क्या जम्मू-कश्मीर के कठुआ में फिर से आतंकवादियों का सामना कर रहे हैं सुरक्षाबल?
सारांश
Key Takeaways
- जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ अभियान जारी है।
- एक सुरक्षाकर्मी घायल हुआ है, लेकिन उसकी स्थिति नियंत्रण में है।
- अधिकारियों ने हवाई निगरानी का सहारा लिया है।
- सुरक्षा बल पूर्ण ताकत से ऑपरेशन चला रहे हैं।
- गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर सुरक्षा उच्चतम स्तर पर है।
जम्मू, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बिलावर तहसील के कहोग गांव में गुरुवार को आतंकवाद विरोधी अभियान पुनः आरंभ किया गया। इस दौरान आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच प्रारंभिक गोलीबारी में एक सुरक्षाकर्मी हल्के से घायल हो गया।
इस आतंकवाद विरोधी अभियान में जम्मू-कश्मीर पुलिस का स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी), सेना और सीआरपीएफ शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, "कहोग गांव में एसओजी के सर्च ऑपरेशन के दौरान छिपे आतंकवादियों ने एसओजी दल पर फायरिंग की। एक सुरक्षाकर्मी के पैर में गोली लगी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने बताया कि वह खतरे से बाहर हैं।"
अधिकारियों ने बताया, "कल शाम लगभग एक घंटे तक गोलीबारी होती रही। यह स्पष्ट नहीं है कि प्रारंभिक गोलीबारी में कोई आतंकवादी घायल हुआ या नहीं।"
आज सुबह होते ही धनु परोल-कमाध नाला जंगल क्षेत्र में ऑपरेशन फिर से शुरू किया गया। क्षेत्र में अतिरिक्त बल भेजे गए हैं और घने जंगलों में छिपे आतंकवादियों का पता लगाने के लिए हवाई निगरानी का भी उपयोग किया जा रहा है।
जम्मू जोन के पुलिस इंस्पेक्टर जनरल भीम सेन टूटी ने कहा कि अंधेरा, घनी झाड़ियाँ और कठिन इलाका होने के बावजूद सुरक्षा बल पूर्ण ताकत से ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि घेराबंदी को मजबूत करने के लिए सीआरपीएफ की टीमें भी इस संयुक्त ऑपरेशन में शामिल हो गई हैं। गोलीबारी एक घंटे से अधिक समय तक चली और फिर शांत हो गई। हालांकि, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि मुठभेड़ में कोई आतंकवादी घायल हुआ या मारा गया।
पुलिस, सेना, सीआरपीएफ और बीएसएफ समेत संयुक्त बलों ने कठुआ और आस-पास के क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी है।
बीएसएफ, पुलिस और विलेज डिफेंस गार्ड (वीडीजी) वाली बहु-स्तरीय सुरक्षा ग्रिड को भी आने वाले गणतंत्र दिवस समारोह को देखते हुए हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि बिलावर तहसील में आतंकवाद विरोधी अभियान जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है।