उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने श्रद्धांजलि दी नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि पर
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नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रख्यात समाज सुधारक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक, भारतरत्न नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को उपराष्ट्रपति भवन में पुष्पांजलि अर्पित की।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उल्लेख किया, "नानाजी देशमुख, एक महान समाज सुधारक और राजनेता, अंत्योदय के सिद्धांत में गहरी आस्था रखते थे। उन्होंने अपना जीवन समाज के आखिरी व्यक्ति की भलाई के लिए समर्पित किया। उन्होंने इमरजेंसी के दौरान लोक नायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में "संपूर्ण क्रांति" आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहे।"
उन्होंने आगे कहा कि नानाजी का योगदान हमेशा ग्रामीण विकास, सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र-निर्माण के प्रति उनके अटूट समर्पण के लिए याद किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "भारत रत्न नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन। 'राष्ट्रऋषि' नानाजी ने अपना जीवन ग्रामीण भारत के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण के लिए समर्पित किया। उनके लिए समाज सेवा विचार नहीं, बल्कि साधना थी। उनका समर्पित जीवन हमें राष्ट्र-निर्माण के मार्ग पर प्रेरित करता है।"
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने लिखा, "दूरदर्शी समाज सुधारक नानाजी देशमुख को उनकी पुण्यतिथि पर याद करते हुए। आरएसएस के एक समर्पित प्रचारक, उन्होंने अपना जीवन ग्रामीण विकास, शिक्षा और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया, जो अंत्योदय की भावना को दर्शाता है। उनका जीवन और कार्य हमें निरंतर प्रेरित करता है।"
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा, "भारत रत्न, 'राष्ट्र ऋषि' श्रद्धेय नानाजी देशमुख जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उनका जीवन निस्वार्थ सेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान की प्रेरणा है। नानाजी ने राजनीति को सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि लोक-कल्याण और शुचिता का मार्ग बनाया।"
उन्होंने आगे कहा कि सक्रिय राजनीति के शिखर पर रहते हुए उन्होंने अपना जीवन ग्रामीण भारत के स्वावलंबन के लिए समर्पित किया। 'ग्रामोदय से राष्ट्रोदय' के उनके दृष्टिकोण ने देश को आत्मनिर्भरता की नई दिशा दिखाई। सादगी और सेवा के प्रति उनका यह अनन्य समर्पण हमें जनसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।