राष्ट्रपति मुर्मु का स्वतंत्रता दिवस पूर्व संध्या संबोधन 'प्रेरणादायी': PM मोदी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के स्वतंत्रता दिवस पूर्व संध्या संबोधन को 'प्रेरणादायी और विचारोत्तेजक' बताया। मोदी ने एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति के विचार देश की शक्ति और प्रत्येक भारतीय की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करते हैं। 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिया गया यह संबोधन राष्ट्र-निर्माण और विकसित भारत के संकल्प को केंद्र में रखता है।
मुख्य घटनाक्रम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार, 14 अगस्त को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को नमन करते हुए लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और पिछले एक दशक से अधिक समय में हुए विकास का उल्लेख किया। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, श्रमिकों और किसानों सहित राष्ट्र-निर्माण में योगदान दे रहे सभी नागरिकों की सराहना की।
राष्ट्रपति ने 'वयं राष्ट्रे जागृयाम' के वैदिक संदेश का उल्लेख करते हुए नागरिकों से राष्ट्र के प्रति सदैव जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त हुआ और स्वतंत्र भारत की नियति के निर्माता देशवासी बने।
विभाजन और एकीकरण का स्मरण
राष्ट्रपति मुर्मु ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का भी उल्लेख किया और कहा कि सांप्रदायिक हिंसा के कारण लाखों लोगों को विस्थापन और पीड़ा झेलनी पड़ी। उन्होंने स्वतंत्रता के समय 550 से अधिक रियासतों के भारत में एकीकरण की चुनौती और सरदार वल्लभभाई पटेल के ऐतिहासिक योगदान को भी याद किया।
यह ऐसे समय में आया है जब देश अपनी समृद्ध विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को अपनाते हुए आधुनिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।
समावेशी विकास के आँकड़े
राष्ट्रपति ने पिछले एक दशक से अधिक समय में हुए समावेशी विकास का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है।
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत करीब 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं, जिनमें 32 करोड़ से अधिक महिलाएँ हैं। वहीं, 80 करोड़ लोगों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था के ज़रिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। राष्ट्रपति ने कहा कि आज साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले लोग विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान दे रहे हैं।
PM मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि राष्ट्रपति का संदेश सभी देशवासियों को विकसित भारत के निर्माण के लिए नए संकल्प और दृढ़ता के साथ काम करने की प्रेरणा देता है। गौरतलब है कि यह संबोधन ऐसे अवसर पर आया जब देश 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय गौरव और भविष्य के संकल्प को एक साथ स्मरण कर रहा है।
आगे क्या
प्रधानमंत्री मोदी 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिसमें विकसित भारत के रोडमैप पर नई घोषणाओं की संभावना जताई जा रही है। राष्ट्रपति के संबोधन ने उस वैचारिक पृष्ठभूमि को तैयार किया है जिस पर स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम आगे बढ़ेंगे।