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डोडा की जई घाटी में SOG टीम पर हमला: हथियार छीनने की कोशिश में युवक ढेर, तीन जवान घायल

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डोडा की जई घाटी में SOG टीम पर हमला: हथियार छीनने की कोशिश में युवक ढेर, तीन जवान घायल

सारांश

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले की जई घाटी में रात 11.30 बजे SOG टीम से राइफल छीनने की कोशिश करने वाले युवक आरिफ हुसैन (30) की गोली लगने से मौत हो गई और तीन जवान घायल हुए। घटना के बाद पूरे डोडा जिले में मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया है।

मुख्य बातें

17 जुलाई की रात जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले की जई घाटी में SOG टीम पर कथित हमला हुआ।
हथियार छीनने की कोशिश करने वाले आरिफ हुसैन (30) , निवासी भल्ला गांव, भद्रवाह , की गोली लगने से मौत हो गई।
हाथापाई में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए, जिन्हें एसडीएच भद्रवाह से जीएमसी डोडा रेफर किया गया।
SOG टीम भद्रवाह से 35 किमी दूर जाई-गांडोह रोड पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर निगरानी कर रही थी।
एहतियात के तौर पर पूरे डोडा जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
राजौरी जिले में भी हाल ही में सीसीटीवी में दो संदिग्ध दिखे थे, जो जांच के दायरे में हैं।

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में 17 जुलाई को पर्यटन स्थल जई घाटी के निकट स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) की टीम पर कथित तौर पर हमला हुआ, जिसमें हथियार छीनने की कोशिश करने वाले एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने पूरे डोडा जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं तत्काल प्रभाव से बंद कर दी हैं।

घटनाक्रम: रात के अँधेरे में हमला

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, SOG की टीम ऊंचे पहाड़ी इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद भद्रवाह से लगभग 35 किलोमीटर दूर जाई-गांडोह रोड पर घात लगाकर निगरानी कर रही थी। रात लगभग 11.30 बजे टीम ने एक युवक को रोका, जिसने कथित तौर पर जवानों पर हमला बोल दिया और उनकी राइफल छीनने की कोशिश की।

अधिकारियों के अनुसार, हाथापाई के दौरान SOG के एक जवान ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें युवक को गोली लगी। इसी झड़प में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। घायल जवानों को पहले एसडीएच भद्रवाह लाया गया और वहाँ से उन्हें जीएमसी डोडा रेफर किया गया।

मृतक की पहचान

गोली लगने से घायल हुए युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान आरिफ हुसैन (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो भद्रवाह के भल्ला गांव का निवासी था। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया

घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने डोडा जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। सुरक्षाबलों ने क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। अतिरिक्त पुलिस बल को जई घाटी और आसपास के इलाकों में तैनात किया गया है।

व्यापक सुरक्षा संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पिछले कुछ महीनों से जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में आतंकी गतिविधियों की सूचनाएं लगातार मिल रही हैं। गौरतलब है कि राजौरी जिले में भी हाल ही में दो संदिग्ध व्यक्तियों को सीसीटीवी फुटेज में देखा गया था और उनकी गतिविधियाँ जांच के दायरे में हैं। जई घाटी एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जो भद्रवाह के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, और इस इलाके में सुरक्षाबलों की सक्रियता पहले से बढ़ी हुई थी।

आगे की स्थिति

पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मामले में आगे की जांच जारी है। मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। इंटरनेट सेवाओं की बहाली के बारे में प्रशासन ने अभी कोई समयसीमा नहीं बताई है, और स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजौरी और पुंछ में बढ़ती संदिग्ध गतिविधियाँ संकेत देती हैं कि आतंकी नेटवर्क का दबाव जम्मू क्षेत्र की ओर खिसक रहा है। इंटरनेट शटडाउन एक परिचित प्रशासनिक प्रतिक्रिया है, लेकिन यह सूचना के प्रवाह को भी बाधित करती है — जिससे स्वतंत्र तथ्य-सत्यापन मुश्किल हो जाता है। मृतक की पृष्ठभूमि और घटना की परिस्थितियों की पारदर्शी जांच ज़रूरी है ताकि स्थानीय समुदाय में विश्वास बना रहे।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जई घाटी में SOG टीम पर हमले की घटना क्या है?
17 जुलाई की रात जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले की जई घाटी के पास जाई-गांडोह रोड पर एक युवक ने कथित तौर पर SOG टीम पर हमला किया और राइफल छीनने की कोशिश की। हाथापाई में जवानों की फायरिंग से युवक की मौत हो गई और तीन पुलिसकर्मी घायल हुए।
डोडा में इंटरनेट क्यों बंद किया गया?
घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर पूरे डोडा जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इसकी बहाली की समयसीमा अभी प्रशासन ने नहीं बताई है।
SOG टीम जई घाटी में क्यों तैनात थी?
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऊंचे पहाड़ी इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के बाद SOG टीम भद्रवाह से 35 किमी दूर जाई-गांडोह रोड पर घात लगाकर निगरानी कर रही थी।
क्या जम्मू-कश्मीर में हाल ही में ऐसी अन्य घटनाएँ भी हुई हैं?
हाँ, पिछले कुछ महीनों में जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में आतंकी गतिविधियों की सूचनाएं मिलती रही हैं। राजौरी जिले में भी हाल ही में सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध व्यक्ति दिखे थे, जिनकी गतिविधियाँ जांच के दायरे में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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