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क्या जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में गोलीबारी की घटना में किशोर की जान गई?

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क्या जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में गोलीबारी की घटना में किशोर की जान गई?

सारांश

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में एक दुखद घटना में, ग्राम रक्षा समिति के सदस्य के बेटे की अचानक गोलीबारी में जान चली गई। यह घटना शनिवार रात को हुई, जब उसके पिता की राइफल गलती से चल गई। जानिए इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और क्या है आगे की कार्रवाई।

मुख्य बातें

ग्राम रक्षा समिति के सदस्य के बेटे की गोलीबारी में जान गई।
यह घटना जम्मू-कश्मीर में हुई।
जांच जारी है और फॉरेंसिक जांच के लिए हथियार जब्त किया गया है।
घटना ने स्थानीय सुरक्षा और आत्मरक्षा के मुद्दों को फिर से उठाया है।
वीडीसी का गठन ग्रामीण सुरक्षा के लिए किया गया था।

जम्मू, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में शनिवार को एक अचानक गोलीबारी की घटना में ग्राम रक्षा समिति (वीडीसी) के सदस्य के किशोर बेटे की मौत हो गई। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि किश्तवाड़ जिले में स्थित अपने घर में वीडीसी सदस्य के 16 वर्षीय बेटे की मौत उस समय हुई, जब उसके पिता की राइफल गलती से चल गई। यह घटना शनिवार रात को घटी।

वीडीसी सदस्य प्यारे लाल शनिवार रात करीब 9:30 बजे मुगल मैदान के लोई धर गांव स्थित अपने घर में राइफल साफ कर रहे थे, तभी वह गलती से चल गई।

गोली उनके बेटे अनुज कुमार को लगी, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और कक्षा 10 के छात्र कुमार के शव को पोस्टमार्टम के लिए चतरू अस्पताल ले गई।

गोली लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है। अधिकारियों ने बताया कि हथियार को फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है और कुमार के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर में ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) का गठन ग्रामीणों को आत्मरक्षा के लिए हथियारबंद करने और प्रशिक्षित करने के लिए किया गया था, विशेषकर दूरस्थ क्षेत्रों में आतंकवादियों के खिलाफ।

इनमें पूर्व सैनिक और स्थानीय लोग शामिल हैं, जो स्थानीय ज्ञान का लाभ उठाकर एक सैन्य मददगार के रूप में कार्य करते हैं, और अब संवेदनशील क्षेत्रों के लिए वीडीजी योजना के तहत इनका पुनर्गठन किया जा रहा है।

1990 के दशक के मध्य में जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में आतंकवादी हमलों का मुकाबला करने के लिए गठित वीडीसी ने उन क्षेत्रों में सुरक्षा प्रदान की जहां सुरक्षा बलों को अक्सर दूरस्थ गांवों तक पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ता था।

वीडीसी में 10-15 स्वयंसेवकों के समूह होते हैं, जिनमें पूर्व सैनिक और युवा शामिल होते हैं। इनका नेतृत्व एक सेवानिवृत्त अधिकारी करता है और पुलिस द्वारा पर्यवेक्षित किया जाता है।

इन सदस्यों को मासिक पारिश्रमिक दिया जाता है। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को आतंकवाद से सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण और हथियार (जैसे .303 राइफल) उपलब्ध कराना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किस जिले में यह घटना हुई?
यह घटना जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में हुई।
किशोर का नाम क्या था?
किशोर का नाम अनुज कुमार था।
घटना के समय पिता क्या कर रहे थे?
पिता अपने घर में राइफल साफ कर रहे थे।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू की।
राष्ट्र प्रेस
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