नागपुर में RSS मुख्यालय और स्मृति मंदिर पर रेडियोएक्टिव धमकी, ATS-NDRF की जाँच शुरू

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नागपुर में RSS मुख्यालय और स्मृति मंदिर पर रेडियोएक्टिव धमकी, ATS-NDRF की जाँच शुरू

सारांश

नागपुर में RSS मुख्यालय और स्मृति मंदिर को निशाना बनाते हुए 'DSS' नामक संगठन ने गुमनाम पत्र में सीजियम-137 रेडियोएक्टिव पदार्थ फैलाने का दावा किया। ATS, NDRF और परमाणु विशेषज्ञों की संयुक्त तलाशी में अब तक कोई पदार्थ नहीं मिला, लेकिन सुरक्षा एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर हैं।

Key Takeaways

27 अप्रैल 2025 को पुलिस कमिश्नर रविंद्रकुमार सिंघल के कार्यालय में एक गुमनाम पत्र मिला, जिसमें RSS मुख्यालय और स्मृति मंदिर में सीजियम-137 फैलाने का दावा किया गया। कथित तौर पर 'DSS' नामक संगठन ने यह पत्र भेजा और नागपुर मेट्रो, बसों तथा BJP कार्यालय को भी निशाना बताया। ATS , NDRF और परमाणु ऊर्जा विशेषज्ञों की संयुक्त तलाशी में अब तक कोई रेडियोएक्टिव पदार्थ नहीं मिला। सदर पुलिस स्टेशन में ATS की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। RSS मुख्यालय 150 CISF जवानों और नागपुर पुलिस की 24 घंटे की बहु-स्तरीय सुरक्षा में है।

महाराष्ट्र के नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय और डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर को निशाना बनाते हुए एक गुमनाम पत्र में सीजियम-137 नामक खतरनाक रेडियोएक्टिव पदार्थ फैलाने का दावा किया गया है। 27 अप्रैल को डाक द्वारा प्राप्त इस पत्र के बाद एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और परमाणु ऊर्जा विशेषज्ञों ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक किसी भी स्थान पर कोई रेडियोएक्टिव पदार्थ नहीं मिला है।

धमकी भरे पत्र में क्या था

अंग्रेजी में लिखा यह गुमनाम पत्र 27 अप्रैल 2025 को डाक के ज़रिए पुलिस कमिश्नर रविंद्रकुमार सिंघल के कार्यालय पहुँचा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पत्र में RSS के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए दावा किया गया कि सीजियम-137 नामक रेडियोएक्टिव पाउडर RSS मुख्यालय, रेशिमबाग स्थित स्मृति मंदिर, गणेशपेठ स्थित भाजपा कार्यालय, नागपुर मेट्रो की ऑरेंज और एक्वा दोनों लाइनों की सीटों तथा सार्वजनिक बसों में कथित तौर पर रखा गया है। पत्र में यह भी दावा किया गया कि यह पदार्थ एक कैंसर अस्पताल से प्राप्त किया गया था।

पत्र में अधिकारियों को चुनौती देते हुए लिखा गया,

Point of View

सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है। गौरतलब है कि सीजियम-137 जैसे रेडियोएक्टिव पदार्थों तक पहुँच अत्यंत नियंत्रित होती है, इसलिए इस दावे की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न है। फिर भी, ऐसी धमकियाँ — भले ही खोखली हों — सार्वजनिक भय फैलाने और सुरक्षा संसाधनों को बाधित करने में सक्षम होती हैं। असली सवाल यह है कि इस पत्र के पीछे कौन है और क्या इसका संबंध हाल की अन्य सुरक्षा घटनाओं से है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

नागपुर RSS मुख्यालय को मिली रेडियोएक्टिव धमकी क्या है?
27 अप्रैल 2025 को पुलिस कमिश्नर को मिले एक गुमनाम पत्र में दावा किया गया कि RSS मुख्यालय, स्मृति मंदिर, BJP कार्यालय और नागपुर मेट्रो में सीजियम-137 रेडियोएक्टिव पदार्थ फैलाया गया है। यह पत्र कथित तौर पर 'DSS' नामक संगठन ने भेजा है।
सीजियम-137 क्या होता है और यह कितना खतरनाक है?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीजियम-137 धातु सीजियम का एक रेडियोएक्टिव आइसोटोप है जो प्राकृतिक रूप से नहीं पाया जाता। यह परमाणु रिएक्टरों और हथियारों में यूरेनियम के विखंडन से बनता है, इसकी अर्ध-आयु 30.05 साल है और यह बीटा कण व शक्तिशाली गामा किरणें उत्सर्जित करता है।
ATS और NDRF की जाँच में अब तक क्या मिला?
विशेषज्ञों की शुरुआती तलाशी में RSS मुख्यालय, मेट्रो स्टेशनों और अन्य बताई गई जगहों पर अब तक कोई रेडियोएक्टिव पदार्थ नहीं मिला है। हालाँकि जाँच जारी है और ATS की शिकायत पर सदर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
'DSS' संगठन कौन है जिसने यह धमकी दी?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पत्र पर 'DSS' नामक संगठन का नाम है, जिसने दोसर भवन मेट्रो स्टेशन के पास मिले डेटोनेटर और जिलेटिन छड़ों की जिम्मेदारी भी कथित तौर पर ली थी। फिलहाल इस संगठन की पहचान और पृष्ठभूमि की जाँच जारी है।
RSS मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था कैसी है?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, RSS मुख्यालय 150 CISF जवानों और नागपुर पुलिस की 24 घंटे की बहु-स्तरीय सुरक्षा घेरे में है। धमकी मिलने के बाद सुरक्षा और अधिक कड़ी कर दी गई है।
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