एनसीआर में तेज हवाओं के चलते वायु गुणवत्ता में सुधार, अधिकांश क्षेत्र येलो जोन में पहुंचे
सारांश
Key Takeaways
- एनसीआर में प्रदूषण का स्तर घटा है।
- कई क्षेत्र येलो जोन में पहुंचे हैं।
- तेज हवाओं ने वायु गुणवत्ता में सुधार किया है।
- निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
नोएडा, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पिछले 24 घंटों के दौरान तेज हवाओं ने वायु गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में प्रदूषण के स्तर में कमी आई है और कई क्षेत्रों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) अब येलो जोन यानी 'मध्यम' श्रेणी में पहुंच चुका है।
आंकड़ों के अनुसार, एनसीआर के लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र वर्तमान में येलो जोन में सूचीबद्ध हैं, जिससे निवासियों को कुछ राहत मिली है। गाजियाबाद में यूपीपीसीबी के चारों सक्रिय स्टेशनों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इंदिरापुरम में 202, लोनी में 247, संजय नगर में 167 और वसुंधरा में 192 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में अलीपुर - 196, आनंद विहार - 284, अशोक विहार - 192, आया नगर - 163, बवाना - 213, बुराड़ी क्रॉसिंग - 178, चांदनी चौक - 203, सीआरआरआई मथुरा रोड - 174, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज - 169 और डीटीयू - 145 एक्यूआई दर्ज किया गया। इनमें से अधिकांश क्षेत्रों का एक्यूआई 150 से 200 के बीच है, जो येलो जोन में आता है। हालांकि आनंद विहार में 284 के साथ स्थिति अपेक्षाकृत खराब बनी हुई है।
नोएडा में भी सुधार देखने को मिल रहा है। सेक्टर-62 में 146, सेक्टर-1 में 139 और सेक्टर-116 में 151 एक्यूआई दर्ज किया गया है। यहां भी अधिकांश क्षेत्र मध्यम श्रेणी में हैं, जिससे निवासियों को राहत महसूस हो रही है। मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार, 27 फरवरी से 1 मार्च तक अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। सुबह के समय धुंध (मिस्ट) की स्थिति बनी रह सकती है। विभाग ने पूरे सप्ताह किसी बड़े बदलाव या चेतावनी से इनकार किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेज हवाओं की वजह से प्रदूषक कणों का फैलाव हुआ है, जिससे वायु गुणवत्ता में अस्थायी सुधार आया है। यदि हवाओं की गति बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में भी स्थिति संतुलित रह सकती है। हालांकि, नागरिकों को सतर्क रहने और प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।