राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की महत्वपूर्ण उड़ान, जैसलमेर में ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर में हुई सवार

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की महत्वपूर्ण उड़ान, जैसलमेर में ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर में हुई सवार

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जैसलमेर में स्वदेशी हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भरकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह उड़ान आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Key Takeaways

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर में उड़ान भरी।
  • यह उड़ान आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक तकनीक से लैस है।
  • उड़ान में वायुसेना प्रमुख भी शामिल थे।
  • यह भारतीय सेनाओं की क्षमता का प्रतीक है।

नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत की सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि स्थापित करते हुए स्वदेश में निर्मित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में एक विशेष उड़ान भरी।

शुक्रवार, 27 फरवरी को राष्ट्रपति राजस्थान के जैसलमेर में थीं। यहां उन्होंने भारतीय वायुसेना के प्रमुख युद्धाभ्यास ‘वायुशक्ति’ की गवाह बनीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यहां पहुंचने पर स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में यह विशेष उड़ान भरी। इस अवसर पर वह फ्लाइंग हेलमेट और फ्लाइट ड्रेस में दिखाई दीं।

यह ध्यान देने योग्य है कि ‘प्रचंड’ हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक तकनीक से लैस है, जिसे विशेष रूप से कठिन युद्ध परिस्थितियों में संचालन के लिए तैयार किया गया है। यह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी उड़ान भरने में सक्षम है। राष्ट्रपति की यह उड़ान स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में देश की प्रगति का प्रतीक मानी जा रही है। राष्ट्रपति की उड़ान दो ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टरों के समूह के रूप में संचालित की गई।

दूसरे हेलिकॉप्टर में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह सवार रहे। भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित ‘वायु शक्ति 2026’ अभ्यास में विभिन्न लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर और उन्नत हथियार प्रणालियां अपनी मारक क्षमता और सटीकता का प्रदर्शन कर रही हैं। यह अभ्यास देश की वायु शक्ति, सामरिक तैयारी और पेशेवर दक्षता को प्रदर्शित करने का एक प्रमुख मंच है। राष्ट्रपति की यह ऐतिहासिक उड़ान सशस्त्र बलों के मनोबल को और सुदृढ़ करेगी।

यह स्वदेशी रक्षा उत्पादन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है। इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु दिसंबर महीने में भारतीय नौसेना की स्वदेशी निर्मित कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर पर सवार हुई थीं। यह यात्रा कर्नाटक के कारवार नौसैनिक अड्डे से शुरू की गई थी और यह भारतीय नौसेना की क्षमता तथा आत्मनिर्भर भारत के रक्षा निर्माण कार्यक्रम का एक सशक्त प्रतीक थी।

राष्ट्रपति को पनडुब्बी की परिचालन क्षमता, स्टील्थ फीचर्स और हथियार प्रणालियों से अवगत कराया गया। यह दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक था। दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का कलवरी क्लास की पनडुब्बी पर यह पहला दौरा था। भारतीय इतिहास में ऐसा करने वाली वह दूसरी राष्ट्रपति हैं। इससे पहले, पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने एक पनडुब्बी पर उड़ान भरी थी। अक्टूबर में, राष्ट्रपति ने वायुसेना के लड़ाकू विमान ‘राफेल’ में उड़ान भरी थी, जिससे उन्होंने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।

इस दौरान राष्ट्रपति ने फाइटर पायलट सूट और अन्य सभी आवश्यक उपकरण भी पहने थे। यह कोई पहला अवसर नहीं था जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भारतीय वायुसेना के किसी फाइटर जेट में सवार हुईं। पहले, उन्होंने 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन पर सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी।

उस समय, उन्होंने भारतीय वायुसेना के पायलटों के साथ अनुभव साझा करते हुए वायुसेना की दक्षता, अनुशासन और समर्पण की सराहना की थी। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल, सुखोई-30, नौसेना की पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर और अब स्वदेश में निर्मित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में राष्ट्रपति की यह उड़ान भारतीय सेनाओं की आधुनिकता, क्षमता और आत्मनिर्भर भारत के रक्षा प्रयासों का प्रतीक है।

शुक्रवार को राष्ट्रपति मुर्मु ने जब प्रचंड हेलीकॉप्टर में उड़ान भरी, तो वहां वायुसेना प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस सॉर्टी के माध्यम से राष्ट्रपति ने भारतीय वायुसेना के पराक्रम, तकनीकी दक्षता और वायुशक्ति को सलाम किया।

Point of View

बल्कि यह भारतीय सेनाओं की तकनीकी प्रगति और सामरिक तैयारी को भी दर्शाता है।
NationPress
27/02/2026

Frequently Asked Questions

राष्ट्रपति ने किस हेलीकॉप्टर में उड़ान भरी?
राष्ट्रपति ने स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भरी।
यह उड़ान कब हुई?
यह उड़ान 27 फरवरी को जैसलमेर में हुई।
यह उड़ान किसके साथ थी?
दूसरे हेलिकॉप्टर में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह सवार थे।
‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर की विशेषताएं क्या हैं?
‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर को कठिन युद्ध परिस्थितियों में संचालन के लिए तैयार किया गया है।
राष्ट्रपति की इस उड़ान का महत्व क्या है?
यह उड़ान आत्मनिर्भर भारत की दिशा में देश की प्रगति और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का प्रतीक है।
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