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श्रीनगर में दो नशा तस्करों की ₹3.5 करोड़ की संपत्ति जब्त, एनडीपीएस अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई

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श्रीनगर में दो नशा तस्करों की ₹3.5 करोड़ की संपत्ति जब्त, एनडीपीएस अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई

सारांश

श्रीनगर पुलिस ने 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत दो नशा तस्करों की ₹3.5 करोड़ की संपत्ति जब्त की — यह सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अवैध नेटवर्क की आर्थिक नींव पर सीधा प्रहार है।

मुख्य बातें

श्रीनगर पुलिस ने 6 जून 2026 को दो नशा तस्करों की कुल ₹3.5 करोड़ मूल्य की अचल संपत्ति जब्त की।
निगीन पुलिस ने राहिल मंज़ूर मल्ला (हब्बाक क्रॉसिंग, हज़रतबल) की ₹1.30 करोड़ की जमीन व आवासीय मकान जब्त किया।
सौरा पुलिस ने आदिल रशीद गुड्डू (हैदर कॉलोनी, अपर सौरा) का ₹2.20 करोड़ का रिहायशी मकान जब्त किया।
दोनों संपत्तियाँ एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 68-एफ के तहत अवैध आय से अर्जित मानते हुए कुर्क की गईं।
जब्ती के बाद मालिक संपत्ति बेचने, हस्तांतरित करने या पट्टे पर देने में अक्षम हो गए हैं।

श्रीनगर पुलिस ने 6 जून 2026 को 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के अंतर्गत दो कुख्यात नशा तस्करों की कुल ₹3.5 करोड़ मूल्य की अचल संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 68-एफ के तहत की गई, जो नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार से अर्जित संपत्तियों की कुर्की का प्रावधान करती है।

मुख्य घटनाक्रम

निगीन पुलिस ने पहली कार्रवाई में ₹1.30 करोड़ मूल्य की संपत्ति जब्त की। यह संपत्ति हब्बाक क्रॉसिंग, हज़रतबल क्षेत्र के निवासी राहिल मंज़ूर मल्ला की है, जिसमें उसी इलाके में स्थित जमीन और एक दो मंजिला आवासीय मकान शामिल है। जाँच एजेंसियों के अनुसार, यह संपत्ति नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से अर्जित धन से खरीदी गई थी। इस मामले की जड़ें वर्ष 2021 में दर्ज एक प्राथमिक रिपोर्ट से जुड़ी हैं, जो धारा 8/21 एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज की गई थी।

दूसरी कार्रवाई सौरा पुलिस ने की, जिसमें हैदर कॉलोनी, अपर सौरा निवासी आदिल रशीद गुड्डू का ₹2.20 करोड़ मूल्य का रिहायशी मकान जब्त किया गया। जाँच में यह पाया गया कि यह संपत्ति भी नशे के अवैध कारोबार से कमाए गए धन से बनाई गई थी।

कानूनी प्रभाव और प्रतिबंध

जब्ती के बाद दोनों संपत्तियों के मालिक अब इन्हें बेचने, हस्तांतरित करने, पट्टे पर देने या किसी तीसरे पक्ष को किसी भी प्रकार का अधिकार देने में सक्षम नहीं होंगे। जाँच एजेंसियों के अनुसार, दोनों मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही औपचारिक जब्ती की गई है।

अभियान की पृष्ठभूमि

यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब जम्मू-कश्मीर प्रशासन नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए व्यापक अभियान चला रहा है। गौरतलब है कि एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68-एफ का उपयोग तस्करों की आर्थिक नींव को कमज़ोर करने के लिए किया जाता है — केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अवैध संपत्ति की कुर्की भी इस रणनीति का हिस्सा है। श्रीनगर पुलिस के अनुसार, यह कदम नशे के नेटवर्क को उसकी वित्तीय जड़ से कमज़ोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

आम जनता से अपील

श्रीनगर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नशा तस्करी और उससे जुड़ी गतिविधियों की जानकारी प्रशासन के साथ साझा करें। पुलिस का कहना है कि समाज को नशे के खतरे से मुक्त करने और युवाओं का भविष्य सुरक्षित बनाने के लिए जन-सहयोग अनिवार्य है।

क्या होगा आगे

जब्त संपत्तियों पर कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ेगी और संबंधित मामलों में अदालती प्रक्रिया जारी रहेगी। श्रीनगर पुलिस ने संकेत दिया है कि 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत ऐसी और कार्रवाइयाँ आने वाले समय में भी जारी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि जब तक मुकदमे लंबे खिंचते रहेंगे और दोषसिद्धि दर कम रहेगी, तब तक कुर्की की कार्रवाई अधूरी रहेगी। जम्मू-कश्मीर में नशे की समस्या की गहराई को देखते हुए, यह कार्रवाई सही दिशा में है — लेकिन असली परीक्षा अदालत में मामलों के त्वरित निपटारे और पुनर्वास कार्यक्रमों की प्रभावशीलता से होगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर में एनडीपीएस अधिनियम के तहत किसकी संपत्ति जब्त की गई?
श्रीनगर पुलिस ने दो नशा तस्करों — हज़रतबल निवासी राहिल मंज़ूर मल्ला और अपर सौरा निवासी आदिल रशीद गुड्डू — की कुल ₹3.5 करोड़ मूल्य की संपत्ति जब्त की है। दोनों संपत्तियाँ एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 68-एफ के तहत अवैध नशा व्यापार की आय से अर्जित मानी गई हैं।
एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68-एफ क्या है?
एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 68-एफ नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार से अर्जित संपत्तियों की कुर्की का प्रावधान करती है। इसके तहत जब्त संपत्ति का मालिक उसे बेचने, हस्तांतरित करने या किसी तीसरे पक्ष को अधिकार देने में अक्षम हो जाता है।
यह कार्रवाई किस अभियान के तहत की गई?
यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर प्रशासन के 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य नशा तस्करी के नेटवर्क को उनकी वित्तीय जड़ से कमज़ोर करना और युवाओं को नशे के खतरे से बचाना है।
राहिल मंज़ूर मल्ला के खिलाफ मामला कब दर्ज हुआ था?
राहिल मंज़ूर मल्ला के खिलाफ वर्ष 2021 में धारा 8/21 एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज की गई थी। उसी मामले में आगे बढ़ते हुए निगीन पुलिस ने ₹1.30 करोड़ की संपत्ति जब्त की।
जब्त संपत्तियों का आगे क्या होगा?
जब्त संपत्तियों पर कानूनी कार्यवाही अदालत में आगे बढ़ेगी। तब तक संपत्ति के मालिक इन्हें किसी भी रूप में उपयोग, बिक्री या हस्तांतरण नहीं कर सकते। श्रीनगर पुलिस ने संकेत दिया है कि ऐसी और कार्रवाइयाँ भविष्य में भी जारी रहेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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