श्रीनगर पुलिस की नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई: ₹4 करोड़ से अधिक की संपत्तियाँ और वाहन जब्त
सारांश
मुख्य बातें
श्रीनगर पुलिस ने 5 जून 2026 को नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत नशा तस्करी के आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए ₹4 करोड़ से अधिक मूल्य की चल और अचल संपत्तियाँ तथा वाहन जब्त किए। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत लाल बाजार और खानयार पुलिस थानों द्वारा अलग-अलग मामलों में अंजाम दी गई।
लाल बाजार थाने की कार्रवाई
लाल बाजार पुलिस थाने ने आरोपी आदिल अहमद धोबी, निवासी सिख बाग, लाल बाजार की 9 मरला भूमि पर निर्मित दो मंजिला मकान को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के अंतर्गत जब्त किया। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से मामला दर्ज है। कार्रवाई के दौरान उससे जुड़ा एक वाहन भी जब्त किया गया।
इसी थाना क्षेत्र के एक अन्य मामले में आरोपी अर्शीद अहमद शेख, निवासी हाका बाजार, की कार को भी जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार यह वाहन नशा तस्करी गतिविधियों से जुड़ा था।
खानयार पुलिस की कार्रवाई
खानयार पुलिस ने एक अलग कार्रवाई में आरोपी ओवैस हुसैन मीर, निवासी तंगबाग, खानयार, की लगभग ₹2 करोड़ मूल्य की दो मंजिला रिहायशी इमारत और 12 मरला जमीन जब्त की। जाँच में सामने आया कि यह संपत्ति नशा तस्करी से अर्जित धन से बनाई गई थी। सभी कानूनी औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद संपत्ति को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत जब्त किया गया।
तस्करी नेटवर्क की आर्थिक जड़ें कमजोर करने का लक्ष्य
पुलिस के अनुसार, जब्त की गई समस्त संपत्तियों और वाहनों का कुल मूल्य ₹4 करोड़ से अधिक है। यह कार्रवाई जिले में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क की आर्थिक नींव को कमजोर करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। गौरतलब है कि संपत्ति जब्ती की यह रणनीति तस्करों को उनके अवैध मुनाफे से वंचित कर अपराध को आर्थिक रूप से अव्यवहार्य बनाने पर केंद्रित है।
सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया
श्रीनगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अपराध से कमाई करने वालों को उनके अवैध लाभ से वंचित किया जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर प्रशासन नशे की समस्या से निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति अपना रहा है।
आम जनता से अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' को सफल बनाने में सहयोग दें और नशा तस्करी या मादक पदार्थों के दुरुपयोग से संबंधित किसी भी विश्वसनीय जानकारी को पुलिस के साथ साझा करें। आने वाले दिनों में इस अभियान के और तेज होने की संभावना है।