, 71 किलोग्राम चरस, 986 किलोग्राम गांजा, 56 किलोग्राम आईसीएस और 55 लाख नशीली गोलियाँ व टैबलेट शामिल हैं। इसके अलावा, आरोपियों से सीधे ₹20 करोड़ की ड्रग मनी भी बरामद की गई है।

हवाला नेटवर्क पर सर्जिकल कार्रवाई

डीजीपी यादव के अनुसार, इस अभियान की सबसे अहम उपलब्धि उन हवाला चैनलों को निशाना बनाना है जो मुनाफा विदेशी डीलरों और पाकिस्तानी आपूर्तिकर्ताओं तक पहुँचाते हैं। ये नेटवर्क कथित तौर पर शेल कंपनियों, व्हाट्सएप और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड एप्लिकेशन और वर्चुअल अंतरराष्ट्रीय नंबरों के माध्यम से संचालित होते हैं।

इन परिष्कृत तरीकों से निपटने के लिए पंजाब पुलिस ने प्रत्येक जिले में वित्तीय जाँच इकाइयाँ (FIU) स्थापित की हैं। इस कदम के परिणामस्वरूप अब तक 65 हवाला ऑपरेटर गिरफ्तार हो चुके हैं और ₹8.85 करोड़ की हवाला मनी बरामद की गई है।

प्रमुख कार्रवाइयाँ

सबसे उल्लेखनीय मामलों में फागवाड़ा स्थित शर्मा फॉरेक्स मनी एक्सचेंज से जुड़ी ₹5.09 करोड़ की संपत्ति की बरामदगी और उसे फ्रीज किया जाना शामिल है। कथित तौर पर यह एक्सचेंज यूएई चैनलों के माध्यम से पाकिस्तान स्थित एक हैंडलर के लिए ड्राइवर के वेतन भुगतान की आड़ में मनी लॉन्ड्रिंग कर रहा था।

लुधियाना में पुलिस टीमों ने बीकानेर स्थित एक ऑपरेटर से ₹20.55 लाख बरामद किए, जो पाकिस्तान से अग्रिम भुगतान प्रबंधित कर तस्करों को वित्तपोषित करता था। इसी तरह, अमृतसर में ₹1.24 करोड़ की भारतीय और विदेशी मुद्रा की बरामदगी के साथ एक नशे और हथियारों के गठजोड़ का भी पर्दाफाश हुआ।

रणनीति में बदलाव का संकेत

डीजीपी यादव ने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस की रणनीति अब गली-मोहल्लों में छोटी जब्ती से आगे बढ़कर तस्करी के वित्तीय मूल को नष्ट करने पर टिकी है। गौरतलब है कि पंजाब लंबे समय से पाकिस्तान से आने वाले ड्रग रूट का प्रमुख प्रवेश बिंदु रहा है, और यह अभियान उस संरचना को जड़ से उखाड़ने का प्रयास है। आने वाले महीनों में वित्तीय जाँच इकाइयों की भूमिका और व्यापक होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या ये कार्रवाइयाँ तस्करी नेटवर्क को स्थायी रूप से कमज़ोर करती हैं या केवल उसे अस्थायी रूप से बाधित करती हैं। पंजाब में नशे की समस्या दशकों पुरानी है और इससे पहले भी बड़े अभियान चले हैं, जिनके बाद नेटवर्क नए रूप में उभरे। वित्तीय जाँच इकाइयों की स्थापना एक सकारात्मक संरचनात्मक बदलाव है, पर जब तक अभियोजन दर और संपत्ति-जब्ती के बाद के न्यायिक परिणाम सार्वजनिक नहीं होते, आँकड़ों की विश्वसनीयता सीमित रहेगी। पाकिस्तान से जुड़े हवाला चैनलों का खुलासा इस समस्या की भू-राजनीतिक जड़ों की ओर इशारा करता है — जो केवल राज्य पुलिस के दायरे से बाहर है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब पुलिस ने 15 महीनों में कितनी संपत्ति जब्त की और कितने तस्कर पकड़े गए?
पंजाब पुलिस ने 15 महीनों में 750 मादक पदार्थ तस्करों की ₹300 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त की है। इस दौरान 46,937 FIR दर्ज और 65,884 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पंजाब में हवाला नेटवर्क के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
पंजाब पुलिस ने 65 हवाला ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया और ₹8.85 करोड़ की हवाला मनी बरामद की। हर जिले में वित्तीय जाँच इकाइयाँ (FIU) स्थापित की गई हैं जो जाँच अधिकारियों की सहायता करती हैं।
फागवाड़ा के शर्मा फॉरेक्स मनी एक्सचेंज मामले में क्या हुआ?
फागवाड़ा स्थित शर्मा फॉरेक्स मनी एक्सचेंज से जुड़ी ₹5.09 करोड़ की संपत्ति बरामद और फ्रीज की गई। कथित तौर पर यह एक्सचेंज यूएई चैनलों के ज़रिये पाकिस्तान स्थित एक हैंडलर के लिए ड्राइवर वेतन की आड़ में मनी लॉन्ड्रिंग कर रहा था।
पंजाब पुलिस के नशा-विरोधी अभियान में कौन-से नशीले पदार्थ बरामद हुए?
बरामद पदार्थों में 2,950 किलोग्राम हेरोइन, 792 किलोग्राम अफीम, 666 क्विंटल पोस्त की भूसी, 71 किलोग्राम चरस, 986 किलोग्राम गांजा, 56 किलोग्राम आईसीएस और 55 लाख नशीली गोलियाँ व टैबलेट शामिल हैं।
पंजाब पुलिस की नशा-विरोधी रणनीति में क्या बदलाव आया है?
डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, पुलिस का ध्यान अब केवल सड़क-स्तर की जब्ती से हटकर सीमा पार तस्करी को वित्तपोषित करने वाले आर्थिक ढाँचे को ध्वस्त करने पर केंद्रित हो गया है। इसके लिए शेल कंपनियों और एन्क्रिप्टेड एप्लिकेशन के माध्यम से चलने वाले नेटवर्क को निशाना बनाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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