श्रीनगर में दो नशा तस्करों की ₹3.5 करोड़ की संपत्ति जब्त, एनडीपीएस अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
श्रीनगर पुलिस ने 6 जून 2026 को 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के अंतर्गत दो कुख्यात नशा तस्करों की कुल ₹3.5 करोड़ मूल्य की अचल संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 68-एफ के तहत की गई, जो नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार से अर्जित संपत्तियों की कुर्की का प्रावधान करती है।
मुख्य घटनाक्रम
निगीन पुलिस ने पहली कार्रवाई में ₹1.30 करोड़ मूल्य की संपत्ति जब्त की। यह संपत्ति हब्बाक क्रॉसिंग, हज़रतबल क्षेत्र के निवासी राहिल मंज़ूर मल्ला की है, जिसमें उसी इलाके में स्थित जमीन और एक दो मंजिला आवासीय मकान शामिल है। जाँच एजेंसियों के अनुसार, यह संपत्ति नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से अर्जित धन से खरीदी गई थी। इस मामले की जड़ें वर्ष 2021 में दर्ज एक प्राथमिक रिपोर्ट से जुड़ी हैं, जो धारा 8/21 एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज की गई थी।
दूसरी कार्रवाई सौरा पुलिस ने की, जिसमें हैदर कॉलोनी, अपर सौरा निवासी आदिल रशीद गुड्डू का ₹2.20 करोड़ मूल्य का रिहायशी मकान जब्त किया गया। जाँच में यह पाया गया कि यह संपत्ति भी नशे के अवैध कारोबार से कमाए गए धन से बनाई गई थी।
कानूनी प्रभाव और प्रतिबंध
जब्ती के बाद दोनों संपत्तियों के मालिक अब इन्हें बेचने, हस्तांतरित करने, पट्टे पर देने या किसी तीसरे पक्ष को किसी भी प्रकार का अधिकार देने में सक्षम नहीं होंगे। जाँच एजेंसियों के अनुसार, दोनों मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही औपचारिक जब्ती की गई है।
अभियान की पृष्ठभूमि
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब जम्मू-कश्मीर प्रशासन नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए व्यापक अभियान चला रहा है। गौरतलब है कि एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68-एफ का उपयोग तस्करों की आर्थिक नींव को कमज़ोर करने के लिए किया जाता है — केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अवैध संपत्ति की कुर्की भी इस रणनीति का हिस्सा है। श्रीनगर पुलिस के अनुसार, यह कदम नशे के नेटवर्क को उसकी वित्तीय जड़ से कमज़ोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
आम जनता से अपील
श्रीनगर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नशा तस्करी और उससे जुड़ी गतिविधियों की जानकारी प्रशासन के साथ साझा करें। पुलिस का कहना है कि समाज को नशे के खतरे से मुक्त करने और युवाओं का भविष्य सुरक्षित बनाने के लिए जन-सहयोग अनिवार्य है।
क्या होगा आगे
जब्त संपत्तियों पर कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ेगी और संबंधित मामलों में अदालती प्रक्रिया जारी रहेगी। श्रीनगर पुलिस ने संकेत दिया है कि 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत ऐसी और कार्रवाइयाँ आने वाले समय में भी जारी रहेंगी।