केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य नेताओं ने नानाजी देशमुख को दी श्रद्धांजलि
सारांश
Key Takeaways
- नानाजी देशमुख का योगदान समाज सुधार में महत्वपूर्ण रहा है।
- उनकी पुण्यतिथि पर विभिन्न नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।
- वे 'ग्रामोदय से राष्ट्रोदय' के सिद्धांत के समर्थक थे।
- उनकी शिक्षाएं आज भी प्रेरणादायक हैं।
- उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। समाज सुधारक और प्रबुद्ध राष्ट्र सेवक नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। अमित शाह ने नानाजी देशमुख के राष्ट्रसेवा एवं समाज-कल्याण के लिए किए गए संघर्ष को याद किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "संघ से लेकर जनसंघ एवं भाजपा तक, राष्ट्रसेवा एवं समाज-कल्याण के लिए समर्पित 'भारत रत्न' नानाजी देशमुख जी ने ग्रामोदय को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया और भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा के आजीवन पथप्रदर्शक रहे। नानाजी देशमुख जी को उनकी पुण्यतिथि पर नमन करता हूं।"
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नानाजी देशमुख को 'राष्ट्रऋषि' बताते हुए 'एक्स' पर लिखा, "एक प्रबुद्ध राष्ट्रसेवक के रूप में नानाजी देशमुख जी का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र की सेवा और जन कल्याण के लिए समर्पित रहा। उनका तपस्वी जीवन समस्त कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायी है। मानवता के सच्चे उपासक 'राष्ट्रऋषि' भारत रत्न नानाजी देशमुख जी की पुण्यतिथि पर उनके चरणों में कोटि-कोटि वंदन।"
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, "'ग्रामोदय से राष्ट्रोदय' के शिल्पकार, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, युगदृष्टा, 'भारत रत्न', 'राष्ट्रऋषि' श्रद्धेय नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि पर उनके चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण के लिए गतिमान अनेक योजनाएं उनकी राष्ट्र सेवा की जीवंत साक्षी हैं। आइए, उनकी दिखाई राह पर चलकर भारत के नवनिर्माण में हम सब अपना योगदान दें।"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, "जनसंघ के संस्थापक सदस्य, 'राष्ट्रऋषि', 'भारत रत्न' नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। अंत्योदय और ग्रामोदय को जीवन का संकल्प बनाकर उन्होंने सेवा, त्याग और राष्ट्र निर्माण की जो अमिट परंपरा स्थापित की वह सदैव हम सबका मार्गदर्शन करती रहेगी।"
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी नानाजी देशमुख को याद किया है। उन्होंने लिखा, "'ग्रामोदय से राष्ट्रोदय' की संकल्पना को व्यवहार में उतारने वाले नानाजी देशमुख ने ग्रामीण स्वावलंबन, सामाजिक संगठन और मूल्याधारित विकास को राष्ट्रनिर्माण का आधार बनाया। समाजसेवी और चिंतक के रूप में उनका योगदान भारतीय विकास दृष्टि को स्थायी दिशा देता है।"
उन्होंने आगे लिखा, "लोकतंत्र की रक्षा, सेवा-निष्ठा और निस्वार्थ कर्म से युक्त उनका जीवन सशक्त ग्राम, सशक्त राष्ट्र के आदर्श का प्रेरक उदाहरण है। उनकी पुण्यतिथि पर विनम्र नमन।"