बारामूला में एलजी मनोज सिन्हा की नशा विरोधी पदयात्रा, बोले— ड्रग तस्करों की हर संपत्ति जब्त होगी
सारांश
बारामूला में एलजी मनोज सिन्हा ने नशा विरोधी पदयात्रा का नेतृत्व किया और ड्रग तस्करों की हर संपत्ति जब्त करने का संकल्प दोहराया। पिछले 31 दिनों में 2,35,000 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम, 700 गिरफ्तारियाँ और 3,300 से अधिक ड्रग स्टोर का निरीक्षण — यह अभियान जम्मू-कश्मीर के किसी भी पिछले सामाजिक आंदोलन से बड़ा बताया जा रहा है।
मुख्य बातें
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 12 मई को बारामूला में 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर' पदयात्रा में भाग लिया।
पिछले 31 दिनों में 2,35,000 से अधिक जागरूकता एवं संपर्क कार्यक्रम आयोजित।
लगभग 700 ड्रग तस्करों और विक्रेताओं को गिरफ्तार किया गया; 44,000 से अधिक ओपीडी मरीजों का इलाज।
जम्मू-कश्मीर के ड्रग स्टोरों पर 3,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए; 150 लाइसेंस निलंबित।
300 ड्राइविंग लाइसेंस और 400 से अधिक वाहन पंजीकरण रद्द करने की सिफारिश।
अगले 69 दिनों के लिए सामुदायिक टीकाकरण कार्यक्रम और 'परिवार सुरक्षा पहल' की घोषणा।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार, 12 मई को बारामूला कस्बे में 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर' अभियान के तहत आयोजित पदयात्रा में भाग लिया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद किया और इस जन आंदोलन को ऐतिहासिक करार दिया। एलजी ने स्पष्ट किया कि ड्रग तस्करों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।
एलजी का कड़ा संकल्प
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पदयात्रा के दौरान कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
35,000 कार्यक्रम — लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह गति संस्थागत रूप ले पाती है या चुनावी-शैली के जन आंदोलनों की तरह धीमी पड़ जाती है। जम्मू-कश्मीर में नशे की समस्या की जड़ें सीमा पार तस्करी नेटवर्क में गहरी हैं, जिन्हें केवल स्थानीय जागरूकता से नहीं तोड़ा जा सकता। 'सामुदायिक टीकाकरण' की अवधारणा नवीन है, लेकिन धार्मिक संस्थाओं और एनजीओ पर निर्भरता तब तक सीमित रहेगी जब तक उन्हें संसाधन और प्रशिक्षण नहीं मिलता। पुनर्वास को कलंक-मुक्त बनाने की एलजी की अपील सही दिशा में है, पर इसके लिए बजट आवंटन और दीर्घकालिक नीति की ज़रूरत होगी।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर' अभियान क्या है?
यह जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा एक व्यापक नशा उन्मूलन अभियान है, जिसके तहत जागरूकता कार्यक्रम, ड्रग तस्करों पर कड़ी कार्रवाई और नशा पीड़ितों के पुनर्वास पर ध्यान दिया जा रहा है। पिछले 31 दिनों में 2,35,000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं।
बारामूला पदयात्रा में क्या घोषणाएँ हुईं?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अगले 69 दिनों के लिए सामुदायिक टीकाकरण कार्यक्रम और 'परिवार सुरक्षा पहल' की घोषणा की। साथ ही हर स्कूल, कॉलेज और पूजा स्थल पर साप्ताहिक पारिवारिक संवाद आयोजित करने का आह्वान किया गया।
अब तक कितने ड्रग तस्कर गिरफ्तार हुए हैं?
अभियान के पिछले 31 दिनों में लगभग 700 ड्रग तस्करों और विक्रेताओं को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत दो दर्जन से अधिक बड़े तस्करों को भी पकड़ा गया है।
ड्रग स्टोरों पर क्या कार्रवाई हुई है?
3,300 से अधिक ड्रग स्टोर का निरीक्षण किया गया और नियम उल्लंघन पर 150 लाइसेंस निलंबित किए गए। पूरे केंद्र शासित प्रदेश के ड्रग स्टोरों पर लगभग 3,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
एलजी ने नशा पीड़ितों के इलाज को लेकर क्या कहा?
एलजी सिन्हा ने कहा कि नशे के आदी लोगों का सम्मानपूर्वक इलाज और पुनर्वास होना चाहिए, न कि उन्हें कलंकित किया जाए। उन्होंने इसकी तुलना मधुमेह या कैंसर के उपचार से करते हुए विज्ञान-आधारित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।