राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 14 अगस्त को 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को करेंगी संबोधित
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 14 अगस्त 2025 को शाम 7 बजे देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करेंगी। यह संबोधन आकाशवाणी के पूरे राष्ट्रीय नेटवर्क और सभी दूरदर्शन चैनलों पर एक साथ प्रसारित किया जाएगा। भाषण पहले हिंदी में और उसके तुरंत बाद अंग्रेज़ी में प्रसारित होगा।
प्रसारण की व्यवस्था
दूरदर्शन ने पुष्टि की है कि हिंदी और अंग्रेज़ी प्रसारण के बाद उसके क्षेत्रीय चैनल अलग-अलग राज्यों के दर्शकों के लिए स्थानीय भाषाओं में अनुवादित संस्करण प्रसारित करेंगे। आकाशवाणी रात 9:30 बजे अपने क्षेत्रीय नेटवर्क पर क्षेत्रीय भाषाओं में संस्करण प्रसारित करेगा, ताकि संदेश नागरिकों तक उनकी मातृभाषा में पहुँच सके।
अधिकारियों के अनुसार, दूरदर्शन के टेरेस्ट्रियल और सैटेलाइट चैनलों के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर भी यह भाषण उपलब्ध रहेगा, जिससे अधिकतम नागरिकों तक पहुँच सुनिश्चित की जा सके।
परंपरा और महत्व
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का वार्षिक संबोधन एक सुस्थापित संवैधानिक परंपरा है। यह भाषण आमतौर पर देश की उपलब्धियों, आने वाली चुनौतियों और राष्ट्रीय आकांक्षाओं को रेखांकित करता है, साथ ही स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है।
गौरतलब है कि इस वर्ष का संबोधन विशेष रूप से ऐतिहासिक है, क्योंकि भारत 1947 से अब तक के आठ दशकों के लोकतांत्रिक शासन और राष्ट्रीय प्रगति का उत्सव मना रहा है — यह एक ऐसा मील का पत्थर है जो स्वतंत्र भारत की यात्रा को नई दृष्टि से देखने का अवसर देता है।
क्रम और संदर्भ
राष्ट्रपति का यह संबोधन 15 अगस्त को नई दिल्ली के लाल किले से प्रधानमंत्री के पारंपरिक स्वतंत्रता दिवस भाषण से पहले प्रसारित होगा। इस प्रकार यह भाषण राष्ट्रीय समारोहों की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक बनता है और अगले दिन के उत्सव की भावनात्मक एवं संवैधानिक पृष्ठभूमि तैयार करता है।
आगे क्या
देश भर के नागरिक 14 अगस्त की शाम राष्ट्रपति मुर्मु का संदेश सुनेंगे। इसके अगले दिन 15 अगस्त 2025 को लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वजारोहण और प्रधानमंत्री का संबोधन होगा, जो 80वें स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह का केंद्र रहेगा।