राष्ट्रपति मुर्मु का स्वतंत्रता दिवस संबोधन: 25 करोड़ गरीबी मुक्त, 59 करोड़ जन धन खाते — विकसित भारत का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा दिया। उन्होंने आर्थिक प्रगति, डिजिटल ढाँचे, सामाजिक कल्याण, महिला सशक्तीकरण, युवा नवाचार, पर्यावरण और विदेश नीति — सभी मोर्चों पर हुई प्रगति को रेखांकित किया। मुर्मु ने स्पष्ट किया कि सभी भारतवासियों का विकास और कल्याण ही विकसित भारत के निर्माण का वास्तविक लक्ष्य है।
सामाजिक कल्याण और वित्तीय समावेश
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से मुक्ति दिलाने में सफलता मिली है। प्रधानमंत्री जन धन योजना — जिसे विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेश योजना बताया गया — के तहत अब तक लगभग 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं, जिनमें 32 करोड़ से अधिक महिला खाताधारक शामिल हैं।
80 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराकर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। वहीं, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 60 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।
किसानों के संदर्भ में राष्ट्रपति ने कहा कि किसान सम्मान निधि तथा किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से खेती, डेयरी, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन से जुड़े किसानों को संबल मिला है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी प्रगति
राष्ट्रपति मुर्मु ने दावा किया कि भारत ने विश्व का सबसे बड़ा और सबसे उन्नत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। उन्होंने रेखांकित किया कि गाँवों की छोटी दुकानों और रेहड़ी-पटरी तक डिजिटल भुगतान पहुँच चुका है। उल्लेखनीय है कि विश्व के आधे से अधिक रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन अब भारत में हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकारी कल्याण योजनाओं को पारदर्शी तरीके से आम नागरिकों तक पहुँचाया गया है। हाईवे, वाटरवेज, रेलवे और एयरवेज के रूप में आधुनिक बुनियादी ढाँचे का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है, जिससे नए उद्यमों के लिए अवसर और निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।
महिला सशक्तीकरण और युवा शक्ति
राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में देश की बेटियाँ प्रभावशाली प्रदर्शन कर रही हैं और महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता लगातार बढ़ रही है। स्वयं सहायता समूहों में 10 करोड़ से अधिक महिला सदस्य हैं। मुद्रा योजना के लाभार्थियों में लगभग दो तिहाई महिलाएँ हैं।
युवाओं के संदर्भ में मुर्मु ने बताया कि देश की कुल आबादी में 65 प्रतिशत लोगों की आयु 35 वर्ष से कम है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि केवल 28 वर्ष की औसत आयु वाली एक युवा टीम ने हाल ही में रॉकेट का सफल प्रक्षेपण कर अंतरिक्ष अन्वेषण के नए युग का सूत्रपात किया है।
नक्सल मुक्ति, विरासत और विदेश नीति
राष्ट्रपति मुर्मु ने भारत को नक्सल मुक्त बनाने को एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की धारा प्रवाहित हो रही है और बस्तर ओलिंपिक्स तथा बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में भारी जनभागीदारी देखी गई है।
सांस्कृतिक विरासत के मोर्चे पर उन्होंने बताया कि मराठा सैन्य परंपरा से जुड़े 12 दुर्गों को पिछले वर्ष यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया। इस वर्ष सारनाथ — भगवान बुद्ध के प्रथम प्रवचन का स्थल — को भी इस प्रतिष्ठित सूची में स्थान मिला है।
विदेश नीति पर राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने अनेक देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं और ग्लोबल साउथ में भारत अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
राष्ट्रपति का आह्वान
संबोधन के अंत में राष्ट्रपति मुर्मु ने देशवासियों से आह्वान करते हुए कहा: 'आइए, देश प्रेम की इसी सर्व समावेशी भावना के साथ हम सब स्वतंत्र भारत को विकसित भारत बनाने की राष्ट्रीय-साधना में स्वयं को समर्पित करें।' यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूरे कर रहा है और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।