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राज्यसभा सचिवालय के सचिव बने डॉ. केएस सोमशेखर, जानिए उनके अनुभव

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राज्यसभा सचिवालय के सचिव बने डॉ. केएस सोमशेखर, जानिए उनके अनुभव

सारांश

डॉ. केएस सोमशेखर को राज्यसभा सचिवालय में सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति शनिवार से प्रभावी है। जानें उनके अनुभव और शिक्षा के बारे में।

मुख्य बातें

केएस सोमशेखर की नियुक्ति राज्यसभा सचिवालय में हुई है।
उन्हें संसदीय कार्यप्रणाली का व्यापक अनुभव है।
उन्होंने विभिन्न देशों में संसदीय प्रक्रियाओं के प्रशिक्षण प्राप्त किए हैं।
उनकी बहुभाषी दक्षता राज्यसभा में संवाद को और सशक्त बनाएगी।
राज्यसभा का बजट सत्र उत्पादकता के मामले में सफल रहा है।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। डॉ. केएस सोमशेखर को राज्यसभा सचिवालय में सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति शनिवार से प्रभावी हो गई है। डॉ. सोमशेखर की यह नियुक्ति राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन द्वारा की गई है।

डॉ. सोमशेखर ने 1993 में राज्यसभा सचिवालय के साथ अपने कार्यकाल की शुरुआत की थी और इस दौरान उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिनमें अतिरिक्त सचिव, संयुक्त सचिव और निदेशक शामिल हैं।

राज्यसभा सचिवालय के अनुसार, डॉ. सोमशेखर को संसदीय कार्यप्रणाली, व्याख्या, प्रशासनिक प्रबंधन और विभिन्न संसदीय समितियों के कार्यों का विस्तृत अनुभव है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कर्नाटक की राज्य सरकार में भी उच्च पदों पर सेवाएं दी हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनका अनुभव उल्लेखनीय है।

राज्यसभा सचिवालय ने बताया कि डॉ. सोमशेखर ने विभिन्न संसदीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है और उन्होंने यूनाइटेड किंगडम तथा यूरोपीय संघ में संसदीय प्रक्रियाओं पर विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

इस नियुक्ति की जानकारी देते हुए राज्यसभा सचिवालय ने बताया कि डॉ. सोमशेखर ने अंतर संसदीय संघ (आईपीयू) की जिनेवा में आयोजित बैठकों में भी सक्रिय भागीदारी की है, जिससे उन्हें वैश्विक संसदीय कार्यप्रणाली की गहरी समझ प्राप्त हुई है।

शैक्षणिक योग्यता के संदर्भ में, डॉ. सोमशेखर ने साहित्य में पीएचडी की है। इसके अलावा, वह कन्नड़, हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में दक्ष हैं। यह बहुभाषी योग्यता उन्हें प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ संसदीय संवाद में भी विशेष रूप से सक्षम बनाती है।

माना जा रहा है कि डॉ. सोमशेखर का यह व्यापक प्रशासनिक और शैक्षणिक अनुभव राज्यसभा सचिवालय के कार्यों को और भी प्रभावी, सुव्यवस्थित और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

गौरतलब है कि संसद का बजट सत्र शनिवार को समाप्त हुआ है, जो राज्यसभा का 270वां सत्र था। इस सत्र में राज्यसभा की उत्पादकता 109.87 प्रतिशत रही, जबकि कुल 157 घंटे 40 मिनट कार्य किया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राज्यसभा सचिवालय की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाएगा। उनका अनुभव और बहुभाषीय दक्षता संसदीय संवाद में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. केएस सोमशेखर की नियुक्ति कब हुई?
डॉ. केएस सोमशेखर की नियुक्ति 18 अप्रैल को हुई और यह शनिवार से प्रभावी हो गई।
डॉ. सोमशेखर ने कितने वर्षों तक राज्यसभा सचिवालय में काम किया?
डॉ. सोमशेखर ने 1993 से राज्यसभा सचिवालय में कार्य करना शुरू किया है।
डॉ. सोमशेखर की शैक्षणिक योग्यता क्या है?
डॉ. सोमशेखर ने साहित्य में पीएचडी की है।
उन्होंने किन भाषाओं में दक्षता हासिल की है?
डॉ. सोमशेखर कन्नड़ , हिंदी , अंग्रेजी , तेलुगु और तमिल भाषाओं में दक्ष हैं।
राज्यसभा का उत्पादकता प्रतिशत क्या था?
राज्यसभा की उत्पादकता 109.87 प्रतिशत रही।
राष्ट्र प्रेस
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