बांग्लादेश 'राज्य विफलता' की कगार पर: आवामी लीग ने यूनुस और BNP सरकार पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी आवामी लीग ने 4 अगस्त 2026 को आरोप लगाया कि तथाकथित जुलाई आंदोलन के दो वर्ष बाद देश 'राज्य विफलता' की स्थिति में पहुँच चुका है। पार्टी के अनुसार, सुधार, नागरिक स्वतंत्रता और कानून के शासन के वादे अब सुरक्षा शून्यता, व्यवस्थित हिंसा और राजनीतिक एकाधिकार के लिए इस्तेमाल होती राज्य संस्थाओं में बदल चुके हैं।
लगातार सरकारों पर आरोप
आवामी लीग ने अपने बयान में कहा कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार से लेकर वर्तमान बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की सरकार तक — दोनों ने जनता की असुरक्षा का इस्तेमाल असाधारण शक्तियों को उचित ठहराने के लिए किया। पार्टी के अनुसार, 'चौकन्ने लोगों, आपराधिक गिरोहों और राजनीतिक भीड़ को समाज पर पुलिसिंग करने की खुली छूट दी गई।'
पार्टी ने कहा, 'अंतरिम प्रशासन के तकनीकी कुप्रबंधन से लेकर निर्वाचित BNP प्रशासन के शासन तक, किसी भी शासन ने देश को स्थिर नहीं किया।'
अल्पसंख्यकों पर हमले: आँकड़े चौंकाने वाले
आवामी लीग ने अल्पसंख्यक अधिकार संगठन 'बांग्लादेश हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल' का हवाला देते हुए बताया कि अगस्त 2024 से जून 2026 के बीच धार्मिक अल्पसंख्यकों के घरों, व्यवसायों और पूजा स्थलों पर 2,000 से अधिक हमले दर्ज किए गए।
उक्त संगठन के आँकड़ों के अनुसार, 2025 में 522 सांप्रदायिक हमले, 66 मौतें, मंदिरों और चर्चों पर 95 हमले और अल्पसंख्यक महिलाओं व लड़कियों के विरुद्ध यौन हिंसा के 28 मामले सामने आए। इसके अतिरिक्त, 2026 के पहले छह महीनों में 257 और सांप्रदायिक घटनाएँ हुईं, जिनमें हत्याएँ और संगठित भूमि कब्जा भी शामिल बताया गया है।
आवामी लीग ने आरोप लगाया कि अंतरिम सरकार ने इन घटनाओं को 'राजनीतिक, न कि सामुदायिक' कहकर खारिज कर दिया, जबकि बाद में आई BNP सरकार ने भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर संकट
ढाका स्थित मानवाधिकार संगठन ऐन ओ सलीश केंद्र (ASK) के हवाले से पार्टी ने बताया कि 2026 के पहले चार महीनों में 118 लड़कियों के साथ बलात्कार हुआ और 17 की हत्या कर दी गई। बाल अधिकार समूह 'शिशुराई शोब' ने बताया कि जनवरी से जून 2026 के बीच 86 बच्चों की हत्या हुई और 336 का यौन शोषण हुआ, जिनमें पड़ोसियों, रिश्तेदारों और शिक्षकों की बार-बार कथित अपराधियों में पहचान की गई।
पार्टी के अनुसार, जुलाई 2024 के प्रदर्शनों के बाद से महिलाओं और नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब देश की कानून-व्यवस्था पहले से ही दबाव में है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जवाबदेही की माँग
आवामी लीग ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह 'कूटनीतिक भाषा के पीछे न छिपे' और यह दिखावा बंद करे कि बांग्लादेश एक स्वस्थ राजनीतिक परिवर्तन से गुजर रहा है। पार्टी ने विदेशी सरकारों, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं और व्यापारिक साझेदारों से माँग की कि वे देश में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के लिए ढाका के अधिकारियों को जवाबदेह ठहराएँ।
गौरतलब है कि यह बयान जुलाई आंदोलन की दूसरी वर्षगाँठ के अवसर पर आया है, जो बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति को लेकर बढ़ती अंतरराष्ट्रीय चिंता के बीच एक महत्त्वपूर्ण संकेत है।