एयर इंडिया, इंडिगो 1 मई से दोहा उड़ानें बहाल करेंगी, पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद पहली बार
सारांश
Key Takeaways
- एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो 1 मई 2026 से हमद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दोहा के लिए उड़ानें बहाल करेंगी।
- 28 फरवरी को शुरू हुए संयुक्त अमेरिका-इजरायल सैन्य अभियान के बाद कतर का हवाई क्षेत्र लगभग दो महीने तक वाणिज्यिक उड़ानों के लिए बंद रहा।
- अप्रैल के मध्य में इस्लामाबाद में हुए युद्धविराम के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की वापसी का रास्ता खुला।
- दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने यात्रियों को उड़ान कार्यक्रम में संभावित बदलाव को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
- उड़ान कार्यक्रम अभी भी समन्वय प्रक्रिया पर निर्भर हैं और सुरक्षा स्थिति नाजुक बनी हुई है।
भारत की तीन प्रमुख एयरलाइंस — एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो — 1 मई 2026 से हमद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दोहा के लिए उड़ान सेवाएँ पुनः शुरू करने की तैयारी में हैं। दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने 30 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी आधिकारिक पुष्टि की। यह कदम 28 फरवरी को शुरू हुए संयुक्त अमेरिका-इजरायल सैन्य अभियान के लगभग दो महीने बाद उठाया जा रहा है, जो आगे चलकर एक व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में बदल गया था।
मुख्य घटनाक्रम
दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने अपनी पोस्ट में कहा, "एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो 1 मई से दोहा और भारत के विभिन्न गंतव्यों के बीच उड़ान सेवाएँ फिर से शुरू करेंगी।" दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि यह पहल वैश्विक विमानन प्राधिकरणों के समन्वित प्रयासों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में परिचालन को स्थिर करना है। ये तीनों एयरलाइंस दोहा को भारत के कई प्रमुख महानगरों और क्षेत्रीय केंद्रों से फिर से जोड़ेंगी।
संघर्ष का हवाई परिचालन पर असर
गौरतलब है कि 28 फरवरी को शुरू हुए संयुक्त अमेरिका-इजरायल सैन्य अभियान के बाद कतर का हवाई क्षेत्र वाणिज्यिक उड़ानों के लिए लगभग दो महीनों तक काफी हद तक बंद रहा। मार्च की शुरुआत से हमद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर केवल सीमित आपातकालीन और निकासी उड़ानें ही संचालित हो रही थीं। संकट में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के बावजूद कतर भी इस संघर्ष के प्रभाव से अछूता नहीं रहा।
युद्धविराम और स्थिरता की वापसी
अप्रैल के मध्य में इस्लामाबाद में हुए एक नाजुक युद्धविराम ने अस्थायी स्थिरता का अवसर प्रदान किया। इससे वाणिज्यिक बीमा कंपनियों को क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की धीरे-धीरे वापसी की अनुमति देने में मदद मिली। यह ऐसे समय में आया है जब कई यूरोपीय और एशियाई एयरलाइंस भी अपने मध्य-पूर्व मार्गों को पुनर्स्थापित करने की दिशा में कदम उठा रही हैं।
यात्रियों के लिए सावधानी की सलाह
दूतावास ने चेतावनी दी है कि उड़ान कार्यक्रम अभी भी समन्वय प्रक्रिया पर निर्भर हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे समय-सारणी, टर्मिनल जानकारी और बुकिंग स्थिति के बारे में ताज़ा जानकारी के लिए अपनी-अपनी एयरलाइंस के संपर्क में रहें। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में उड़ानों की संख्या और आवृत्ति में धीरे-धीरे वृद्धि होने की संभावना है, बशर्ते क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे।