135वां डूरंड कप: शिलॉन्ग लाजोंग एफसी क्वार्टर फाइनल में, लैंग्सनिंग के साथ 3-3 का रोमांचक ड्रॉ
सारांश
मुख्य बातें
शिलॉन्ग लाजोंग एफसी ने 135वें डूरंड कप के क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली, जब 13 अगस्त को शिलॉन्ग के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में ग्रुप-ई के निर्णायक मुकाबले में लैंग्सनिंग एफसी के साथ 3-3 का रोमांचक ड्रॉ खेला गया। इस एक अंक ने शिलॉन्ग लाजोंग को सात अंकों के साथ ग्रुप में शीर्ष पर पहुंचा दिया और अगले दौर का टिकट दिला दिया।
मैच का मुख्य घटनाक्रम
शिलॉन्ग लाजोंग के ब्राज़ीलियाई फॉरवर्ड जोआओ विटोर डी पाउला मोराइस (जोटा) इस मुकाबले के हीरो रहे। 25वें मिनट में लैंग्सनिंग के कप्तान एटलांसन खारमाव के पास से गेंद फिसलकर जोटा के पास आई और उन्होंने शांत अंदाज़ में बॉक्स में घुसकर पहला गोल दागा। 30वें मिनट में एवरब्राइटन सना के अनोखे बैकहील पास पर जोटा ने कई स्टेपओवर से डिफेंडर को छकाते हुए दूर के कोने में गोल कर बढ़त 2-0 कर दी।
लैंग्सनिंग ने हार नहीं मानी। 49वें मिनट में कायरमेन्स्कहेम मुखिम ने करीब से हेडर मारकर अंतर आधा किया। 63वें मिनट में वाडाजीद किन्साई रिंगखलेम ने शानदार हेडर से स्कोर 2-2 बराबर कर दिया।
सना का निर्णायक हेडर और लैंग्सनिंग की नाटकीय वापसी
82वें मिनट में कप्तान केनस्टार खारशोंग के बाईं ओर से क्रॉस पर सना ने दूर वाले पोस्ट पर हेडर से गोल किया और शिलॉन्ग लाजोंग को 3-2 की बढ़त दिला दी। लेकिन लैंग्सनिंग ने स्टॉपेज टाइम के पहले मिनट में शॉर्ट कॉर्नर के बाद आए क्रॉस पर सैयद अहमद के हेडर से बराबरी हासिल कर यादगार वापसी की।
ग्रुप-ई की अंतिम तस्वीर
शिलॉन्ग लाजोंग 7 अंकों के साथ ग्रुप-ई में शीर्ष पर रहा, जबकि लैंग्सनिंग एफसी 5 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इस नतीजे ने बेहतर गोल अंतर के आधार पर ईस्ट बंगाल और जमशेदपुर एफसी की भी टूर्नामेंट की दो सर्वश्रेष्ठ दूसरे स्थान वाली टीमों के रूप में क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर दी।
आगे क्या होगा
शिलॉन्ग लाजोंग अब 135वें डूरंड कप के क्वार्टर फाइनल में उतरेगा। यह टीम पूर्वोत्तर भारत की फुटबॉल परंपरा का प्रतिनिधित्व करती है और डूरंड कप के इतिहास में पूर्वोत्तर क्लबों की बढ़ती ताकत का संकेत देती है। गौरतलब है कि यह टूर्नामेंट एशिया का सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट माना जाता है।