क्या राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को राष्ट्र को संबोधित करेंगी?

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क्या राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को राष्ट्र को संबोधित करेंगी?

सारांश

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण संकेत है। इस संबोधन में भारतीय सशस्त्र बलों की ताकत और आत्मनिर्भरता की कहानी भी सुनाई जाएगी। इस ऐतिहासिक अवसर को न चूकें!

Key Takeaways

  • राष्ट्रपति का संबोधन राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
  • ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों की एकता और दक्षता का प्रतीक है।
  • गणतंत्र दिवस परेड में सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया जाएगा।

नई दिल्ली, 24 जनवरी (आईएमएनएस)। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को राष्ट्र को संबोधित करेंगी। यह संबोधन आकाशवाणी के राष्ट्रीय नेटवर्क पर शाम 7 बजे से प्रसारित किया जाएगा और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर पहले हिंदी में और फिर अंग्रेजी में दिखाया जाएगा।

दूरदर्शन पर हिंदी और अंग्रेजी में संबोधन के प्रसारण के बाद, क्षेत्रीय चैनलों द्वारा इसे क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारित किया जाएगा। आकाशवाणी अपने क्षेत्रीय नेटवर्क पर रात 9:30 बजे से क्षेत्रीय भाषाओं में इसका प्रसारण करेगी।

इसके अलावा, भारतीय सशस्त्र बल 26 जनवरी को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान 'ऑपरेशन सिंदूर: संयुक्तता से विजय' शीर्षक से त्रिपक्षीय झांकी प्रस्तुत करेंगे। यह झांकी राष्ट्र के विकसित सैन्य सिद्धांत का एक सशक्त प्रतिनिधित्व होगी, जो सटीकता, एकीकरण और स्वदेशी श्रेष्ठता की ओर निर्णायक परिवर्तन का प्रतीक है। यह भारत की इस बात की पुष्टि है कि निर्णायक, संयुक्त और आत्मनिर्भर सैन्य शक्ति का युग आ चुका है।

प्रधानमंत्री के विजन से प्रेरित, ऑपरेशन सिंदूर ने आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत और विकसित भारत की ओर देश की अटूट यात्रा का उदाहरण पेश किया। यह झांकी तीनों सेनाओं के तालमेल के गतिशील चित्रण के जरिए इस कहानी को जीवंत करती है।

शुरुआती भाग में भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत को दिखाया गया है, जिसमें समुद्र पर नियंत्रण और दुश्मन को किसी भी ऑपरेशनल आजादी से रोकना शामिल है। यह भारतीय सेना के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है, जिसमें एम777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर की सटीक और सुनियोजित मारक क्षमता से शत्रु के इरादों को विफल कर दिया जाता है। इसके पीछे आकाश वायु रक्षा प्रणाली खड़ी है, जो भारत की बहुस्तरीय और एकीकृत वायु रक्षा कवच का प्रतीक है।

झांकी के केंद्र में हमले की कहानी सामने आती है, जो भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत के नए नॉर्मल को दिखाती है। एक हारोप मिसाइल ने दुश्मन के हवाई रक्षा रडार को नष्ट कर दिया, जो मानवरहित युद्ध में भारत की बढ़ती बढ़त को दर्शाता है। इसके बाद, स्कैल्प मिसाइलों से लैस एक राफेल विमान ने आतंकी ढांचे पर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। एसयू-30 एमकेआई ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल दागकर मजबूत विमान आश्रयों को नष्ट कर दिया, जिससे हमले की गति और तेज हो गई।

Point of View

बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति हमारे संकल्प को भी दर्शाता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन भारतीय लोगों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कब संबोधित करेंगी?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को शाम 7 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगी।
संबोधन का प्रसारण कहाँ होगा?
यह संबोधन आकाशवाणी के पूरे राष्ट्रीय नेटवर्क और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर प्रसारित किया जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर एक त्रिपक्षीय झांकी है जो भारतीय सशस्त्र बलों की ताकत और आत्मनिर्भरता को दर्शाती है।
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