13 अगस्त 2026
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बांग्लादेश ऊर्जा संकट: अवामी लीग ने बीएनपी सरकार पर साधा निशाना, रोज़ 6-12 घंटे बिजली कटौती का आरोप

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बांग्लादेश ऊर्जा संकट: अवामी लीग ने बीएनपी सरकार पर साधा निशाना, रोज़ 6-12 घंटे बिजली कटौती का आरोप

सारांश

बांग्लादेश में रोज़ाना 6 से 12 घंटे की बिजली कटौती ने शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और कृषि को चरमरा दिया है। अवामी लीग का आरोप है कि बीएनपी सरकार ने एक हल-करने-योग्य संकट को राष्ट्रीय आपातकाल में बदल दिया है — और सवाल यह है कि जनता कब तक यह अंधेरा बर्दाश्त करेगी।

मुख्य बातें

अवामी लीग ने बीएनपी सरकार पर बांग्लादेश को अभूतपूर्व ऊर्जा संकट में धकेलने का आरोप लगाया।
पार्टी के अनुसार, देशभर में रोज़ाना 6 से 12 घंटे की बिजली कटौती हो रही है।
खुलना में झींगा फार्म, राजशाही-नटोर में सिंचाई पंप और कपड़ा इकाइयाँ बुरी तरह प्रभावित।
क्षेत्रीय अस्पताल आईसीयू और वैक्सीन कोल्ड चेन के लिए डीजल जनरेटर पर निर्भर — मरीजों की सुरक्षा खतरे में।
पार्टी ने मुहम्मद यूनुस की पूर्ववर्ती अंतरिम सरकार और मौजूदा बीएनपी, दोनों को जिम्मेदार ठहराया।

बांग्लादेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी अवामी लीग ने सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) सरकार पर देश को अभूतपूर्व ऊर्जा संकट में धकेलने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि 13 अगस्त 2026 तक की स्थिति में रोज़ाना 6 से 12 घंटे की बिजली कटौती ने शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक आम जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अवामी लीग के अनुसार, बीएनपी सरकार ने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती अंतरिम सरकार की 'घातक नीतिगत सुस्ती' को जारी रखा है।

संकट की गहराई और आम जनता पर असर

अवामी लीग ने कहा, 'यह संकट अब कोई छोटी-मोटी या कुछ समय की परेशानी नहीं रह गई है — यह पूरी तरह से सिस्टम के फेल होने जैसा है।' पार्टी के अनुसार, लंबे समय तक बिजली गुल रहने से परिवारों की नींद उड़ गई है, छोटी दुकानें जल्दी बंद हो रही हैं और खाना पकाने जैसे रोज़मर्रा के कामों में घंटों की रुकावट आ रही है।

ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में छात्र फोन की रोशनी में पढ़ाई करने को मजबूर हैं या शाम का काम पूरी तरह छोड़ देते हैं। पार्टी का कहना है कि पिछले एक दशक में तैयार किए गए डिजिटल लर्निंग टूल लंबी बिजली कटौती के दौरान पूरी तरह बेकार हो जाते हैं।

उद्योग और कृषि पर विनाशकारी प्रभाव

अवामी लीग के अनुसार, औद्योगिक इलाकों में कपड़ा इकाइयों में बार-बार घंटों तक काम रुक जाता है और चावल की मिलें ठप पड़ी हैं। खुलना में झींगा पालन फार्मों में एरेटर (ऑक्सीजन देने वाली मशीनें) फेल होने से पूरे स्टॉक के बर्बाद होने का खतरा बना रहता है। राजशाही और नटोर में सिंचाई पंप बंद हो जाते हैं, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित हो रहा है।

पहले से गैस की कमी झेल रहे निर्माताओं को अब बिजली संकट का भी सामना करना पड़ रहा है, जिससे डीजल की लागत बढ़ रही है और निर्यात शिपमेंट में देरी हो रही है। पार्टी का कहना है कि इससे देश की वह व्यापारिक विश्वसनीयता खत्म हो रही है जिसे बनाने में सालों लगे।

स्वास्थ्य सेवा पर गंभीर खतरा

अवामी लीग ने विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर चिंता जताई। पार्टी के अनुसार, क्षेत्रीय अस्पताल और क्लीनिक आईसीयू संचालन, सर्जरी और वैक्सीन कोल्ड चेन बनाए रखने के लिए डीजल जनरेटर पर अत्यधिक निर्भर हो गए हैं। पार्टी ने कहा कि ऐसे स्वास्थ्य सेवा तंत्र में, जो अभी भी क्षमता विस्तार के लिए संघर्ष कर रहा है, लंबी बिजली कटौती मरीजों की सुरक्षा के लिए सीधा और गंभीर खतरा है।

सरकार पर राजनीतिक हमला और आगे की राह

2024 की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद सत्ता में आई सरकारों की कड़ी आलोचना करते हुए अवामी लीग ने कहा, 'बांग्लादेश के मौजूदा शासकों — पहले अंतरिम प्रशासन और अब चुनी हुई बीएनपी सरकार — ने एक ऐसे संकट को, जिसे हल किया जा सकता था, राष्ट्रीय आपातकाल का रूप लेने दिया है।' पार्टी ने ज़ोर देकर कहा कि ऊर्जा सुरक्षा कोई विलासिता नहीं, बल्कि 'आधुनिक जीवन, शिक्षा, उद्योग और स्वास्थ्य सेवा' की बुनियाद है। यह देखना होगा कि बीएनपी सरकार इस बढ़ते जन-असंतोष के बीच ऊर्जा आपूर्ति सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बिजली कटौती के जो विशिष्ट उदाहरण सामने आए हैं — खुलना के झींगा फार्म, राजशाही के सिंचाई पंप, अस्पतालों की जनरेटर-निर्भरता — वे महज़ विपक्षी बयानबाज़ी से परे एक संरचनात्मक विफलता की ओर इशारा करते हैं। गौरतलब है कि बांग्लादेश का निर्यात-आधारित विकास मॉडल भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्ति के बिना टिक नहीं सकता। बीएनपी सरकार के लिए असली परीक्षा यह है कि वह इस संकट को विरासत में मिली समस्या बताकर कब तक बचती रहेगी — और कब ठोस समाधान पेश करेगी।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में ऊर्जा संकट कितना गंभीर है?
अवामी लीग के अनुसार, बांग्लादेश में रोज़ाना 6 से 12 घंटे की बिजली कटौती हो रही है, जिसने शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों को प्रभावित किया है। पार्टी ने इसे 'पूर्ण प्रणालीगत विफलता' करार दिया है।
अवामी लीग ने बीएनपी सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
अवामी लीग का आरोप है कि बीएनपी सरकार ने मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार की 'घातक नीतिगत सुस्ती' को जारी रखा और एक हल-करने-योग्य संकट को राष्ट्रीय आपातकाल बनने दिया। पार्टी ने दोनों सरकारों को जिम्मेदार ठहराया है।
बिजली संकट से बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ रहा है?
कपड़ा उद्योग, चावल मिलें, झींगा फार्म और कृषि सिंचाई सभी बाधित हैं। डीजल पर निर्भरता से उत्पादन लागत बढ़ रही है और निर्यात शिपमेंट में देरी हो रही है, जिससे बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक साख को नुकसान पहुँच रहा है।
बिजली कटौती से स्वास्थ्य सेवा पर क्या खतरा है?
क्षेत्रीय अस्पताल और क्लीनिक आईसीयू संचालन, सर्जरी और वैक्सीन कोल्ड चेन के लिए डीजल जनरेटर पर निर्भर हो गए हैं। अवामी लीग के अनुसार, यह मरीजों की सुरक्षा के लिए सीधा और गंभीर खतरा है।
बांग्लादेश में यह ऊर्जा संकट कब से चल रहा है?
अवामी लीग के अनुसार, यह संकट 2024 की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद से जारी है, जब पहले अंतरिम प्रशासन और फिर बीएनपी सरकार ने ऊर्जा नीति पर पर्याप्त कदम नहीं उठाए। 13 अगस्त 2026 तक स्थिति में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं दिखा है।
राष्ट्र प्रेस
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