14 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राष्ट्रपति मुर्मु: 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर, 59 करोड़ जन धन खाताधारक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राष्ट्रपति मुर्मु: 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर, 59 करोड़ जन धन खाताधारक

सारांश

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मु का संबोधन महज़ रस्म नहीं था — यह उपलब्धियों का लेखा-जोखा था। 25 करोड़ लोगों की गरीबी से मुक्ति, 59 करोड़ जन धन खाते और दुनिया के आधे से अधिक रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन — ये आँकड़े भारत की बदलती तस्वीर पेश करते हैं।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 14 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया।
पिछले कुछ वर्षों में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए।
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग प्रणाली से जुड़े; इनमें 32 करोड़ से अधिक महिलाएँ।
आयुष्मान भारत के तहत 60 करोड़ लोगों को सालाना ₹5 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवरेज।
80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन के ज़रिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित।
दुनिया के रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन में आधे से अधिक भारत में होते हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 14 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश के वंचित वर्गों के उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जिसके परिणामस्वरूप 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी के दायरे से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस समय दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है।

वित्तीय समावेशन की बड़ी उपलब्धि

राष्ट्रपति मुर्मु ने बताया कि दुनिया के सबसे बड़े वित्तीय समावेशन कार्यक्रम 'प्रधानमंत्री जन धन योजना' के तहत अब तक करीब 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग प्रणाली से जुड़ चुके हैं। इनमें उल्लेखनीय बात यह है कि 32 करोड़ से अधिक खाताधारक महिलाएँ हैं — जो वित्तीय समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है। इसके साथ ही, 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराकर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में सहायता

राष्ट्रपति ने 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके अंतर्गत 60 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवरेज प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड ने खेती, डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों में लगे किसानों को सीधी आर्थिक सहायता दी है। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण आय और कृषि उत्पादकता दोनों पर दबाव बना हुआ था।

डिजिटल क्रांति में भारत की अग्रणी भूमिका

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा और बेहतरीन डिजिटल बुनियादी ढाँचा विकसित किया है। गौरतलब है कि अब छोटे ग्रामीण दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों के बीच भी डिजिटल भुगतान सामान्य हो गया है। उन्होंने रेखांकित किया कि दुनिया में होने वाले रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन में आधे से अधिक भारत में होते हैं — एक ऐसा आँकड़ा जो वैश्विक वित्तीय तकनीक में भारत की बढ़ती साख को दर्शाता है।

वैश्विक अनिश्चितता में भारत की आर्थिक रफ्तार

राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और अस्थिरता के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था के वैश्विक औसत विकास दर से दोगुने से अधिक की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुँचाया है। आलोचकों का कहना है कि इन आँकड़ों की स्वतंत्र सत्यापन प्रक्रिया और भी मज़बूत होनी चाहिए, ताकि लाभार्थियों तक योजनाओं की वास्तविक पहुँच का सटीक आकलन हो सके। आगे आने वाले वर्षों में इन योजनाओं की निरंतरता और विस्तार नीति-निर्माताओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी माप-पद्धति पर स्वतंत्र अर्थशास्त्रियों में बहस जारी है। जन धन और आयुष्मान भारत की पहुँच निर्विवाद रूप से विस्तृत हुई है, पर खाता सक्रियता और वास्तविक स्वास्थ्य सेवा उपयोग के आँकड़े अभी भी अधूरे हैं। डिजिटल लेनदेन में भारत की वैश्विक बढ़त वास्तविक है, किंतु इसका लाभ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से नहीं पहुँचा। स्वतंत्रता दिवस के भाषण उपलब्धियों को रेखांकित करने का अवसर होते हैं — असली कसौटी यह है कि क्या ये योजनाएँ दीर्घकालिक आय और जीवन-स्तर में मापनीय सुधार ला रही हैं।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति मुर्मु ने गरीबी उन्मूलन को लेकर क्या कहा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश के वंचित वर्गों के उत्थान को प्राथमिकता दी गई है और 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं। यह बयान उन्होंने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को दिए अपने संबोधन में दिया।
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक कितने खाते खुले हैं?
राष्ट्रपति मुर्मु के अनुसार, जन धन योजना के तहत अब तक करीब 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग प्रणाली से जुड़ चुके हैं, जिनमें 32 करोड़ से अधिक महिलाएँ हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय समावेशन कार्यक्रम बताया गया है।
आयुष्मान भारत योजना से कितने लोगों को स्वास्थ्य कवरेज मिल रही है?
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 60 करोड़ लोगों को हर साल ₹5 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवरेज उपलब्ध कराया जा रहा है। राष्ट्रपति ने इसे वंचित वर्गों के स्वास्थ्य सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
डिजिटल भुगतान के मामले में भारत की वैश्विक स्थिति क्या है?
राष्ट्रपति मुर्मु ने बताया कि दुनिया में होने वाले रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन में आधे से अधिक भारत में होते हैं। उन्होंने कहा कि अब छोटे ग्रामीण दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों के बीच भी डिजिटल भुगतान सामान्य हो गया है।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की अर्थव्यवस्था कैसी है?
राष्ट्रपति के अनुसार, दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और अस्थिरता के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था के वैश्विक औसत विकास दर से दोगुने से अधिक की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान है। भारत को इस समय दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 27 मिनट पहले
  2. 1 घंटा पहले
  3. 2 घंटे पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले