श्रीनगर पुलिस ने ड्रग तस्कर बिलाल अहमद पटू की ₹1.5 करोड़ की संपत्ति जब्त की, NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
सारांश
Key Takeaways
- श्रीनगर पुलिस ने 28 अप्रैल 2026 को ड्रग तस्कर बिलाल अहमद पटू की ₹1.5 करोड़ मूल्य की संपत्ति जब्त की।
- जब्त संपत्ति सैदाकदल, सुल्तान मोहल्ला में 11 मरला भूमि पर बना एकमंजिला रिहायशी मकान है।
- कार्रवाई NDPS एक्ट की धारा 68-एफ के तहत पुलिस स्टेशन रैनावारी के माध्यम से की गई।
- इससे पहले शनिवार को भी पुलिस ने ड्रग तस्करों की ₹3.5 करोड़ की संपत्ति जब्त की थी।
- दोनों कार्रवाइयों में कुल ₹5 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
श्रीनगर पुलिस ने 28 अप्रैल 2026 को 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत एक कुख्यात ड्रग तस्कर की ₹1.5 करोड़ मूल्य की अचल संपत्ति जब्त कर ली। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के अंतर्गत की गई इस कार्रवाई को नशा तस्करी के आर्थिक ढाँचे पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस स्टेशन रैनावारी के माध्यम से की गई इस कार्रवाई में आरोपी बिलाल अहमद पटू — जो सैदाकदल के सुल्तान मोहल्ला का निवासी है — की 11 मरला भूमि पर बने एकमंजिला रिहायशी मकान को जब्त किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जाँच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिले कि यह संपत्ति नशा तस्करी से अर्जित अवैध कमाई से खरीदी गई थी। आरोपी बिलाल अहमद पटू पहले से ही एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले में शामिल है।
आर्थिक नेटवर्क पर प्रहार की रणनीति
पुलिस का मानना है कि केवल तस्करों की गिरफ्तारी से नशे के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाना संभव नहीं है। इसीलिए अब अभियान का दायरा बढ़ाते हुए तस्करों की संपत्तियों को भी निशाना बनाया जा रहा है, ताकि उनकी आर्थिक ताकत को जड़ से खत्म किया जा सके। यह रणनीति नशा तस्करी के वित्तीय ढाँचे को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पिछली कार्रवाई से तुलना
गौरतलब है कि इससे पहले शनिवार को भी श्रीनगर पुलिस ने इसी अभियान के तहत ड्रग तस्करों से जुड़ी ₹3.5 करोड़ की अचल संपत्तियाँ जब्त की थीं। यह ऐसे समय में आया है जब 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के अंतर्गत प्रशासन लगातार कार्रवाइयाँ तेज कर रहा है। दोनों कार्रवाइयों को मिलाकर पुलिस ने कुछ ही दिनों में ₹5 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की है।
आम जनता से अपील
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा और नशा तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगेगी।
क्या होगा आगे
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' आगे भी जारी रहेगा और तस्करों की संपत्तियों की पहचान व जब्ती की प्रक्रिया को और व्यापक बनाया जाएगा। एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का पूरी तरह उपयोग करते हुए अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों को कानूनी दायरे में लाना प्रशासन की प्राथमिकता बनी हुई है।