17 जुलाई 2026
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जम्मू-कश्मीर नशा मुक्ति अभियान: 50 दिनों में 1,018 तस्कर गिरफ्तार, 341 किग्रा नशीले पदार्थ जब्त, ₹200 करोड़ की संपत्तियाँ निशाने पर

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जम्मू-कश्मीर नशा मुक्ति अभियान: 50 दिनों में 1,018 तस्कर गिरफ्तार, 341 किग्रा नशीले पदार्थ जब्त, ₹200 करोड़ की संपत्तियाँ निशाने पर

सारांश

जम्मू-कश्मीर के 100 दिवसीय नशा मुक्ति अभियान ने पहले 50 दिनों में ही बड़ा असर दिखाया — 1,018 गिरफ्तारियाँ, 341 किग्रा नशीले पदार्थ और ₹83 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त। यह अभियान केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं, बल्कि वित्तीय नेटवर्क तोड़ने और 1 करोड़ लोगों तक जागरूकता पहुँचाने का समन्वित प्रयास है।

मुख्य बातें

11 अप्रैल से 29 मई 2026 के बीच 1,018 कथित ड्रग तस्कर गिरफ्तार, 923 एफआईआर दर्ज।
341 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त, जिनमें ₹120 करोड़ मूल्य की 12 किग्रा हेरोइन और 23,752 यूनिट साइकोट्रॉपिक टैबलेट शामिल।
नशे से जुड़ी ₹63.93 करोड़ की 89 अचल संपत्तियाँ जब्त; ₹19.77 करोड़ की 63 संपत्तियाँ ध्वस्त।
668 ड्राइविंग लाइसेंस , 13 वाहन पंजीकरण रद्द; 124 पासपोर्ट जब्ती की सिफारिश।
नशामुक्ति केंद्रों में 58,603 रोगियों की देखभाल; 1 करोड़ से अधिक लोगों तक जागरूकता पहुँची।
3,045 संदिग्ध तस्करों की पहचान; 386 से पूछताछ पूरी।

जम्मू-कश्मीर में चल रहे 100 दिवसीय नशा मुक्ति अभियान के पहले 50 दिनों में सुरक्षा और प्रवर्तन एजेंसियों ने 1,018 कथित ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया, 341 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए और नशे से जुड़ी ₹200 करोड़ से अधिक की संपत्तियों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने इसे केंद्रशासित प्रदेश के इतिहास के सबसे व्यापक मादक पदार्थ-विरोधी अभियानों में से एक बताया है।

मुख्य घटनाक्रम

11 अप्रैल से 29 मई 2026 के बीच मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों में 923 एफआईआर दर्ज की गईं। जब्त किए गए 341 किलोग्राम नशीले पदार्थों में 12 किलोग्राम हेरोइन शामिल है, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹120 करोड़ बताई गई है। इसके अलावा 23,752 यूनिट साइकोट्रॉपिक टैबलेट और कैप्सूल भी बरामद किए गए।

मादक पदार्थों की अवैध तस्करी की रोकथाम अधिनियम (पीटीएनडीपीएस) के तहत आदतन तस्करों और विक्रेताओं के विरुद्ध निवारक उपाय के रूप में 55 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया।

वित्तीय कार्रवाई और संपत्ति जब्ती

नशे के तंत्र की आर्थिक जड़ें काटने के लिए अधिकारियों ने ₹63.93 करोड़ मूल्य की 89 अचल संपत्तियाँ जब्त कीं और ₹19.77 करोड़ मूल्य की 63 संपत्तियाँ ध्वस्त कर दीं। इस प्रकार अभियान के दौरान लक्षित नशे से जुड़ी संपत्तियों का कुल मूल्य ₹83 करोड़ से अधिक हो गया।

प्रशासनिक मोर्चे पर लगभग 668 ड्राइविंग लाइसेंस और 13 वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र निलंबित या रद्द किए गए। इसके साथ ही नशे से जुड़े अपराधों के लिए 124 पासपोर्ट जब्त करने की कार्यवाही की सिफारिश की गई है।

खुफिया अभियान और निगरानी

खुफिया जानकारी पर आधारित कार्रवाइयों में 3,045 संदिग्ध तस्करों और अवैध व्यापारियों की पहचान की गई, जिनमें से 386 संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी भी तेज कर दी गई है।

जागरूकता और पुनर्वास प्रयास

प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी तेज़ गति से चला। शैक्षणिक संस्थानों, सामुदायिक संपर्क कार्यक्रमों और जन अभियानों के माध्यम से 16 लाख से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 1 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुँच बनाई गई।

स्वास्थ्य और पुनर्वास के मोर्चे पर नशामुक्ति केंद्रों ने 58,603 रोगियों की देखभाल की, जबकि स्वास्थ्य, पुलिस और सामाजिक कल्याण विभागों द्वारा संचालित केंद्रों के माध्यम से सैकड़ों व्यक्तियों को परामर्श और पुनर्वास सेवाएँ प्रदान की गईं।

आगे की राह

यह अभियान अभी अपने 100 दिनों के लक्ष्य से आधा ही पूरा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार शेष 50 दिनों में खुफिया-आधारित छापेमारी और वित्तीय कार्रवाई को और तेज़ किया जाएगा। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर लंबे समय से पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाले नशे के मार्ग पर स्थित है, जिससे यहाँ मादक पदार्थों की समस्या विशेष रूप से गंभीर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

018 गिरफ्तारियाँ और ₹83 करोड़ की संपत्ति जब्ती प्रभावशाली आँकड़े हैं, लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह कार्रवाई आपूर्ति श्रृंखला को स्थायी रूप से बाधित करती है या केवल निचले स्तर के वाहकों को पकड़ती है। जम्मू-कश्मीर में पिछले अभियानों का इतिहास बताता है कि बड़े तस्कर नेटवर्क अक्सर नए रास्ते खोज लेते हैं। 58,603 रोगियों की नशामुक्ति देखभाल और 1 करोड़ लोगों तक जागरूकता — यह माँग-पक्ष पर ध्यान देने का सकारात्मक संकेत है, जो पहले के अभियानों में प्रायः उपेक्षित रहा। अभियान की वास्तविक सफलता 100 दिन पूरे होने के बाद पुनरावृत्ति दर और नेटवर्क पुनर्गठन के आँकड़ों से तय होगी।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर का 100 दिवसीय नशा मुक्ति अभियान क्या है?
यह जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा शुरू किया गया एक समन्वित अभियान है जिसमें सुरक्षा एजेंसियाँ, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मिलकर ड्रग तस्करी पर प्रवर्तन कार्रवाई और नागरिक जागरूकता दोनों मोर्चों पर काम कर रहे हैं। अभियान 11 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ और पहले 50 दिनों में 1,018 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं।
अभियान में कितने नशीले पदार्थ जब्त किए गए?
50 दिनों में कुल 341 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए गए, जिनमें ₹120 करोड़ मूल्य की 12 किलोग्राम हेरोइन और 23,752 यूनिट साइकोट्रॉपिक टैबलेट व कैप्सूल शामिल हैं।
नशा तस्करों की संपत्तियों पर क्या कार्रवाई हुई?
अधिकारियों ने ₹63.93 करोड़ मूल्य की 89 अचल संपत्तियाँ जब्त कीं और ₹19.77 करोड़ मूल्य की 63 संपत्तियाँ ध्वस्त कर दीं, जिससे कुल लक्षित संपत्तियों का मूल्य ₹83 करोड़ से अधिक हो गया। इसके अलावा 668 ड्राइविंग लाइसेंस और 13 वाहन पंजीकरण भी रद्द किए गए।
नशामुक्ति और पुनर्वास के लिए क्या कदम उठाए गए?
नशामुक्ति केंद्रों ने अभियान के दौरान 58,603 रोगियों की देखभाल की। 16 लाख से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों के ज़रिए 1 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुँचा गया, जबकि स्वास्थ्य, पुलिस और सामाजिक कल्याण विभागों के केंद्रों पर सैकड़ों लोगों को परामर्श और पुनर्वास सेवाएँ मिलीं।
अभियान में खुफिया तंत्र की क्या भूमिका रही?
खुफिया-आधारित अभियानों में 3,045 संदिग्ध तस्करों और अवैध व्यापारियों की पहचान की गई, जिनमें से 386 से पूछताछ की जा चुकी है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी भी बढ़ाई गई है।
राष्ट्र प्रेस
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