14 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राष्ट्रपति मुर्मु का स्वतंत्रता दिवस पूर्व संध्या संबोधन 'प्रेरणादायी': PM मोदी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राष्ट्रपति मुर्मु का स्वतंत्रता दिवस पूर्व संध्या संबोधन 'प्रेरणादायी': PM मोदी

सारांश

80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मु का संबोधन महज़ रस्म नहीं था — उन्होंने 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने, 59 करोड़ जन धन खातों और 550 रियासतों के एकीकरण की विरासत को एक सूत्र में पिरोया। PM मोदी ने इसे 'प्रेरणादायी' बताते हुए विकसित भारत के संकल्प को रेखांकित किया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त 2026 को एक्स पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संबोधन को 'प्रेरणादायी और विचारोत्तेजक' बताया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने 25 करोड़ से अधिक लोगों के गरीबी से बाहर आने और 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिलने का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 59 करोड़ खाताधारक, जिनमें 32 करोड़ से अधिक महिलाएँ शामिल हैं।
राष्ट्रपति ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस और सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा 550 से अधिक रियासतों के एकीकरण को याद किया।
'वयं राष्ट्रे जागृयाम' के वैदिक संदेश के साथ नागरिकों से राष्ट्र के प्रति जागरूक रहने का आह्वान।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के स्वतंत्रता दिवस पूर्व संध्या संबोधन को 'प्रेरणादायी और विचारोत्तेजक' बताया। मोदी ने एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति के विचार देश की शक्ति और प्रत्येक भारतीय की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करते हैं। 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिया गया यह संबोधन राष्ट्र-निर्माण और विकसित भारत के संकल्प को केंद्र में रखता है।

मुख्य घटनाक्रम

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार, 14 अगस्त को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को नमन करते हुए लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और पिछले एक दशक से अधिक समय में हुए विकास का उल्लेख किया। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, श्रमिकों और किसानों सहित राष्ट्र-निर्माण में योगदान दे रहे सभी नागरिकों की सराहना की।

राष्ट्रपति ने 'वयं राष्ट्रे जागृयाम' के वैदिक संदेश का उल्लेख करते हुए नागरिकों से राष्ट्र के प्रति सदैव जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त हुआ और स्वतंत्र भारत की नियति के निर्माता देशवासी बने।

विभाजन और एकीकरण का स्मरण

राष्ट्रपति मुर्मु ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का भी उल्लेख किया और कहा कि सांप्रदायिक हिंसा के कारण लाखों लोगों को विस्थापन और पीड़ा झेलनी पड़ी। उन्होंने स्वतंत्रता के समय 550 से अधिक रियासतों के भारत में एकीकरण की चुनौती और सरदार वल्लभभाई पटेल के ऐतिहासिक योगदान को भी याद किया।

यह ऐसे समय में आया है जब देश अपनी समृद्ध विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को अपनाते हुए आधुनिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।

समावेशी विकास के आँकड़े

राष्ट्रपति ने पिछले एक दशक से अधिक समय में हुए समावेशी विकास का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है।

प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत करीब 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं, जिनमें 32 करोड़ से अधिक महिलाएँ हैं। वहीं, 80 करोड़ लोगों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था के ज़रिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। राष्ट्रपति ने कहा कि आज साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले लोग विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान दे रहे हैं।

PM मोदी की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि राष्ट्रपति का संदेश सभी देशवासियों को विकसित भारत के निर्माण के लिए नए संकल्प और दृढ़ता के साथ काम करने की प्रेरणा देता है। गौरतलब है कि यह संबोधन ऐसे अवसर पर आया जब देश 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय गौरव और भविष्य के संकल्प को एक साथ स्मरण कर रहा है।

आगे क्या

प्रधानमंत्री मोदी 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिसमें विकसित भारत के रोडमैप पर नई घोषणाओं की संभावना जताई जा रही है। राष्ट्रपति के संबोधन ने उस वैचारिक पृष्ठभूमि को तैयार किया है जिस पर स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम आगे बढ़ेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि '25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर' जैसे दावों को किस मापदंड से परखा जाए — सरकारी परिभाषा और स्वतंत्र अनुमान अक्सर अलग-अलग तस्वीर पेश करते हैं। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर विरासत और विकास के समन्वय की बात तो होती है, पर बेरोज़गारी, महँगाई और किसान आय जैसे मुद्दे संबोधन की परिधि से बाहर रहे। PM मोदी की त्वरित एक्स प्रतिक्रिया राजनीतिक संदेश को पुष्ट करती है, लेकिन जवाबदेही की कसौटी पर कल्याणकारी योजनाओं की गुणवत्ता और पहुँच की समीक्षा अभी बाकी है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मु के संबोधन पर क्या कहा?
PM नरेंद्र मोदी ने एक्स पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के 14 अगस्त 2026 के संबोधन को 'प्रेरणादायी और विचारोत्तेजक' बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के विचार देश की शक्ति और प्रत्येक भारतीय की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करते हैं।
राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संबोधन में कौन-से प्रमुख विषय उठाए?
राष्ट्रपति मुर्मु ने स्वतंत्रता संग्राम, विभाजन की त्रासदी, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर बात की। उन्होंने 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने, 59 करोड़ जन धन खातों और 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिलने का उल्लेख किया।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस क्या है और राष्ट्रपति ने इसका उल्लेख क्यों किया?
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस 14 अगस्त को मनाया जाता है और यह 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा व विस्थापन की पीड़ा को याद करने का अवसर है। राष्ट्रपति मुर्मु ने इसका उल्लेख करते हुए उन लाखों लोगों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने विभाजन की त्रासदी झेली।
राष्ट्रपति ने सरदार पटेल का उल्लेख किस संदर्भ में किया?
राष्ट्रपति मुर्मु ने स्वतंत्रता के समय 550 से अधिक रियासतों के भारत में एकीकरण की चुनौती के संदर्भ में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद किया। उन्होंने इसे राष्ट्र-निर्माण के सबसे कठिन और महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक बताया।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति का संदेश क्या था?
राष्ट्रपति मुर्मु ने 'वयं राष्ट्रे जागृयाम' के वैदिक संदेश के साथ नागरिकों से राष्ट्र के प्रति सदैव जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के भारत में हर व्यक्ति बड़े सपने देख सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 2 घंटे पहले
  3. 2 घंटे पहले
  4. 22 घंटे पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले