फीफा वर्ल्ड कप 2026 फाइनल: यामल-पोरो की फिटनेस पर संशय, स्पेन की चिंता बढ़ी
सारांश
मुख्य बातें
स्पेन के युवा स्टार लैमिन यामल और डिफेंडर पेड्रो पोरो की फिटनेस फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पहले टीम के लिए बड़ी चिंता बन गई है। न्यू जर्सी में 17 जुलाई को हुए पहले ट्रेनिंग सेशन में दोनों खिलाड़ी मुख्य दल से अलग रहे और मैदान के किनारे केवल हल्की एक्सरसाइज व स्ट्रेचिंग करते नज़र आए। रविवार को अर्जेंटीना के खिलाफ होने वाला यह फाइनल स्पेन के लिए 2010 के बाद पहला विश्व कप खिताबी मुकाबला है।
यामल की चोट का ब्यौरा
ट्रेनिंग के दौरान लैमिन यामल की बाईं जांघ पर पट्टी बंधी हुई थी। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले उनकी हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आया था। स्पेनिश खेल दैनिक 'डायरियो एएस' की रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें एहतियात के तौर पर मुख्य ग्रुप से अलग रखा गया है ताकि फाइनल से पहले उनकी फिटनेस पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े। चोट की गंभीरता के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई है।
यामल इस वर्ल्ड कप में केप वर्डे के खिलाफ एक मैच को छोड़कर हर मुकाबले में शुरुआती एकादश में रहे हैं और कुल 496 मिनट मैदान पर सक्रिय रहे हैं। चोट से वापसी के बाद वे पूरी लय में नहीं दिखे, लेकिन सेमीफाइनल में फ्रांस के खिलाफ उनकी तेज़ रफ्तार और शानदार मूवमेंट की बदौलत स्पेन को एक अहम पेनल्टी मिली, जिससे टीम ने बढ़त हासिल की।
पोरो की मांसपेशियों में जकड़न
पेड्रो पोरो ने इस टूर्नामेंट में स्पेन के सात में से पाँच मैचों में शुरुआत की है और कुल 444 मिनट खेले हैं। उन्होंने ऑस्ट्रिया के खिलाफ राउंड ऑफ 32 और फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल में गोल भी दागे थे। सेमीफाइनल के बाद स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने बताया कि पोरो की मांसपेशियों में हल्की जकड़न है और फाइनल से पहले उनकी फिटनेस की जाँच की जाएगी।
कोच का भरोसा
कोच डे ला फुएंते ने यामल की स्थिति को लेकर भी आश्वस्त करने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि मेडिकल टीम से मिली जानकारी के अनुसार यामल को कोई गंभीर समस्या नहीं है और उनकी हालत ठीक है। गौरतलब है कि फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में अनुभवी खिलाड़ियों को एहतियात के तौर पर अलग रखना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन दोनों प्रमुख खिलाड़ियों का एक साथ अनिश्चित होना टीम प्रबंधन के लिए दोहरी चुनौती है।
फाइनल का ऐतिहासिक संदर्भ
यह मुकाबला स्पेन के लिए 2010 में पहली बार विश्व चैंपियन बनने के बाद पहला वर्ल्ड कप फाइनल है। दूसरी ओर, अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार विश्व कप जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगा — वह इससे पहले 1978, 1986 और 2022 में विश्व चैंपियन बन चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों टीमें टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में हैं और फाइनल को फुटबॉल इतिहास के यादगार मुकाबलों में से एक बताया जा रहा है।
आने वाले दिनों में यामल और पोरो की फिटनेस रिपोर्ट ही तय करेगी कि स्पेन अपनी सर्वश्रेष्ठ एकादश के साथ इस ऐतिहासिक फाइनल में उतर पाएगा या नहीं।