17 जुलाई 2026
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श्रीनगर में ड्रग तस्करों पर शिकंजा: ₹2 करोड़ की अवैध संपत्तियाँ जब्त, NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई

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श्रीनगर में ड्रग तस्करों पर शिकंजा: ₹2 करोड़ की अवैध संपत्तियाँ जब्त, NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई

सारांश

श्रीनगर पुलिस ने 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत दो ड्रग तस्करों की ₹2 करोड़ की अवैध संपत्तियाँ जब्त कीं — जिनमें बेमिना का एक दो मंजिला मकान भी शामिल है। NDPS एक्ट के तहत यह कार्रवाई नेटवर्क की आर्थिक जड़ें काटने की रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

श्रीनगर पुलिस ने 30 मई 2026 को नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत ₹2 करोड़ की अवैध संपत्तियाँ जब्त कीं।
पहले मामले में बेमिना थाना क्षेत्र के एक आरोपी की ₹1.5 करोड़ मूल्य की संपत्ति — एक दो मंजिला मकान और जमीन — जब्त।
दूसरे मामले में एक अन्य आरोपी की ₹50 लाख अनुमानित मूल्य की संपत्ति NDPS एक्ट के तहत जब्त।
दोनों जब्तियाँ सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की गईं।
पुलिस ने जनता से नशे से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत देने की अपील की।

श्रीनगर पुलिस ने नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत 30 मई 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित कथित अवैध संपत्तियाँ जब्त की हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹2 करोड़ बताई जा रही है। यह कार्रवाई श्रीनगर के अलग-अलग क्षेत्रों में दर्ज मामलों की जाँच के बाद सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से की गई।

मुख्य घटनाक्रम

पहले मामले में बेमिना थाना क्षेत्र में रहने वाले एक आरोपी की लगभग ₹1.5 करोड़ मूल्य की संपत्ति जब्त की गई। जाँच में सामने आया कि बेमिना स्थित एक दो मंजिला मकान और उसके आसपास की जमीन कथित तौर पर ड्रग तस्करी से कमाई गई रकम से खरीदी गई थी।

दूसरे मामले में एक अन्य आरोपी की लगभग ₹50 लाख अनुमानित मूल्य की संपत्ति जब्त की गई। यह कार्रवाई NDPS एक्ट के तहत पहले से दर्ज एक पुराने मामले की जाँच के आधार पर की गई।

कानूनी आधार और प्रक्रिया

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों मामलों में जब्ती पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के अनुसार और संबंधित सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद की गई है। जाँच में यह स्थापित हुआ कि ये संपत्तियाँ अवैध गतिविधियों से अर्जित धन से खरीदी गई थीं। NDPS एक्ट के प्रावधानों के अंतर्गत ऐसी संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार पुलिस को प्राप्त है।

अभियान का उद्देश्य

यह कार्रवाई नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान का हिस्सा है, जिसका मुख्य लक्ष्य ड्रग नेटवर्क को उसकी आर्थिक जड़ों से कमजोर करना है। गौरतलब है कि केवल तस्करों को गिरफ्तार करने के बजाय उनकी अवैध संपत्तियाँ जब्त करना एक अधिक प्रभावी रणनीति मानी जाती है, क्योंकि इससे नेटवर्क की वित्तीय ताकत सीधे तोड़ी जाती है।

पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई

श्रीनगर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे नशे से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी ड्रग तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान जम्मू-कश्मीर में नशे की समस्या से निपटने की दिशा में एक निरंतर प्रयास का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली परीक्षा यह है कि जब्त संपत्तियों का प्रबंधन पारदर्शी तरीके से हो और अदालतों में ये मामले टिकें। जम्मू-कश्मीर में नशे की समस्या की गहरी जड़ें हैं और छिटपुट कार्रवाइयाँ तब तक पर्याप्त नहीं होतीं जब तक पूरे नेटवर्क — आपूर्तिकर्ता से लेकर वित्तपोषक तक — को एक साथ निशाना न बनाया जाए।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर में ड्रग तस्करों की कितनी संपत्ति जब्त की गई?
श्रीनगर पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कुल लगभग ₹2 करोड़ की अवैध संपत्तियाँ जब्त की हैं। इनमें पहले मामले में ₹1.5 करोड़ और दूसरे में ₹50 लाख की संपत्ति शामिल है।
नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान क्या है?
यह श्रीनगर पुलिस का एक चल रहा अभियान है जिसका उद्देश्य ड्रग नेटवर्क को आर्थिक रूप से कमजोर करना और समाज को नशे के खतरे से सुरक्षित करना है। इस अभियान के तहत तस्करी से अर्जित संपत्तियाँ NDPS एक्ट के प्रावधानों के अंतर्गत जब्त की जाती हैं।
बेमिना में कौन-सी संपत्ति जब्त की गई?
बेमिना थाना क्षेत्र में रहने वाले एक आरोपी का दो मंजिला मकान और उसके आसपास की जमीन जब्त की गई, जिनकी अनुमानित कीमत ₹1.5 करोड़ बताई जा रही है। जाँच में यह सामने आया कि ये संपत्तियाँ कथित तौर पर ड्रग तस्करी से कमाई गई रकम से खरीदी गई थीं।
NDPS एक्ट के तहत संपत्ति जब्ती कैसे होती है?
NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट के प्रावधानों के तहत पुलिस सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद उन संपत्तियों को जब्त कर सकती है जो अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई हों। यह प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी होती है और न्यायिक निगरानी में चलती है।
क्या आगे भी ऐसी कार्रवाइयाँ होंगी?
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।
राष्ट्र प्रेस
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